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गोरखपुर: मौत के साए में रह रहे 31 रेलकर्मियों के परिवार, जर्जर हो चुकी है कॉलोनियां
Wed, 19 Jan 2022 01:53 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 19 Jan 2022 01:53 PM IST
सार
पूवोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि जटेपुर रेलवे कॉलोनी में जर्जर आवास में कर्मचारी रह रहे हैं। कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। कॉलोनी में कई आवास खाली पड़े हैं
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गोरखपुर जटेपुर रेलवे कॉलोनी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में जटेपुर रेलवे कॉलोनी में 31 रेलकर्मियों के परिवार जर्जर हो चुके आवास में हर पल मौत के साए में जी रहे हैं। रेल प्रशासन ने आवास खाली करने के लिए दो महीने पहले रेलकर्मियों को पत्र भी भेजा है। रेलकर्मियों का कहना है कि कॉलोनी में अच्छे आवास भी हैं, लेकिन उन्हें रहने के लिए आवंटित नहीं किया जा रहा है।
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पिछले साल इसी कॉलोनी में बारिश के समय एक आवास की छत गिर गई थी। संयोग ही था कि उस वक्त घर के लोग गांव गए थे। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने कॉलोनी के जर्जर आवासों को चिह्नित कराया। 31 जर्जर आवास मिले।
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इन आवासों की दीवार में दरारें हैं, तो कुछ की छतों से प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। सभी आवास टाइप-टू के हैं। रेलकर्मियों का कहना है कि जो भी आवास आवंटित किए जाएं, उनकी ठीक से मरम्मत कराई जाए।
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पूवोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि जटेपुर रेलवे कॉलोनी में जर्जर आवास में कर्मचारी रह रहे हैं। कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। कॉलोनी में कई आवास खाली पड़े हैं। रेलकर्मियों को नए आवास तत्काल आवंटित किए जाएं। बंद पड़े अन्य आवासों को शॉपिंग सेंटर बनाकर रेलकर्मियों के बच्चों और आश्रितों को आवंटित किया जाए।