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Gorakhpur News: जुलाई से लिंक एक्सप्रेस वे पर भरिए फर्राटा, साढ़े तीन घंटे में पहुंचेंगे लखनऊ
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गोरखपुर।
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से गोरखपुर को जोड़ने वाले 91 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेस वे पर जुलाई से लोग फर्राटा भर सकेंगे। इसका करीब 97 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 31 जुलाई तक एक्सप्रेस वे से जुड़े सभी काम पूरे हो जाएंगे। इस़के बनने से गीडा के जैतपुर से लखनऊ मात्र साढ़े तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही आजमगढ़ की यात्रा भी सुगम हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के बनने से न सिर्फ गोरखपुर बल्कि अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ जिलों को भी काफी फायदा होगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे गीडा के ग्राम जैतपुर से प्रारंभ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर जनपद आजमगढ़ के सालारपुर में समाप्त होगा। 91 किमी लंबे एक्सप्रेस वे में आजमगढ़ की ओर 43 किमी सड़क पूरी तरह बन गई है, जबकि फेज दो में गोरखपुर की ओर 48 किमी का कार्य अंतिम चरण में है। इस एक्सप्रेस वे के शुरू होने से गोरखपुर क्षेत्र, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ जाएगा। यूपी एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के अनुसार, एक माह में गोरखपुर लिंग एक्सप्रेस वे का मेन कैरिज वे यानी फोरलेन तैयार हो जाएगा, जबकि 31 जुलाई तक एक्सप्रेस वे के सभी कार्य पूरे हो जाएंगे।
यूपीडा के अफसरों के अनुसार, यह सड़क 4-5 मीटर ऊंची है इसलिए स्थानीय लोगों की आवश्यकता के अनुसार इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं, जहां टोल प्लाजा भी होगा। खजनी, सिकरीगंज, बालाघाट शंकरगंज सहित अन्य स्थानों पर इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। अफसरों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित 341 संरचनाओं में से 337 बन चुके हैं। 91.352 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे की कुल लागत 5876.67 करोड़ रुपये (भूमि अधिग्रहण पर व्यय समेत) है। एक्सप्रेस वे में 30 अंडरपास, 390 पुल पुलिया बनी है, जबकि दोनों ओर के सर्विस लेन की लंबाई 130 किमी है। मालूम हो कि दो दिन पूर्व गोरखपुर के कमिश्नर अनिल ढींगरा ने बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इस माह के अंत तक लिंक एक्सप्रेसवे का काम पूर्ण करने के निर्देश दिए थे।
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ढाई मीटर ऊंची होगी फेंसिंग
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में ढाई मीटर ऊंची फेंसिंग होगी, जिसमें अवैध कट से अनधिकृत प्रवेश या जानवरों के अचानक आने का जोखिम नहीं रहेगा। यूपीडा ने सिक्सलेन के लिए जमीन का अधिग्रहण किया, जबकि फोरलेन बनाया गया है। दोनों ओर बचे हुए एक-एक लेन की जगह में पौधरोपण होंगे, जिससे हरियाली होगी।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के मेन कैरिज वे का कार्य 30 जून तक पूरा हो जाएगा, जबकि 31 जुलाई तक फेंसिंग, पौधरोपण, सर्विस लेन सहित अन्य सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। इसमें स्थानीय लोगों की सुविधा के अनुसार इंटरचेंज, अंडरपास एवं पुल-पुलिया भी बनाए गए हैं।
पीपी वर्मा, एक्सईएन, यूपीडा
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पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से गोरखपुर को जोड़ने वाले 91 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेस वे पर जुलाई से लोग फर्राटा भर सकेंगे। इसका करीब 97 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 31 जुलाई तक एक्सप्रेस वे से जुड़े सभी काम पूरे हो जाएंगे। इस़के बनने से गीडा के जैतपुर से लखनऊ मात्र साढ़े तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही आजमगढ़ की यात्रा भी सुगम हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के बनने से न सिर्फ गोरखपुर बल्कि अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ जिलों को भी काफी फायदा होगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे गीडा के ग्राम जैतपुर से प्रारंभ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर जनपद आजमगढ़ के सालारपुर में समाप्त होगा। 91 किमी लंबे एक्सप्रेस वे में आजमगढ़ की ओर 43 किमी सड़क पूरी तरह बन गई है, जबकि फेज दो में गोरखपुर की ओर 48 किमी का कार्य अंतिम चरण में है। इस एक्सप्रेस वे के शुरू होने से गोरखपुर क्षेत्र, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ जाएगा। यूपी एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के अनुसार, एक माह में गोरखपुर लिंग एक्सप्रेस वे का मेन कैरिज वे यानी फोरलेन तैयार हो जाएगा, जबकि 31 जुलाई तक एक्सप्रेस वे के सभी कार्य पूरे हो जाएंगे।
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यूपीडा के अफसरों के अनुसार, यह सड़क 4-5 मीटर ऊंची है इसलिए स्थानीय लोगों की आवश्यकता के अनुसार इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं, जहां टोल प्लाजा भी होगा। खजनी, सिकरीगंज, बालाघाट शंकरगंज सहित अन्य स्थानों पर इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। अफसरों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित 341 संरचनाओं में से 337 बन चुके हैं। 91.352 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे की कुल लागत 5876.67 करोड़ रुपये (भूमि अधिग्रहण पर व्यय समेत) है। एक्सप्रेस वे में 30 अंडरपास, 390 पुल पुलिया बनी है, जबकि दोनों ओर के सर्विस लेन की लंबाई 130 किमी है। मालूम हो कि दो दिन पूर्व गोरखपुर के कमिश्नर अनिल ढींगरा ने बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इस माह के अंत तक लिंक एक्सप्रेसवे का काम पूर्ण करने के निर्देश दिए थे।
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ढाई मीटर ऊंची होगी फेंसिंग
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में ढाई मीटर ऊंची फेंसिंग होगी, जिसमें अवैध कट से अनधिकृत प्रवेश या जानवरों के अचानक आने का जोखिम नहीं रहेगा। यूपीडा ने सिक्सलेन के लिए जमीन का अधिग्रहण किया, जबकि फोरलेन बनाया गया है। दोनों ओर बचे हुए एक-एक लेन की जगह में पौधरोपण होंगे, जिससे हरियाली होगी।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के मेन कैरिज वे का कार्य 30 जून तक पूरा हो जाएगा, जबकि 31 जुलाई तक फेंसिंग, पौधरोपण, सर्विस लेन सहित अन्य सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। इसमें स्थानीय लोगों की सुविधा के अनुसार इंटरचेंज, अंडरपास एवं पुल-पुलिया भी बनाए गए हैं।
पीपी वर्मा, एक्सईएन, यूपीडा