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Gorakhpur: गोरखपुर में बवाल के डर से भोर में ही वितरित हो रही खाद, पिछले साल की तुलना में कम आई है DAP
Sun, 20 Nov 2022 02:46 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 20 Nov 2022 02:46 PM IST
सार
पिछले साल 26 नवंबर तक 19500 मीट्रिक टन डीएपी खाद जिले में आई थी। तब इतनी किल्लत नहीं हुई थी। इस साल 19 नवंबर तक 12850 एमटी डीएपी जिले में आई है। जो पिछले साल की तुलनाम में 6660 एमटी कम है।
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गोरखपुर खाद।
- फोटो : विवेक शुक्ला।
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विस्तार
जैसे-जैसे समय बीत रहा है वैसे ही रबी की बुवाई तेज होती जा रही है। लेकिन, खाद की किल्लत के करण किसान परेशान हैं। बाजार में खाद उपलब्ध नहीं है। जिस दुकानदार के पास खाद है वह किसानों से अधिक मूल्य ले रहे हैं। वहीं, समितियों पर यदि खाद पहुंच रही है तो वहां सचिव भोर में वितरण शुरू करा दे रहे हैं। उन्हें दिन में भीड़ अधिक होने पर बवाल का डर सता रहा है।
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पिछले साल 26 नवंबर तक 19500 मीट्रिक टन डीएपी खाद जिले में आई थी। तब इतनी किल्लत नहीं हुई थी। इस साल 19 नवंबर तक 12850 एमटी डीएपी जिले में आई है। जो पिछले साल की तुलनाम में 6660 एमटी कम है।
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हालांकि पिछले साल की तुलना में अभी एक सप्ताह का समय बाकी है। कृषि अधिकारी का कहना है कि एक सप्ताह में दो रैक खाद अभी और मिलने वाली है। उसमें दो हजार एमटी से अधिक खाद मिलेगी।
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गगहा ब्लॉक के रियांव गांव के बडे़ किसान अरविंद शाही का कहना है कि नवंबर के अंत तक अधिकतर किसान अपने खेतों की बुवाई कर देते हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि नवंबर महीने में अधिक से अधिक खाद की आपूर्ति करे। अन्यथा किसान इसी तरह से खाद के लिए भटकते रहेंगे और बिचौलिए उनसे मनमानी कीमत वसूलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यदि सचमुच किसानों की हितैषी है तो वह किसानों को समय से खाद बीज उपलब्ध कराए। अन्यथा किसान जब बदहाल होगा तो उसका खामियाजा सबको भुगतना पड़ेगा।
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल खाद कम जो आंकड़ा है वह 26 नवंबर का है। अभी जनपद में कई रैक डीएपी की आ रही है। पिछले साल के बराबर इस साल भी खाद की आपूर्ति इस महीने में हो जाएगी। किसान परेशान न हों। वह ब्लैक में खाद न खरीदें। थोड़ा धैर्य रखें, निर्धारित मूल्य पर खाद मिलेगी। लगातार डीएपी की रैक आ रही है।