गोरखपुर: लूट करने के आरोपी को मुठभेड़ में लगी गोली, आंखों में मिर्च पाउडर डाल वारदात को दिया था अंजाम
पुलिस की एक टीम फरार बदमाश की तलाश में जुट गई है। कैश मैंनेजमेंट सिस्टम के कर्मचारी ने की बदमाश की पहचान।
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गोरखपुर में आंखों में मिर्च पाउडर डालकर लूट की वारदात में शामिल एक आरोपी सिकंदर निषाद को शनिवार सुबह पांच बजे पुलिस से मुठभेड़ में गोली लगी और वह घायल हो गया। गोली उसके दाहिने पैर में लगी है जबकि उसका साथी विजय कुमार मौके से फरार हो गया। पुलिस ने सिकंदर का उपचार कराया है और फरार साथी की तलाश सरगर्मी से कर रही है।
उधर, पुलिस ने लूट कराने के लिए बदमाशों को सूचना देने के आरोप में सोनू को भी दबोच लिया है। पता चला है कि चार लोगों ने मिलकर लूट की साजिश रची थी। इसमें से दो को पुलिस ने गिरफ्तार किया जबकि एक अन्य गोविंद पुराने मामले में जमानत निरस्त कराकर बहराइच कोर्ट में हाजिर हो गया था।
पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। घटना में शामिल विजय फरार है। गिरफ्तार सिकंदर के पास से 1.48 लाख रुपये, तमंचा, बाइक और सोनू के पास से दस हजार रुपये बरामद हुए हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम को एसएसपी ने 11 हजार का इनाम दिया है।
सिकंदर रामगढ़ताल इलाके के कजाकपुर और सोनू खोराबार के सिंदुली-बिंदुली का निवासी है। एसपी सिटी सोनम कुमार के मुताबिक, रामगढ़ताल इलाके के एसबीआई प्रशासनिक भवन के पास 16 अगस्त को आंखों में मिर्च पाउडर डालकर सीएमएस कंपनी के कलेक्शन एजेंट नवनीत से 5.28 की लूट हुई थी। पुलिस केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश में लगी थी कि इसी बीच शनिवार सुबह देवरिया बाईपास के पास मुखबिर के जरिये खबर मिली कि घटना में शामिल दो बदमाश सिकंदर और विजय इंद्रानगर कॉलोनी से बाइक पर कुछ देर में पैडलेगंज जाने वाले हैं।
लूट करने के बाद चले गए थे महाकाल
इसपर थाना पुलिस ने क्राइम बांच की टीम को सूचना दी और फिर चंपा देवी पार्क के पास इंद्रानगर कॉलोनी के करीब पहुंच गए। क्राइम ब्रांच व पुलिस टीम बदमाशों का इंतजार कर रही थी कि इसी बीच बाइक से आए दो युवक पुलिस को देखते ही अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। पुलिस टीम भी आत्मरक्षा में फायरिंग करने लगी जिसमें सिकंदर निषाद के दाहिने पैर में गोली लगी और वह बाइक लेकर गिर पड़ा। उसका साथी मौके से फरार हो गया।
पूछताछ में सिकंदर ने बताया कि फरार साथी का नाम विजय कुमार है और वह बेतियाहाता दक्षिणी का निवासी है। उसकी तलाश में पुलिस टीम को लगाया गया है। पुलिस ने आरोपित के पास से 315 बोर का तमंचा, खोखा, कारतूस, लूट में इस्तेमाल की गई बाइक को बरामद कर लिया है। इंस्पेक्टर की तहरीर पर पुलिस पर फायरिंग करने के आरोप में सिकंदर और उसके साथी पर हत्या की कोशिश का केस भी दर्ज किया है।
लूट की वारदात करने के बाद सिकंदर, विजय और गोविंद तीनों उज्जैन महाकाल चले गए थे। वहां से लौटने के दौरान ही इन बदमाशों के लखनऊ में होने की सूचना पर भी पुलिस गई थी लेकिन यह पुलिस को चकमा देकर गोरखपुर में आकर छिप गए थे। पुलिस इनके तलाश में लगी थी कि इसी बीच शनिवार की सुबह मुठभेड़ हो गई।
सिकंदर, विजय पर पुराना कोई केस नहीं
सिकंदर और विजय दोनों पर इस मामले से पहले कोई भी केस दर्ज नहीं है। आपराधिक इतिहास न होने की वजह से इन पर संदेह करना भी आसान नहीं था। गोविंद पर कई केस दर्ज है और इसका फायदा उठाकर ही वह लूट से बचने के लिए पुराने मामले में जमानत निरस्त कराकर कोर्ट में हाजिर हो गया था।
बदमाशों तक ऐसे पहुंची पुलिस
वारदात के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई थी। एक दुकान से पुलिस को सीसी टीवी कैमरा मिला था लेकिन वह बहुत साफ नहीं था। फिर पुलिस कलेक्शन एजेंट नवनीत से पूछताछ कर उन लोगों तक पहुंची जहां से उसने रुपये वसूले थे। इसी दौरान मंत्रा के पास से पुलिस को सोनू और एक आरोपी का फुटेज मिल गया। जिसके बाद पुलिस ने सोनू को पकड़ा और फिर अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी गई थी।
सहारा इस्टेट परिसर में हुई थी पार्टी
कलेक्शन एजेंट से लूट के बाद बदमाशों ने सहारा इस्टेट परिसर में पार्टी भी की थी। वृंदावनी कॉलोनी के दो नंबर क्लस्टर के एक मकान में खाना बना और सबने खाया भी। लूट का जश्न मनाया। इसकी भनक पुलिस को लगी तो रामगढ़ताल के साथ ही खोराबार पुलिस ने दबिश दी। जिस मकान में पार्टी हुई थी, वहां रहने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया गया। दो दिनों तक खोराबार थाने में पूछताछ हुई। व्यक्ति की निशानदेही पर पुलिस ने छापे मारे थे। हालांकि लूट में सीधी भूमिका नहीं पाई गई। लिहाजा, हिदायत देकर छोड़ा गया। साफ कहा गया कि बदमाशों के साथ पार्टी भारी पड़ेगी।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जिसका अस्पताल में उपचार कराया गया है। उसका एक साथी मौके से फरार हो गया है। उसकी तलाश में पुलिस टीम को लगाया है। घटना में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 11 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।