इस पौधे को लगाकर किसान बढ़ा सकते हैं आय, इस खास प्रजाति का करें चयन
अमरूद की खेती में रुचि रखने वाले किसान उन्नति प्रजातियों के पौधे को लगाकर न सिर्फ प्रगतिशील खेती कर सकते हैं बल्कि अपनी आय को भी बढ़ा सकते हैं। इसके लिए उन्हें बेहतर प्रजाति के चयन का ध्यान रखना होगा। यदि किसान इस पर ध्यान दें तो जहां दो से तीन बार फल प्राप्त कर लेंगे वहीं आर्थिक रुप से वह उनके लिए काफी सहायक होगा।
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की जलवायु कृषि के मुताबिक अत्यंत उपयुक्त हैं। खाद्य सामग्री, फल व सब्जियों से जुड़कर किसान अपने आवश्यक कार्य को पूरा करते हैं। धान-गेहूं व सब्जियों की तरह यदि किसान अमरूद फल के खेती से जुड़ जाएं तथा अच्छे प्रजाति का चयन करें तो खाने के साथ-साथ व्यवसायिक दृष्टि से यह अत्यंत कारगर सिद्ध होगा।
जिले में अभी तक सामान्यतः चित्तीदार, श्वेता, इलाहाबाद सफेदा आदि प्रजाति के पौधे किसान खाने के लिए लगाता है। व्यवसायिक रुप से किसान इसके लिए जागरुक नहीं दिखते। अमरूद की खेती के लिहाज से अच्छे मौसम को देखते हुए उद्यान विभाग के जिम्मेदारों ने इच्छुक किसानों को लखनऊ 49 व ललित प्रजाति के अमरूद के पौधे लगाने को कहा है।
एक बार में प्रति हेक्टेयर एक क्विंटल तक है उत्पादन
इन पौधों को लगाकर किसान जहां दो से तीन बार फल प्राप्त कर लेंगे वहीं एक बार की मेहनत से दो से तीन बार आय हो सकेगा। प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी विकास श्रीनेत ने बताया कि अमरूद की खेती के इच्छुक लोगों को बढ़ावा देने के लिए विभाग तत्पर है। किसानों के मांग के अनुरुप बीज की उपलब्धता व तकनीकी जानकारी भी मुहैया कराई जाएगी।
प्रभारी डीएचओ ने बताया कि लखनऊ 49 व ललित प्रजाति अमरूद के पौधे से प्रति हेक्टेयर 70 किलो से एक क्विंटल तक एक बार में फल का उत्पादन प्राप्त होता है।