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गोरखपुर विश्वविद्यालय: डीडीयू में बोलीं कुलाधिपति, अब एनआईआरएफ और क्यूएस रैंकिंग में हासिल करें स्थान

Tue, 19 Sep 2023 02:57 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 19 Sep 2023 02:57 PM IST
सार

विश्वविद्यालय में इस बार 11 टॉपरों को गोल्ड मेडल मिला है, जिसमें नौ छात्राएं हैं। यह देख कुलाधिपति ने छात्रों की चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि इधर देखने को मिल रहा है कि सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल महिलाओं को मिल रहा है, आज भी वही हुआख् मुझे तो लगता था कुछ तो परिवर्तन आएगा लेकिन आजकल महिलाओं की ही बोलबाला है।

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Excellency expressed concern over decrease in number of students in list of 11 toppers
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित दीक्षांत समारोह में सोमवार को कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों और शिक्षकों को भविष्य में बेहरत करने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने पर बधाई दी।कहा कि नैक से आगे बढ़ने का समय आ गया है।

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कहा कि विश्वविद्यालय को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवसर्सिटी और नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग में स्थान बनाने के लिए प्रयास करने होंगे। उसमें भी बेहतर स्थान पाने के लिए शिक्षक-छात्र का समन्वित प्रयास जरूरी है। इसके लिए विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय, एशिया और विश्व पटल पर अपनी पहचान बनानी होगी।
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उन्होंने कहा कि क्यूएस रैंकिंग में परसेप्शन(समाज के विचारों) का अहम रोल होता है। कुलाधिपति ने बीते दिनों छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन में हुए विवाद पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षक और छात्रों के बीच संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। दोनों शिक्षक व छात्रों के बीच संवाद जरूरी है। इससे दोनों के बीच विवाद नहीं होता। इस पर ध्यान देने की नसीहत उन्होंने कुलपति को दी।
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टॉपर्स में छात्रों की संख्या कम देख कहा...अब नर सशक्तिकरण की जरूरत

विश्वविद्यालय में इस बार 11 टॉपरों को गोल्ड मेडल मिला है, जिसमें नौ छात्राएं हैं। यह देख कुलाधिपति ने छात्रों की चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि इधर देखने को मिल रहा है कि सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल महिलाओं को मिल रहा है, आज भी वही हुआख् मुझे तो लगता था कुछ तो परिवर्तन आएगा लेकिन आजकल महिलाओं की ही बोलबाला है।

नारी सशक्तिकरण तो हो रहा है नर सशक्तिकरण कब होगा। अब देखिए इस स्टेज पर तीन महिलाएं ही है, कोई पुरुष नहीं है। गोल्ड मेडल में भी सभी बेटियां हैं.....तो चिंता तो होती है कि कहीं नर पीछे न रह जाएं। उन्होंने इसरो के शौर्य मिशन आदित्य एल-वन में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. दुर्गेश त्रिपाठी और डॉ. वागीश मिश्र के योगदान की सराहना की।

केजी से पीजी तक का दिया स्लोगन
उन्होंने विश्वविद्यालय को प्राथमिक कक्षाओं से लेकर परास्नातक तक की शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शासन का स्लोगन है केजी से पीजी तक। प्राथमिक शिक्षा में आंगनबाड़ी केन्द्रों का अहम योगदान है। इनको मजबूत बनाने की जरूरत है। यह प्राथमिक शिक्षा की नींव हैं। उन्होंने स्वर्ण पदक विजेता छात्रों को सलाह दी कि वह प्राथमिक कक्षा के छात्रों से समय-समय पर संवाद करें।





 
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