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कोरोना : रैपिड कार्ड से होगी जांच, 30 मिनट में खुद देख सकेंगे रिजल्ट

Wed, 02 Dec 2020 12:41 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 12:41 AM IST
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Examination will be done with rapid card, see the results 30 minutes
कोरोना : रैपिड कार्ड से होगी जांच, 30 मिनट में खुद देख सकेंगे रिजल्ट
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गोरखपुर। कोरोना जांच के लिए कोरिया की कंपनी ने एक नई मशीन लांच की है। सवा लाख रुपये की यह मशीन रैपिड कार्ड से जांच करेगी। वहीं इसकी रिपोर्ट एंटीजन किट से ज्यादा प्रामाणिक होगी। कार्ड से जांच के दौरान उसपर पड़ने वाली लकीरें देखकर ही संक्रमण का पता चल जाएगा।
30 मिनट के अंदर रिपोर्ट मिलने के साथ ही मशीन की स्क्रीन पर वायरस लोड भी दिखेगा। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने इस मशीन को अप्रूव भी कर दिया है। इसके बाद से निजी क्षेत्र में बेहद सस्ती जांच हो सकेगी।
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कोरोना महामारी के बीच सरकार ने कोरोना जांच की निशुल्क व्यवस्था की है। मौजूदा समय में तीन तरह से जांचें भी हो रहीं हैं। इसमें एंटीजन, आरटीपीसीआर और ट्रूनेट शामिल हैं। एंटीजन किट सिर्फ 60 फीसद मरीजों में ही संक्रमण को पकड़ पा रही है। निजी अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों की कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में ट्रूनेट या रीयल टाइम पॉलिमर चेन रियेक्शन (आरटीपीसीआर) से जांच के लिए मरीजों का नमूना निजी पैथोलाजी में भेजना पड़ रहा है। इसके एवज में मरीजों को 1600 व 2000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं ट्रूनेट मशीन नौ से 10 लाख रुपये के बीच आ रही है और उसका रैपिड कार्ड 1120 रुपये का है। जबकि नई मशीन मात्र सवा लाख रुपये की है और इसके रैपिड कार्ड की कीमत मात्र 500 रुपये है।
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मशीन व कार्ड सस्ता होने से निजी अस्पताल इसे अपने यहां रख सकेंगे और मरीजों की सस्ते में एंटीजन से ज्यादा प्रामाणिक जांच हो सकेगी। निजी अस्पतालों ने इस मशीन के ऑर्डर भी देने शुरू कर दिए हैं।

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99.07 फीसद है जांच की प्रमाणिकता
एसडी बायोसेंसर कोरिया की कंपनी है। गुरुग्राम में उसकी एक शाखा है। कंपनी ने स्टैंडर्ड एफ कोविड- 19 एजी मशीन बनाई है। इससे रैपिड कार्ड कोरोना की जांच हो सकेगी। कंपनी का दावा है कि वायरस को पकड़ने की इसकी क्षमता 93.1 फीसदी है और जांच की प्रमाणिकता 99.07 फीसदी है।
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मशीन को आईसीएमआर ने अप्रूव किया है। इसकी जांच एंटीजन किट से ज्यादा प्रामाणिक है। इससे स्पष्ट पता चल जाता है कि वायरस का लोड कितना है।
- डॉ. रजनीकांत, प्लानिंग कोआर्डिनेटर, आईसीएमआर, निदेशक आरएमआरसी
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यह मशीन बाजार में आ चुकी है। कोई भी व्यक्ति इस मशीन को अपने घर में लगा सकता है। रैपिड कार्ड के जरिये घर पर ही कोरोना की जांच की जा सकती है।
- राजर्षि बंसल, सर्जिकल सामानों के थोक व्यापारी
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