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Gorakhpur News: एक्सईएन पर कूटरचित बिजली बिल तैयार करने का आरोप

Thu, 16 Feb 2023 03:06 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 16 Feb 2023 03:06 PM IST
सार

चौरीचौरा खंड के अधिशासी अभियंता मनीष झा इसके पहले बलिया खंड द्वितीय में इसी पद पर थे। सुशील अग्रवाल ने जो स्पष्टीकरण तलब किया है उसके मुताबिक, विश्वस्त सूत्रों के माध्यम से संज्ञान में आया है कि उपभोक्ता पर अनियमित बकाया की पुष्टि की जा सके। इसके लिए अधिशासी अभियंता ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर परिसर में स्थापित 25 सितंबर 2017 को लगाए बिजली मीटर से कूटरचित बिल का दस्तावेज तैयार किया।

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executive engineer accused of preparing fraudulent electricity bills
बिजली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजली निगम ग्रामीण खंड चौरीचौरा के अधिशासी अभियंता पर कूटरचित बिजली बिल बनाकर उपभोक्ता को परेशान करने का आरोप लगा है। ये आरोप उनकी बलिया जिले में अधिशासी अभियंता पद पर तैनाती के दौरान लगा।
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आरोप है कि बलिया में कमलावती सिंह, निदेशक स्वामिनी होटल के परिसर पर ततकालीन अधिशासी अभियंता द्वारा मनमाने तरीके से बिजली बिल देकर उनका उत्पीड़न किया गया। सौभाग्य योजना के अधीक्षण अभियंता सुशील अहमद ने अधिशासी अभियंता मनीष झा से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, चौरीचौरा खंड के अधिशासी अभियंता मनीष झा इसके पहले बलिया खंड द्वितीय में इसी पद पर थे। सुशील अग्रवाल ने जो स्पष्टीकरण तलब किया है उसके मुताबिक, विश्वस्त सूत्रों के माध्यम से संज्ञान में आया है कि उपभोक्ता पर अनियमित बकाया की पुष्टि की जा सके। इसके लिए अधिशासी अभियंता ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर परिसर में स्थापित 25 सितंबर 2017 को लगाए बिजली मीटर से कूटरचित बिल का दस्तावेज तैयार किया।
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ऐसा इसलिए किया गया कि उपभोक्ता का पक्ष कमजोर किया जा सके। ये कृत्य उपभोक्ता को परेशान करने के साथ अपने उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का भी है। जांच संबंधी उपलब्ध कराए गए उपभोक्ता के सीलिंग प्रमाण पत्र भी जारी किया गया था। ऐसे में एक ही परिसर पर उपभोक्ता को दो सीलिंग सर्टिफिकेट से बिजली बिल बनाया गया।


स्पष्टीकरण में पूछा गया है कि आखिर किस कारण से उपभोक्ता का दो सीलिंग सर्टिफिकेट बनाया गया। इसकी प्रतिलिपी उन्होंने एमडी कार्मिक और मुख्य अभियंता को भी भेजी है। निदेशक कार्मिक शेष बघेल ने बताया कि मामले में उपभोक्ता की तरफ से आरोप लगाया गया था। मामले का संज्ञान लेकर स्पष्टीकरण के लिए अधिशासी अभियंता चौरीचौरा से जवाब मांगा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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