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यूपी: सात साल पहले गोरखपुर में पकड़ा गया था अंशुल, फायरिंग में बाल-बाल बचे थे ये अधिकारी

Fri, 14 May 2021 01:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 14 May 2021 01:46 PM IST
सार

सीएमओ विनोद आर्या के बहुचर्चित हत्याकांड का आरोपी शूटर अंशु दीक्षित को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के 10 नंबर बोरिंग से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

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famous criminal Anshu Dixit accused of CMO murder case arrested in Gorakhpur in 2014 by STF
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

चित्रकूट जेल में गोली मारकर दो कैदियों की हत्या करने का आरोपी अंशुल दीक्षित को 2014 में गोरखपुर एसटीएफ ने दबोचा था। उस समय सीएमओ विनोद आर्या के बहुचर्चित हत्याकांड का आरोपी शूटर अंशुल दीक्षित को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के 10 नंबर बोरिंग से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र नेता विनोद त्रिपाठी की भी हत्या का आरोप है।
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बदमाश पर जीआरपी सीतापुर ने पांच हजार जबकि भोपाल मध्य प्रदेश की पुलिस ने दस हजार का इनाम घोषित किया था। इसके बाद एसटीएफ ने बदमाश के कब्जे से एक पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस और फर्जी आईडी प्रूफ बरामद किया था। एसटीएफ की पूछताछ में अंशुल ने स्वीकार किया था कि वह सीतापुर के एमएलसी भरत त्रिपाठी और उनके बेटे परीक्षित त्रिपाठी की हत्या के लिए साथियों की तलाश करने के लिए गोरखपुर आया था।
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बाल-बाल बचे थे सीओ एसटीएफ और प्रभारी

अंशुल द्वारा की गई फायरिंग में तत्कालीन सीओ एसटीएफ विकास चंद्र त्रिपाठी, कांस्टेबल अनूप कुमार, एसआई सत्य प्रकाश सिंह और हेड कांस्टेबल भानू प्रताप सिंह बाल-बाल बच गए। पुलिस टीम ने तलाशी के दौरान एक पिस्टल, चार खोखा, दो जिंदा कारतूस, एक तमंचा, एक खोखा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किया था। पुलिस को बदमाश ने अपना नाम अंशुल उर्फ सुमित दीक्षित पुत्र जगदीश प्रसाद दीक्षित, कुड़राबनी थाना मानपुर जिला सीतापुर बताया था।

अंशुल के पास मिले थे कई पहचान-पत्र
अंशुल के पास लिवाइस का पर्स मिला था। इसमें स्टेट बैंक का वीजा कार्ड था, जिस पर पूजा अंकित था और उसका नंबर 4591510105489830 था। एक ग्रीन कार्ड मिला था, जिस पर आदित्य मिश्रा पुत्र जगदीश मिश्रा मकान संख्या 24 रामनाथ देवरिया अंकित था।

एक आधार कार्ड जिस पर आदित्य मिश्रा निवासी 299/2 ए साकेत नगर टुजुर भोपाल, मध्य प्रदेश लिखा था। इसके अतिरिक्त पिपराइच के उनवल दोयम गांव के पते पर आदित्य मिश्रा पुत्र जगदीश मिश्रा के नाम पर वोटर कार्ड मिला था। सभी पर अंशुल दीक्षित की ही फोटो लगी हुई थी।
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