गोरखपुर में बोले सीएम योगी, 'उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं'
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चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों ने रेडीमेड गारमेंट्स को गोरखपुर जिले से दूसरा ओडीओपी प्रोडक्ट बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। साथ ही उद्योगों के लिए गोरखपुर महायोजना में मानक से कम जमीन होने पर अपनी चिंता जाहिर की।
इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं होने देंगे। लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए सरकार फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स पर भी विचार कर रही है। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गोबर से बने गौरी गणेश की मूर्तियां भेंट की, जिसका मुख्यमंत्री ने काफी सराहना की।
गुरुवार को चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, उपाध्यक्ष आरएन सिंह और सदस्य नारायण प्रसाद ने गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।
सीएम ने कहा है कि एक जिला एक उत्पाद के रूप में अब जिले का रेडीमेड गारर्मेंट भी शामिल हो गया है। उद्यमियों को चाहिए कि गोरखपुर को रेडिमेड गारमेंट का हब बनाने के लिए आगे आए। पूर्वांचल एक्सप्रेस- वे के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 100 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क की योजना प्रस्तावित है। जिसमें स्पीनिंग मिल, पावर लूम, प्रोसेस हाउस, रेडीमेंट गारर्मेंट की इकाइयां स्थापित होंगी।
फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स की स्थापना की जाए
सीएम ने आह्वान किया कि उद्यमियों को प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, विकास एवं लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए सरकार की योजना का लाभ उठाते हुए औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए आगे आना चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं भी बनेंगी।
चेम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि मंडल ने सीएम को सुझाव दिया कि रेडीमेड गारमेंट्स के लिए कम जगह की आवश्यकता होती है। ऐसे में लोगों को छोटे शेड बनाकर दिए जाए तो ज्यादा लोग लाभान्वित होंगे। गारमेंट उद्योग सरीखे उद्योग प्रदूषण से मुक्त हैं। अत्यंत छोटे उद्यमियों द्वारा इनका संचालन किया जाता है। इसके लिए गोरखपुर के औद्योगिक क्षेत्र में फ्लैटेड कांप्लेक्स की स्थापना की जाए।
चेंबर के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया ने बताया कि सीएम ने आश्वस्त किया कि उद्योगों के लिए प्रदेश में जमीन की कोई कमी नहीं होने देंगे। कोरोना कॉल में विभिन्न प्रदेशों से घर वापसी करने वाले 15000 कारीगर में अधिकांश को गारमेंट उद्योग में काम मिल रहा है।
महायोजना में सात प्रतिशत औद्योगिक क्षेत्र के प्रावधान को सख्ती से लागू करें
चेंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद अजित सरिया एवं पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने सीएम को बताया कि गोरखपुर महानगर की 2021-31 की प्रस्तावित महायोजना में 7 फीसदी औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है। भारत सरकार के मानक के मुताबिक इसे 7 से 9 फीसदी होना चाहिए।