{"_id":"65a7091c8edbfb644b052e25","slug":"emphasis-laid-on-increasing-the-construction-period-of-raptinagar-extension-township-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-435294-2024-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: राप्तीनगर विस्तार टाउनशिप की निर्माण अवधि बढ़ाने पर दिया जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: राप्तीनगर विस्तार टाउनशिप की निर्माण अवधि बढ़ाने पर दिया जोर
Wed, 17 Jan 2024 04:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 17 Jan 2024 04:24 AM IST
विज्ञापन
राप्तीनगर विस्तार को लेकर विकासकर्ताओं के साथ बैठक करते जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वृद्ध वा प्रभारी म
- जीडीए उपाध्यक्ष ने इच्छुक विकासकर्ताओं के साथ की बैठक
- निर्माण काम पूरा करने की अवधि बढ़ाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से प्रस्तावित राप्तीनगर विस्तार टाउनशिप और स्पोर्ट्स सिटी योजना के लिए इच्छुक विकासकर्ताओं ने निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि को और बढ़ाने पर जोर दिया है।
इस योजना के विकास के लिए दोबारा आरएफपी जारी किए जाने के बाद मंगलवार को जीडीए उपाध्यक्ष आनंदवर्धन की अध्यक्षता में प्री-बिड मीटिंग हुई। इसमें शामिल विकासकर्ताओं ने योजना को पूरा करने की समय सीमा और बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। सभी से प्रस्ताव लिखित में मांगे गए हैं।
दोबारा आरएफपी जारी होने का सकारात्मक असर पड़ा है। इससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है। पिछली बार दो कंपनियों की ओर से रुचि दिखाई गई थी। इस बार मुंबई की गरुणा कंस्ट्रक्शन की ओर से भी रुचि दिखाई गई है। उनके प्रतिनिधियों ने प्री बिड में भागीदारी की और सुझाव रखें।
विज्ञापन
गरुणा कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्तमान आरएफपी में योजना को पूरा करने के लिए 3.5 साल का समय दिया गया है। कंपनी का कहना है कि बड़ा काम होने के कारण इसे पूरा करने में और समय लग सकता है। आरएफपी में दी गई शर्तों के मुताबिक यदि देरी हुई तो बचे काम पर पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।
बैठक में उपस्थित विकासकर्ताओं ने योजना का लेआउट देखा। उन्होंने ईएमडी की जगह बैंक गारंटी रखने का सुझाव दिया। गरुणा कंपनी की ओर से ग्रुप हाउसिंग बनाने की अनुमति भी मांगी गई। उन्होंने फ्री होल्ड चार्ज माफ करने का सुझाव भी दिया। यह योजना भूमि मुद्रीकरण के आधार पर लांच की जा रही है।
बैठक में इस बात को भी रखा गया कि यदि विकास कार्य वर्तमान में निर्धारित धनराशि से अधिक का हुआ तो प्राधिकरण की ओर से अतिरिक्त धनराशि दी जाएगी। यदि निर्धारित धनराशि से कम खर्च होता है तो विकासकर्ता को अतिरिक्त पैसा देना होगा।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंदवर्धन ने सभी विकासकर्ताओं की बातें सुनी हैं। मौखिक रूप से अधिकतर बिन्दुओं पर सहमति भी दी गई है। सभी से लिखित में सुझाव मांगे गए हैं। लिखित सुझाव मिलने के बाद उसके अनुसार बदलाव किया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि विकासकर्ताओं की बातें सुनी गई हैं। नियमानुसार उस पर विचार किया जाएगा।
बैठक में जीडीए की ओर से प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह, गरुणा कंस्ट्रक्शन की ओर से विनायक वर्मा, प्रवीण अग्रवाल, भारत हाउसिंग से वीके मालवीय, गैलेंट लाइफ स्पेस से शोभित अग्रवाल, ऐश्प्रा से अतुल सराफ आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
- निर्माण काम पूरा करने की अवधि बढ़ाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से प्रस्तावित राप्तीनगर विस्तार टाउनशिप और स्पोर्ट्स सिटी योजना के लिए इच्छुक विकासकर्ताओं ने निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि को और बढ़ाने पर जोर दिया है।
इस योजना के विकास के लिए दोबारा आरएफपी जारी किए जाने के बाद मंगलवार को जीडीए उपाध्यक्ष आनंदवर्धन की अध्यक्षता में प्री-बिड मीटिंग हुई। इसमें शामिल विकासकर्ताओं ने योजना को पूरा करने की समय सीमा और बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। सभी से प्रस्ताव लिखित में मांगे गए हैं।
विज्ञापन
दोबारा आरएफपी जारी होने का सकारात्मक असर पड़ा है। इससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है। पिछली बार दो कंपनियों की ओर से रुचि दिखाई गई थी। इस बार मुंबई की गरुणा कंस्ट्रक्शन की ओर से भी रुचि दिखाई गई है। उनके प्रतिनिधियों ने प्री बिड में भागीदारी की और सुझाव रखें।
विज्ञापन
गरुणा कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्तमान आरएफपी में योजना को पूरा करने के लिए 3.5 साल का समय दिया गया है। कंपनी का कहना है कि बड़ा काम होने के कारण इसे पूरा करने में और समय लग सकता है। आरएफपी में दी गई शर्तों के मुताबिक यदि देरी हुई तो बचे काम पर पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।
बैठक में उपस्थित विकासकर्ताओं ने योजना का लेआउट देखा। उन्होंने ईएमडी की जगह बैंक गारंटी रखने का सुझाव दिया। गरुणा कंपनी की ओर से ग्रुप हाउसिंग बनाने की अनुमति भी मांगी गई। उन्होंने फ्री होल्ड चार्ज माफ करने का सुझाव भी दिया। यह योजना भूमि मुद्रीकरण के आधार पर लांच की जा रही है।
बैठक में इस बात को भी रखा गया कि यदि विकास कार्य वर्तमान में निर्धारित धनराशि से अधिक का हुआ तो प्राधिकरण की ओर से अतिरिक्त धनराशि दी जाएगी। यदि निर्धारित धनराशि से कम खर्च होता है तो विकासकर्ता को अतिरिक्त पैसा देना होगा।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंदवर्धन ने सभी विकासकर्ताओं की बातें सुनी हैं। मौखिक रूप से अधिकतर बिन्दुओं पर सहमति भी दी गई है। सभी से लिखित में सुझाव मांगे गए हैं। लिखित सुझाव मिलने के बाद उसके अनुसार बदलाव किया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि विकासकर्ताओं की बातें सुनी गई हैं। नियमानुसार उस पर विचार किया जाएगा।
बैठक में जीडीए की ओर से प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह, गरुणा कंस्ट्रक्शन की ओर से विनायक वर्मा, प्रवीण अग्रवाल, भारत हाउसिंग से वीके मालवीय, गैलेंट लाइफ स्पेस से शोभित अग्रवाल, ऐश्प्रा से अतुल सराफ आदि उपस्थित रहे।