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किसानों ने असम भेजा 210.5 टन आलू
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किसानों ने असम भेजा 210.5 टन आलू
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे की पहली किसान एक्सप्रेस सुबह 12 बजे गोरखपुर पहुंची जहां से स्टाफ बदलने के बाद बृहस्पतिवार को एक्सप्रेस असम के बिहरा के लिए रवाना हो गई। इस ट्रेन से किसानों ने महज 5.6 लाख रुपये में 210.05 टन आलू असम भेजा है। जबकि यहीं के लिए इसी वजन के आलू के लिए ट्रक से करीब नौ लाख रुपये किराया देना पड़ता था।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह पूर्वोत्तर रेलवे से पहली किसान सेवा है। हम किसानों को बेहतर सेवा देने के लिए यह ट्रेन चला रहे हैं। पहली सेवा फर्रूखाबाद से बिहरा के लिए चलाई गई है। बताया कि ट्रेन से कम समय में उत्पाद सही जगह पर पहुंच जाएगा। इससे किसानों की फसल नहीं खराब होगी। अब तक एनईआर से कोई किसान स्पेशल सेवा नहीं थी। एनईआर ने इसे चलाने के लिए दो महीने पहले बोर्ड को प्रस्ताव दिया था जिसपर बोर्ड ने मुहर लगा दी है।
जनरल कोच में हो रही है लोडिंग
किसानों और माल मंगाने वाले व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। किसानों द्वारा बुक कराए जाने वाले उत्पाद जनरल कोच में रखे जाएंगे। यह कोच हवादार होते हैं जिससे आलू-प्याज या अन्य किसी भी खाद्य उत्पाद के खराब हो जाने का डर नहीं रहता है। रेल मंत्रालय द्वारा किसानों द्वारा पैदा की जाने वाली सब्जियों को उनके मनचाहे शहर तक पहुंचाने के लिए एक साल पहले किसान एक्सप्रेस सेवा की शुरुआत की गई थी। उसी क्रम में बोर्ड ने एनईआर रेलवे को भी किसान स्पेशल चलाने की मंजूरी दी है।
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गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे की पहली किसान एक्सप्रेस सुबह 12 बजे गोरखपुर पहुंची जहां से स्टाफ बदलने के बाद बृहस्पतिवार को एक्सप्रेस असम के बिहरा के लिए रवाना हो गई। इस ट्रेन से किसानों ने महज 5.6 लाख रुपये में 210.05 टन आलू असम भेजा है। जबकि यहीं के लिए इसी वजन के आलू के लिए ट्रक से करीब नौ लाख रुपये किराया देना पड़ता था।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह पूर्वोत्तर रेलवे से पहली किसान सेवा है। हम किसानों को बेहतर सेवा देने के लिए यह ट्रेन चला रहे हैं। पहली सेवा फर्रूखाबाद से बिहरा के लिए चलाई गई है। बताया कि ट्रेन से कम समय में उत्पाद सही जगह पर पहुंच जाएगा। इससे किसानों की फसल नहीं खराब होगी। अब तक एनईआर से कोई किसान स्पेशल सेवा नहीं थी। एनईआर ने इसे चलाने के लिए दो महीने पहले बोर्ड को प्रस्ताव दिया था जिसपर बोर्ड ने मुहर लगा दी है।
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जनरल कोच में हो रही है लोडिंग
किसानों और माल मंगाने वाले व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। किसानों द्वारा बुक कराए जाने वाले उत्पाद जनरल कोच में रखे जाएंगे। यह कोच हवादार होते हैं जिससे आलू-प्याज या अन्य किसी भी खाद्य उत्पाद के खराब हो जाने का डर नहीं रहता है। रेल मंत्रालय द्वारा किसानों द्वारा पैदा की जाने वाली सब्जियों को उनके मनचाहे शहर तक पहुंचाने के लिए एक साल पहले किसान एक्सप्रेस सेवा की शुरुआत की गई थी। उसी क्रम में बोर्ड ने एनईआर रेलवे को भी किसान स्पेशल चलाने की मंजूरी दी है।
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