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एक्सक्लूसिव: स्थानांतरण के बावजूद सरकारी आवास पर काबिज हैं अफसर, इन अधिकारियों को नहीं मिल पा रहा आवास

Thu, 12 Aug 2021 12:14 PM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 12 Aug 2021 12:14 PM IST
सार

बिजली निगम के 64 अधिकारियों और कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा सरकारी आवास। अब बिजली निगम के सिविल खंड की तरफ से पैनल रेंट की कार्रवाई की जाएगी।

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Electricity corporation officials and employees not vacate government residence despite transfer
सरकारी आवास। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर बिजली निगम के आवासों पर कुछ ऐसे लोग काबिज हैं जिनका या तो स्थानांतरण हो गया है या वह निजी मकान में रह रहे हैं। इन लोगों के निगम के आवासों पर काबिज रहने की वजह से नए लोगों को आवास आवंटित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में जरूरत वाले अभियंताओं या कर्मचारियों को किराए का मकान लेकर रहना पड़ रहा है। फिलहाल जोन के 64 अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता के साथ अलग-अलग वर्गों के कर्मचारियों ने सरकारी आवास के आवंटन के लिए आवेदन किया है।  
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मोहद्दीपुर मुख्य अभियंता कार्यालय के पास बिजली निगम के 250 आवास हैं। बगल की हाइडिल कॉलोनी में भी अलग-अलग वर्गों के अधिकारियों व कर्मचारियों के आवास बनाए गए हैं। वर्षों पहले आवंटित 30 से अधिक अधिकारियों ने जोन से स्थानांतरण होने के बाद भी आवास खाली नहीं किए हैं। वहीं, कुछ अधिकारियों ने निजी आवास को किराए पर ले लिया है, लेकिन निगम का आवास भी अपने पास ही रखा हुआ है। ऐसे में नए आए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवास नहीं मिल पा रहा है। अब बिजली निगम के सिविल खंड की तरफ से पैनल रेंट की कार्रवाई की जाएगी।  
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30 लोग दे रहे पैनल रेंट
सरकारी आवास को खाली करने के लिए नियमानुसार सिविल की तरफ से नोटिस दिया जाता है। खाली नहीं करने पर उक्त कार्यक्षेत्र के शीर्ष अधिकारी को उनके खिलाफ पैनल रेंट लागू करने की संस्तुति भेजी जाती है। मसलन, अगर यहां स्थानांतरण के समय किराया चार हजार रुपये था तो पैनल रेंट में 10 गुणा अधिक किराया जोड़कर उनसे जमा करवाने की संस्तुति की जाती है। इसे अर्थदंड भी कहा जाता है। इस कार्रवाई के बावजूद 30 अधिकारियों ने आवास खाली नहीं किया है। इनमें पीएन प्रसाद, संजय यादव, बलवीर यादव, प्रवीण श्रीवास्तव, उमा उपाध्याय, लाल चंद राम, आरके गिरी, राजेश गुप्ता समेत 22 अन्य अधिकारी शामिल हैं।
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इन्होंने आवास खाली किया फिर भी पैनल रेंट लगा
बिजली निगम के पांच अधिकारियों ने सरकारी आवास तो खाली कर दिया, लेकिन अब भी पैनल रेंट लग रहा है। इनमें लाल चंद राम, देवी दत्त शर्मा समेत अन्य तीन अधिकारी शामिल हैं।

अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है जरूरी
आवास पर काबिज अधिकारियों को सरकारी आवास खाली कर पैनल रेंट के अनुसार भुगतान करने के बाद ही सिविल खंड से अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी होता है। इसके बाद उन्हें पेंशन के साथ सेवानिवृत्त होने पर ग्रेच्युटी व अन्य लाभ मिलता है। अगर अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिला तो सारी सेवाएं नहीं मिलेंगी।

आवास के लिए इन्होंने किया है आवेदन
अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी- 13
अवर अभियंता- 18
अन्य कर्मचारी- 33
 
अधिशासी अभियंता सिविल खंड शत्रुघ्न राम ने बताया कि वर्तमान में 64 लोगों ने सरकारी आवास के लिए आवेदन किया है। पहले से काबिज लोगों ने आवास खाली नहीं किया है इस कारण दूसरे लोगों को आवास आवंटन में दिक्कत हो रही है। जिनका जोन से बाहर स्थानांतरण हो गया है नियमत: उन्हें आवास खाली कर देना चाहिए। हमारी तरफ से समय-समय पर शीर्ष अधिकारियों के पास पैनल रेंट की सूचना भेजी जाती है। बिना पैनल रेंट के भुगतान के उन्हें सेवानिवृत्त के बाद पेंशन आदि सुविधाएं नहीं मिलेंगी।

नाम                             पद                        जुर्माना धनराशि                 वर्तमान स्थिति
ई. पीएन प्रसाद               एक्सईएन                  4.67 लाख                     सालभर पहले आवास खाली कर दिए
ई. सुबोध कुमार              एक्सईएन                 6.37 लाख                     आवास पर अब भी कब्जा
ई. सघप्रिय गौतम            एक्सईएन                 4.21 लाख                      सात माह पहले आवास खाली कर दिए
ई. केके भार्गव                एसडीओ                4.11 लाख                        आवास पर अब भी कब्जा
ई. अविनाश कुमार सिंह    एसडीओ                2.78 लाख                        आवास पर अब भी कब्जा
ई. धीरज सिन्हा               एसई                   3.75 लाख                         आवास पर अब भी कब्जा
ई. संजय यादव              एक्सईएन               2.53 लाख                        आवास पर अब भी कब्जा
ई. लालचंद राम             एसडीओ               2.10 लाख                         आवास पर अब भी कब्जा
ई. अभय कुमार            एसडीओ               3.03 लाख                         आवास पर अब भी कब्जा
ई. अवधेश कुमार          एसडीओ               1.46 लाख                         सालभर पहले आवास खाली कर दिए
ई. देवी दत्त शर्मा           एसडीओ               3.03 लाख                        आवास पर अब भी कब्जा
ई. बलवीर यादव           एसडीओ              1.04 लाख                         आवास पर अब भी कब्जा
ई. विपिन सिंह              एसडीओ              1.04 लाख                        आवास पर अब भी कब्जा
ई. अमर नाथ यादव       एसडीओ              1.20 लाख                        आवास पर अब भी कब्जा
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