{"_id":"6a21eb5295674993b30c1fc5","slug":"experts-expressed-concern-over-environmental-imbalance-in-a-lecture-organized-at-brd-medical-college-gorakhpur-news-c-7-gkp1062-1343556-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: देश में प्रति व्यक्ति सिर्फ 28 पेड़ बचे, यूपी में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: देश में प्रति व्यक्ति सिर्फ 28 पेड़ बचे, यूपी में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
विज्ञापन
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पर्यावरण संरक्षण प्रकल्प के राष्ट्रीय संयोजक राकेश जैन ने कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति औसतन केवल 28 पेड़ ही शेष रह गए हैं। गोबर से बने शेष गमलों के माध्यम से प्रदेश में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने देश में तेजी से घटते हरित आवरण और पर्यावरणीय असंतुलन को लेकर गंभीर चिंता जताई। बताया कि इस मामले में भारत के पड़ोसी देशों की स्थिति बेहतर है। चीन में प्रति व्यक्ति लगभग 250 और पाकिस्तान में 160 पेड़ उपलब्ध हैं। बेल्जियम जैसे छोटे देश में भी प्रति व्यक्ति करीब आठ हजार पेड़ मौजूद हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ को देश का सबसे हरित राज्य बताते हुए कहा कि वहां 44 प्रतिशत भूमि वनस्पतियों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि वृक्ष ही ऑक्सीजन के प्रमुख स्रोत हैं और हरियाली में लगातार कमी मानव जीवन के लिए खतरे की घंटी है। बताया कि विश्व में सर्वाधिक ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले देशों में कनाडा अग्रणी है, जहां प्रति व्यक्ति औसतन 10 हजार पेड़ हैं।
कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने प्रदेश में एक करोड़ मोरिंगा पौधे लगाने की योजना की जानकारी दी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए देश के कम से कम 30 प्रतिशत भूभाग का हरित होना आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने देश में तेजी से घटते हरित आवरण और पर्यावरणीय असंतुलन को लेकर गंभीर चिंता जताई। बताया कि इस मामले में भारत के पड़ोसी देशों की स्थिति बेहतर है। चीन में प्रति व्यक्ति लगभग 250 और पाकिस्तान में 160 पेड़ उपलब्ध हैं। बेल्जियम जैसे छोटे देश में भी प्रति व्यक्ति करीब आठ हजार पेड़ मौजूद हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ को देश का सबसे हरित राज्य बताते हुए कहा कि वहां 44 प्रतिशत भूमि वनस्पतियों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि वृक्ष ही ऑक्सीजन के प्रमुख स्रोत हैं और हरियाली में लगातार कमी मानव जीवन के लिए खतरे की घंटी है। बताया कि विश्व में सर्वाधिक ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले देशों में कनाडा अग्रणी है, जहां प्रति व्यक्ति औसतन 10 हजार पेड़ हैं।
विज्ञापन
कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने प्रदेश में एक करोड़ मोरिंगा पौधे लगाने की योजना की जानकारी दी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए देश के कम से कम 30 प्रतिशत भूभाग का हरित होना आवश्यक है।
विज्ञापन