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यूपी: समाज कल्याण कार्यालय में भटक रहे बुजुर्ग पूछ रहे सवाल, पत्नी मरी नहीं है साहब, उसकी पेंशन क्यों बंद कर दी?
Tue, 03 Aug 2021 06:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 03 Aug 2021 06:54 PM IST
सार
वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए समाज कल्याण कार्यालय में पहुंच रहे बुजुर्गों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। गांव परसादीपुर उर्फ मिश्रौली से आए 72 वर्षीय कृष्ण मुरारी मिश्र को बीते छह माह से पेंशन नहीं मिली है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : PIXABAY
विस्तार
'साहब मेरी पत्नी सुमित्रा देवी जायसवाल की वृद्धावस्था पेंशन क्यों रोक दी गई।' पत्नी की पेंशन की जानकारी लेने समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे कुंई पियासी निवासी बाबू जायसवाल को बताया गया कि कार्यालय के दस्तावेजों में सुमित्रा देवी की मौत होना दर्ज है। नाराजगी जताते हुए बाबू जायसवाल ने कहा कि उनकी पत्नी जिंदा है।
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सवाल किया कि यदि आपके आंकड़ों में मृत्यु दर्ज है तो नगर निकाय की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाइए। लिपिक ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि बाबा जाइए पत्नी की पेंशन का नया फार्म भर दीजिए।
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वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए समाज कल्याण कार्यालय में पहुंच रहे बुजुर्गों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। गांव परसादीपुर उर्फ मिश्रौली से आए 72 वर्षीय कृष्ण मुरारी मिश्र को बीते छह माह से पेंशन नहीं मिली है। बताया कि कई बार चक्कर लगाने पर भी जानकारी नहीं दी गई तो उन्होंने समन्वित शिकायत निस्तारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई।
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आईजीआरएस पर उनकी शिकायत इस रिपोर्ट के साथ बंद कर दी गई कि कृष्ण कुमार मिश्रा के खाते में लगातार पेंशन की धनराशि भेजी जा रही है, जबकि उनका नाम कृष्ण मुरारी मिश्रा है न कि कृष्ण कुमार। मंगलवार को वह समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे तो उन्हें पंद्रह दिन बाद आने को कह कर टरका दिया गया।
उनकी तरह ही जंगल घूसड़ के 70 वर्षीय रामवृक्ष चौहान ने बताया कि नौ माह से पेंशन खाते में नहीं आई है। सांस की बीमारी से ग्रस्त हैं। पेंशन से मिलने वाली धनराशि से दवा खर्च चलता है, नौ माह से गांव के कुछ युवा चंदा कर दवाएं दिला देते हैं।
रामवृक्ष चौहान को भी कार्यालय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और पंद्रह दिन बाद दोबारा पता करने की बात कह चलता कर दिया। निराश रामवृक्ष ने बताया कि लोगों से किराए का पैसा मांग कर आए थे लेकिन सही जानकारी तक नहीं दी गई।