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ऋषभ यादव हत्याकांड : मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए घटनास्थल पर होगा सीन रिक्रिएशन
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गोरखपुर। गगहा थाना क्षेत्र के रावतपार गांव निवासी ऋषभ यादव उर्फ बब्बी (25) की मौत की गुत्थी एक महीने बाद भी नहीं सुलझ पाई है। पुलिस ने जांच तेज करते हुए अब घटनास्थल पर नाट्य रूपांतरण (सीन रिक्रिएशन) कराने का निर्णय लिया है ताकि घटना की सच्चाई तक पहुंचा जा सके।
मामले में पुलिस अब तक 50 से अधिक संदिग्ध महिलाओं से पूछताछ कर चुकी है। इसके साथ ही 78 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी खंगाली गई है लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है। लगातार जांच के बावजूद मामला उलझा हुआ है, जिससे पुलिस पर जल्द पर्दाफाश करने का दबाव बढ़ गया है।
बीते 19 मार्च को आटा चक्की के पीछे बने शौचालय के टिनशेड पर ऋषभ यादव का निर्वस्त्र शव मिला था। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी। परिजन शुरुआत से ही इसे हत्या मान रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने ऋषभ यादव की पत्नी की तहरीर पर गांव की एक युवती और उसके परिजनों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
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जांच के दौरान ऋषभ की एक युवती से नजदीकियों की बात सामने आई। पुलिस को युवती और उसके परिजनों की भूमिका संदिग्ध लग रही है। इसी आधार पर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि मामला प्रेम संबंध, आपसी विवाद या साजिश से जुड़ा हो सकता है।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी ली है। घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जा रही है ताकि छिपे हुए तथ्यों का पता चल सके। इसके साथ ही पुलिस अब घटनास्थल का नाट्य रूपांतरण कराने की तैयारी में है। इस प्रक्रिया के तहत पूरे घटनाक्रम को उसी स्थान पर दोहराया जाएगा, जिससे घटना के क्रम और संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
पुलिस का मानना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच से ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जो सामान्य पूछताछ में सामने नहीं आए हैं। इसके साथ ही अब पुलिस घटनास्थल पर नाट्य रूपांतरण कराने की तैयारी में है। इस प्रक्रिया में पूरे घटनाक्रम को दोबारा उसी स्थान पर दोहराया जाएगा ताकि यह समझा जा सके कि घटना कैसे हुई और इसमें कौन-कौन शामिल हो सकता है।
एक अन्य युवती व उसके परिजनों की भूमिका भी संदिग्ध
जांच के दौरान ऋषभ यादव की एक अन्य युवती से भी नजदीकियों की बात सामने आई है। पुलिस युवती और उसके परिजनों से पूछताछ कर रही है। ऋषभ यादव के कॉल डिटेल में कुछ संदिग्ध नंबर मिले थे। इसके चलते युवती और उसके परिजनों को क्लीनचिट नहीं दी गई है। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
इस संबंध में एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि ऋषभ यादव की मौत का मामला अब तक रहस्य बना हुआ है लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। सीन रिक्रिएशन, फॉरेंसिक जांच और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
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मामले में पुलिस अब तक 50 से अधिक संदिग्ध महिलाओं से पूछताछ कर चुकी है। इसके साथ ही 78 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी खंगाली गई है लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है। लगातार जांच के बावजूद मामला उलझा हुआ है, जिससे पुलिस पर जल्द पर्दाफाश करने का दबाव बढ़ गया है।
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बीते 19 मार्च को आटा चक्की के पीछे बने शौचालय के टिनशेड पर ऋषभ यादव का निर्वस्त्र शव मिला था। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी। परिजन शुरुआत से ही इसे हत्या मान रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने ऋषभ यादव की पत्नी की तहरीर पर गांव की एक युवती और उसके परिजनों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
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जांच के दौरान ऋषभ की एक युवती से नजदीकियों की बात सामने आई। पुलिस को युवती और उसके परिजनों की भूमिका संदिग्ध लग रही है। इसी आधार पर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि मामला प्रेम संबंध, आपसी विवाद या साजिश से जुड़ा हो सकता है।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी ली है। घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जा रही है ताकि छिपे हुए तथ्यों का पता चल सके। इसके साथ ही पुलिस अब घटनास्थल का नाट्य रूपांतरण कराने की तैयारी में है। इस प्रक्रिया के तहत पूरे घटनाक्रम को उसी स्थान पर दोहराया जाएगा, जिससे घटना के क्रम और संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
पुलिस का मानना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच से ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जो सामान्य पूछताछ में सामने नहीं आए हैं। इसके साथ ही अब पुलिस घटनास्थल पर नाट्य रूपांतरण कराने की तैयारी में है। इस प्रक्रिया में पूरे घटनाक्रम को दोबारा उसी स्थान पर दोहराया जाएगा ताकि यह समझा जा सके कि घटना कैसे हुई और इसमें कौन-कौन शामिल हो सकता है।
एक अन्य युवती व उसके परिजनों की भूमिका भी संदिग्ध
जांच के दौरान ऋषभ यादव की एक अन्य युवती से भी नजदीकियों की बात सामने आई है। पुलिस युवती और उसके परिजनों से पूछताछ कर रही है। ऋषभ यादव के कॉल डिटेल में कुछ संदिग्ध नंबर मिले थे। इसके चलते युवती और उसके परिजनों को क्लीनचिट नहीं दी गई है। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
इस संबंध में एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि ऋषभ यादव की मौत का मामला अब तक रहस्य बना हुआ है लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। सीन रिक्रिएशन, फॉरेंसिक जांच और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।