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ईपीएफओ: गीडा सहित 372 संस्थानों को नोटिस, जानिए क्या है बड़ी वजह
Tue, 31 Aug 2021 11:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 11:37 AM IST
सार
नए नियमों के अनुसार, कंपनी के मालिकों को हर कर्मचारी के पीएफ अकाउंट को 31 अगस्त तक आधार कार्ड से लिंक कराना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो कर्मचारी के खाते में आने वाला अंशदान रुक जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट को आधार से लिंक नहीं कराने पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 12 जिलों के 372 संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा), क्रेजी स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडिया ग्लाइकोल्स, परदेशी कलेक्शन सहित अन्य संस्थान भी शामिल हैं।
ईपीएफओ गोरखपुर परिक्षेत्र के आयुक्त अभयानंद तिवारी ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के खाताधारकों के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार, कंपनी के मालिकों को हर कर्मचारी के पीएफ अकाउंट को 31 अगस्त तक आधार कार्ड से लिंक कराना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो कर्मचारी के खाते में आने वाला अंशदान रुक जाएगा।
बताया कि गोरखपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, महराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा जिले आते हैं। इन 12 जिलों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के लगभग 69 हजार सक्रिय खाताधारक हैं। इनमें लगभग 3200 खाताधारकों के पीएफ अकाउंट अबतक आधार से लिंक नहीं हुए हैं। बताया कि अगर उन्होंने 31 अगस्त तक खाते को आधार से लिंक नहीं किया तो एक सितंबर से उनके खाते में अंशदान जमा नहीं हो सकेंगे।
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आयुक्त ने बताया कि 12 जिलों के 372 संस्थानों ने अपने 3114 कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट को आधार से लिंक नहीं किया है। इस संस्थानों को पहले मेल कर कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट को आधार से लिंक कराने के लिए कहा गया, बावजूद इसके उन्होंने ऐसा नहीं किया। फिर इन्हें फोन के माध्यम से भी निर्देश दिए गए लेकिन किसी ने भी इसमें रुचि नहीं दिखाई। जिसके बाद ईपीएफ इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तय समय सीमा के भीतर इन संस्थानों ने अपने कर्मचारियों के खाते को आधार से लिंक नहीं कराया तो इनपर अभियोजन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
क्या है नियम
आयुक्त ने बताया कि ईपीएफओ ने सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत ये फैसला लिया है। इस नियम के अनुसार, जिन खाताधारकों का 31 अगस्त के बाद से खाता आधार से लिंक नहीं होगा, उनका इलेक्ट्रॉनिक चालान कम रिटर्न भरा नहीं जा सकेगा। इसका असर ये होगा कि खाताधारकों के पीएफ अकाउंट में जो कंपनी की ओर से अंशदान दिया जाता है, वह नहीं मिल सकेगा। कर्मचारियों को सिर्फ अपना ही अंशदान अकाउंट में दिखाई देगा।
इन प्रमुख संस्थानों को भेजी गई है नोटिस
जिला स्वास्थ्य समिति, विद्युत मजदूर कल्याण समिति, भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति, बलरामपुर शुगर मिल, गोरखपुर इंटेलिजेंस, इंडियन ग्लाइकोल लिमिटेड, क्रेजी स्नैक्स, परदेसी कलेक्शन आदि।
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ईपीएफओ गोरखपुर परिक्षेत्र के आयुक्त अभयानंद तिवारी ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के खाताधारकों के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार, कंपनी के मालिकों को हर कर्मचारी के पीएफ अकाउंट को 31 अगस्त तक आधार कार्ड से लिंक कराना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो कर्मचारी के खाते में आने वाला अंशदान रुक जाएगा।
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बताया कि गोरखपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, महराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा जिले आते हैं। इन 12 जिलों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के लगभग 69 हजार सक्रिय खाताधारक हैं। इनमें लगभग 3200 खाताधारकों के पीएफ अकाउंट अबतक आधार से लिंक नहीं हुए हैं। बताया कि अगर उन्होंने 31 अगस्त तक खाते को आधार से लिंक नहीं किया तो एक सितंबर से उनके खाते में अंशदान जमा नहीं हो सकेंगे।
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आयुक्त ने बताया कि 12 जिलों के 372 संस्थानों ने अपने 3114 कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट को आधार से लिंक नहीं किया है। इस संस्थानों को पहले मेल कर कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट को आधार से लिंक कराने के लिए कहा गया, बावजूद इसके उन्होंने ऐसा नहीं किया। फिर इन्हें फोन के माध्यम से भी निर्देश दिए गए लेकिन किसी ने भी इसमें रुचि नहीं दिखाई। जिसके बाद ईपीएफ इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तय समय सीमा के भीतर इन संस्थानों ने अपने कर्मचारियों के खाते को आधार से लिंक नहीं कराया तो इनपर अभियोजन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
क्या है नियम
आयुक्त ने बताया कि ईपीएफओ ने सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत ये फैसला लिया है। इस नियम के अनुसार, जिन खाताधारकों का 31 अगस्त के बाद से खाता आधार से लिंक नहीं होगा, उनका इलेक्ट्रॉनिक चालान कम रिटर्न भरा नहीं जा सकेगा। इसका असर ये होगा कि खाताधारकों के पीएफ अकाउंट में जो कंपनी की ओर से अंशदान दिया जाता है, वह नहीं मिल सकेगा। कर्मचारियों को सिर्फ अपना ही अंशदान अकाउंट में दिखाई देगा।
इन प्रमुख संस्थानों को भेजी गई है नोटिस
जिला स्वास्थ्य समिति, विद्युत मजदूर कल्याण समिति, भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति, बलरामपुर शुगर मिल, गोरखपुर इंटेलिजेंस, इंडियन ग्लाइकोल लिमिटेड, क्रेजी स्नैक्स, परदेसी कलेक्शन आदि।