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गोरखपुर बिजली निगम: नहीं थम रही बिजली बिल की गड़बड़ी, उपभोक्ता परेशान

Sat, 25 Dec 2021 02:48 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 25 Dec 2021 02:48 PM IST
सार

पुरानी बिलिंग एजेंसी द्वारा बिल में लगातार गड़बड़ी की शिकायतें आने के बाद पॉवर कॉरपोरेशन ने पूर्वांचल में नई बिलिंग एजेंसी क्वैश क्रॉप को नवंबर में बिलिंग का जिम्मा सौंप दिया।

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Electricity bill disturbances not stopping in Gorakhpur Electricity Corporation
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नई बिलिंग एजेंसी के बदलने के बाद भी अब तक बिलिंग व्यवस्था में नहीं सुधार नहीं हो सका है। टेबल रीडिंग की शिकायतें अब भी लगातार आ रही है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है।
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बीते कुछ दिनों में उपखंड या उपकेंद्र कार्यालयों पर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ गई हैं। दरअसल, पुरानी बिलिंग एजेंसी द्वारा बिल में लगातार गड़बड़ी की शिकायतें आने के बाद पॉवर कॉरपोरेशन ने पूर्वांचल में नई बिलिंग एजेंसी क्वैश क्रॉप को नवंबर में बिलिंग का जिम्मा सौंप दिया।
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लक्ष्य दिया गया कि प्रत्येक खंड में रीडर 1500 से 1800 बिल करेंगे और उन्हें मानदेय मिलेगा। लेकिन, रीडर उपभोक्ताओं के घर गए बिना टेबल रीडिंग पर ही बिल बना दे रहे हैं। बिना घर गए मनमाने तरीके से रीडिंग को कनेक्शन आईडी पर भरकर अपडेट कर दे रहे। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि बिलिंग एजेंसी को अपने लक्ष्य के हिसाब से बिल बनाकर उपभोक्ताओं को देना है। लापरवाही किए जाने पर फर्म की शिकायत पॉवर कॉरपोरेशन को की जाएगी।
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केस 1

गांधी गली गोलघर में वाणिज्यिक वर्ग में बीएन फार्मा का कनेक्शन है। मीटर रीडर ने उपभोक्ता को 3,265 यूनिट के अनुसार बिजली बिल भेज दिया। गुरुवार को उपभोक्ता उपखंड पर बिल जमा करने गया को पता चला कि मीटर में 3378 यूनिट थी और गलत रीडिंग के आधार पर बिल बन गया। इस वजह से उपभोक्ता को लगभग 113 यूनिट का अतिरिक्त बिल देना पड़ा।

केस 2

मोहद्दीपुर के शहनवाज ने बताया कि घर में दो किलोवॉट का घरेलू कनेक्शन है। नवंबर में रीडर ने दो हजार रुपये का बिल दिया, जबकि अगले महीने 4100 रुपये का बिल थमा दिया। मीटर का विडियो बनाकर उपखंड कार्यालय गए तो पता चला कि 100 यूनिट रीडिंग बीते महीने की स्टोर थी। इस कारण उन्हें 850 रुपये दंड ब्याज के रुप में देना पड़ा।

मीटर रीडर कर रहे लापरवाही, परेशान हो रहे लोग

मीटर रीडर्स समय से रीडिंग लेकर बिल लोगों को नहीं दे रहे हैं। इस वजह से उपभोक्ताओं को दो माह का बिजली बिल देना पड़ रहा है। इसे लेकर बिजली निगम के कार्यालय पहुंचकर उपभोक्ता नाराजगी जताई है।  

उपभोक्ताओं के अनुसार, यदि खपत के मुताबिक अगर ऑनलाइन बिजली बिल जमा कर दें तो बाद में मीटर में रीडिंग स्टोर बताकर जुर्माने के साथ अधिक बिजली बिल पकड़ा दिया जाता। उपखंड कार्यालय जाकर बिल नहीं मिलने की शिकायत करने और मौके पर बिल बनवाने पर पता लगता है कि दो माह का बिल एक साथ जुड़ गया। ऐसी ढेरों शिकायतें जो आ रही हैं।

उपभोक्ताओं ने कहा कि समय से बिजली बिल की व्यवस्था सुधार दी जाए तो निगम को राजस्व भी मिल सकेगा। इसके अलावा उपभोक्ताओं पर अधिक बिल का भार नहीं पड़ेगा। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि बिलिंग एजेंसी को प्रतिमाह का लक्ष्य दिया गया है। इसमें लापरवाही मिली तो एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर एमडी ऑफिस में पत्र भेजा जाएगा।

घोष कंपनी के सुधीर गुप्ता ने बताया कि घर में एक किलोवॉट का बिजली कनेक्शन है। अक्तूबर में मीटर रीडर ने उन्हें केवल 45 यूनिट का बिल दिया। इस माह बिजली दफ्तर जाने पर अकाउंट नंबर से बिल निकलवाया तो रीडिंग 400 से अधिक थी। अब दो महीने का बिजली बिल और साथ में जुर्माना का खामियाजा झेलना पड़ रहा।

मोहद्दीपुर विभोर श्रीवास्तव ने बताया कि दो किलोवॉट का घरेलू बिजली कनेक्शन है। अगस्त में रीडर ने दो हजार रुपये का बिल दिया, अगले महीने 4100 रुपये का बिल थमा दिया। अक्तूबर और नवंबर महीने में रीडर आया नहीं। अब दो महीने के बिजली बिल एकसाथ देना पड़ रहा है।
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