यूपी: विद्यालय बंद रहेंगे तब भी होंगी परीक्षाएं व प्रैक्टिकल, कोरोना संक्रमण की वजह से 23 जनवरी तक बंद हैं स्कूल
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं कराने की दी सशर्त अनुमति। कोरोना संक्रमण की वजह से 23 जनवरी तक बंद हैं स्कूल, आगे भी बंद रखे जा सकते हैं विद्यालय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं कराने की सशर्त अनुमति दी है। जिन स्कूलों में लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं पहले से निर्धारित रही हैं, वे कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए परीक्षाएं करा सकते हैं। बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से फिलहाल विद्यालय बंद हैं। कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे आदेश में लिखा है कि शासन ने लिखित व प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने की छूट दी है। ऐसे में जिन माध्यमिक विद्यालयों में पहले से निर्धारित लिखित व प्रायोगिक परीक्षाएं कराया जाना अनिवार्य है, उन्हें प्रतिबंधों के साथ अनुमति दी गई है।
बता दें कि कक्षा एक से बारहवीं तक के विद्यालय 23 जनवरी तक शासन ने बंद रखने का निर्देश दिया है। 11 जनवरी को जारी आदेश के मुताबिक परीक्षाओं के आयोजन में सशर्त छूट दी है। जानकारी की मानें तो शासन की ओर से कोविड संक्रमण की दर को देखते हुए स्कूल को बंद रखने का निर्णय कुछ दिन के लिए और बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में परीक्षाएं प्रभावित न हो, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
विद्यालय परिसर का कराना होगा सैनिटाइजेशन
शासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय परिसर का नियमित सैनिटाइजेशन हो, शिक्षक-कर्मचारी सहित छात्र-छात्राएं अनिवार्य रूप से मास्क पहनें, शारीरिक दूरी का सख्ती से अनुपालन हो, किसी छात्र या शिक्षक को बुखार आने पर प्राथमिक उपचार दिलाकर उसे तत्काल घर भेजे जाने का इंतजाम हो।
इसी महीने प्रस्तावित है प्री बोर्ड और प्रायोगिक परीक्षा
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निर्देश इसलिए जारी किए हैं, क्योंकि माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के स्कूलों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्री बोर्ड परीक्षा इसी माह प्रस्तावित है। साथ ही इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं भी होनी हैं। इसीलिए विभाग को इस संबंध में निर्देश दिया गया है। इस समय जिस तेजी से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, इसे देखते हुए स्कूलों में पठन-पाठन होना संभव नहीं है, लेकिन परीक्षाएं जरूर हो सकती हैं।