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गोरखपुर: एक दिन में 3500 उपभोक्ताओं की बिजली हुई गुल, ये है बड़ी वजह
Tue, 22 Jun 2021 09:57 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 22 Jun 2021 09:57 AM IST
सार
220 उपभोक्ताओं ने अगले दिन बिजली बिल जमा किए, बावजूद आपूर्ति बहाल नहीं हुई। दो दिनों तक अस्थायी व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं के घरों की जलती रही बिजली।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
गोरखपुर बिजली निगम की तरफ से स्मार्ट मीटर वाले बकाएदारों पर सख्ती की गई है। 19 जून को एक ही दिन में पांच हजार रुपये से अधिक बकाएदारी होने पर 3500 उपभोक्ताओं की बिजली काट दी गई। 220 उपभोक्ताओं ने बिजली बिल का भुगतान भी अगले दिन कर दिया लेकिन ऑटोकट होने की वजह से उनकी बिजली जुड़ नहीं सकी। लखनऊ स्थित सेंट्रल सर्वर से संपर्क कर बिजली जोड़ने का प्रयास किया। वहां से पता चला कि मीटर में तकनीकी दिक्कत होने की वजह से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि चूंकि स्मार्ट मीटर का कनेक्शन लखनऊ के शक्ति भवन स्थित सेंट्रल सर्वर से जुड़ा होता है। ऑटोकट के बाद वापस उसे रिकनेक्ट करने के लिए लखनऊ से ही कमांड दिया जाता है। जिनके स्मार्ट मीटर में तकनीकी दिक्कत होती है उनके मीटर से सेंट्रल सर्वर का कम्यूनिकेशन नहीं हो पाता। यही 19 जून को भी हुआ।
इसके बाद एलएंडटी की ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस टीम संबंधित उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर की जांच में जुटी। ज्यादातर स्मार्ट मीटर में एरर-9 डिस्प्ले हो रहा था। रविवार की देरशाम तक करीब 50 कनेक्शनों के मीटर की खामी दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की। रविवार रात पूरी टीम मीटर की खामी दुरुस्त करने में जुटी रही। सोमवार की दोपहर तक सभी उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति स्टोर हो गई। शहर के अभियंताओं ने भी बताया कि स्मार्ट मीटरों में लगे सिमकार्ड में नेटवर्क की समस्या से मीटर का कम्यूनिकेशन, शक्तिभवन स्थित स्मार्ट मीटर के सेंट्रल सर्वर से नहीं हो पा रहा था।
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भुगतान के बाद संपर्क करने पर ही बहाल होगी बिजली
स्मार्ट मीटर का कनेक्शन कटने के बाद उपभोक्ताओं को निगम कार्यालय के कैश काउंटर पर जाकर भुगतान करना होगा। इसके बाद भुगतान की राशि उसे उपखंड या अधिशासी अभियंता को दिखानी होगी। इसके बाद ही उनकी तरफ से कमांड दिए जाने पर वापस सेंट्रल सर्वर से कनेक्शन जुड़ता है। ऑनलाइन बिल भुगतान करने के बाद बिना पर्ची अभियंताओं को दिखाए ही स्वत: आपूर्ति बहाल नहीं हो सकेगी।
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अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि चूंकि स्मार्ट मीटर का कनेक्शन लखनऊ के शक्ति भवन स्थित सेंट्रल सर्वर से जुड़ा होता है। ऑटोकट के बाद वापस उसे रिकनेक्ट करने के लिए लखनऊ से ही कमांड दिया जाता है। जिनके स्मार्ट मीटर में तकनीकी दिक्कत होती है उनके मीटर से सेंट्रल सर्वर का कम्यूनिकेशन नहीं हो पाता। यही 19 जून को भी हुआ।
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इसके बाद एलएंडटी की ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस टीम संबंधित उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर की जांच में जुटी। ज्यादातर स्मार्ट मीटर में एरर-9 डिस्प्ले हो रहा था। रविवार की देरशाम तक करीब 50 कनेक्शनों के मीटर की खामी दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की। रविवार रात पूरी टीम मीटर की खामी दुरुस्त करने में जुटी रही। सोमवार की दोपहर तक सभी उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति स्टोर हो गई। शहर के अभियंताओं ने भी बताया कि स्मार्ट मीटरों में लगे सिमकार्ड में नेटवर्क की समस्या से मीटर का कम्यूनिकेशन, शक्तिभवन स्थित स्मार्ट मीटर के सेंट्रल सर्वर से नहीं हो पा रहा था।
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भुगतान के बाद संपर्क करने पर ही बहाल होगी बिजली
स्मार्ट मीटर का कनेक्शन कटने के बाद उपभोक्ताओं को निगम कार्यालय के कैश काउंटर पर जाकर भुगतान करना होगा। इसके बाद भुगतान की राशि उसे उपखंड या अधिशासी अभियंता को दिखानी होगी। इसके बाद ही उनकी तरफ से कमांड दिए जाने पर वापस सेंट्रल सर्वर से कनेक्शन जुड़ता है। ऑनलाइन बिल भुगतान करने के बाद बिना पर्ची अभियंताओं को दिखाए ही स्वत: आपूर्ति बहाल नहीं हो सकेगी।