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गोरखपुर मेडिकल कॉलेज: वेंटिलेटर नहीं मिलने से मरीज की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

Thu, 22 Jun 2023 01:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 22 Jun 2023 01:34 PM IST
सार

नेहरू अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेश राय ने कहा कि मरीज का ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में किया गया था। डॉक्टर ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन मरीज की हालत ज्यादा गंभीर हो गई और मौत हो गई। लापरवाही का आरोप पूरी तरह से गलत है। 

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Family uproar over patient death due to non-availability of ventilator in BRD
BRD - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में भर्ती एक महिला की वेंटिलेटर नहीं मिलने से बुधवार की रात में मौत हो गई। मौत के बाद भड़के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने महिला के परिजनों को समझा बुझाकर शांत करा दिया और फिर शव लेकर परिजन घर चले गए। पुलिस ने किसी भी शिकायत से इनकार किया है।

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जानकारी के मुताबिक, महराजगंज के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल छातीराम निवासी शीतला जायसवाल ने पेट में दिक्कत होने पर पत्नी सुनीता जायसवाल (45) को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। सर्जरी विभाग में सुनीता का ऑपरेशन हुआ। परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद से तबीयत में सुधार होने की जगह बिगड़ने लगी। जिसके बाद डॉक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर 17 पर भर्ती कराया था।
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बुधवार की शाम महिला को सांस लेने की दिक्कत होने लगी। परिजनों ने डॉक्टरों से संपर्क कर सांस की दिक्कत बताई। डॉक्टर ने मरीज की जांच करके वेंटिलेटर की जरूरत बताई। लेकिन, वेंटिलेटर खाली न होने का हवाला देते हुए मरीज को आईसीयू में नहीं शिफ्ट किया गया।

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वहीं, रात में सुनीता की हालत बिगड़ती गई और रात करीब आठ बजे उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि अगर समय से वेंटिलेटर मिल गया होता और इलाज बेहतर होता तो जान बच गई होती।

नेहरू अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेश राय ने कहा कि मरीज का ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में किया गया था। डॉक्टर ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन मरीज की हालत ज्यादा गंभीर हो गई और मौत हो गई। लापरवाही का आरोप पूरी तरह से गलत है।  

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