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गोरखपुर: हत्या के प्रयास में आठ आरोपियों को मिली सजा, मामूली बात पर हुई थी घटना
Sat, 28 Aug 2021 08:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Aug 2021 08:27 AM IST
सार
11 जून 2001 की सुबह पुआल रखने को लेकर विवाद हो गया था। सभी आरोपियों पर अलग-अलग सजा व जुर्माना लगा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
दो दशक पहले गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव में हुई हत्या के प्रयास की एक घटना में जुर्म सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश विनय आर्या ने आठ आरोपियों को सजा सुनाई है। इसके अलावा अर्थदंड भी लगाया है। सभी आरोपियों पर अलग-अलग सजा व जुर्माना लगा है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र सिंह का कहना था कि नौ जून 2001 को गोला थाना क्षेत्र के ग्राम अहिरौली निवासी वादी गिरधारी यादव के चचेरे भाई विश्वनाथ यादव का गांव के ही वीरेंद्र यादव से पुआल रखने को लेकर विवाद हो गया था।
उसी रंजिश को लेकर 11 जून 2001 की सुबह करीब साढ़े छह बजे अभियुक्तजन वीरेंद्र यादव, राजेश यादव, रामकृपाल यादव, राममूरत उर्फ सोढर, ग्राम बाणी तरया निवासी जयराम यादव, रामाब्रत यादव एवं बड़हलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सरया निवासी प्रताप यादव व करौनी निवासी रामदरस यादव आए और वादी के भाई को मारने लगे।
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वादी गिरधारी यादव का भाई जब जान बचाने के लिए घर की तरफ भागा तो अभियुक्त वीरेंद्र यादव ने गोली मारी जो वादी के भाई के पैर में लगी। शोर सुनकर जब अन्य लोग बचाने पहुंचे तो अभियुक्तों ने उन पर भी फायर की। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच के उपरांत केस डायरी दाखिल की। मामले की सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश विनय आर्या ने आरोपियों को सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र सिंह का कहना था कि नौ जून 2001 को गोला थाना क्षेत्र के ग्राम अहिरौली निवासी वादी गिरधारी यादव के चचेरे भाई विश्वनाथ यादव का गांव के ही वीरेंद्र यादव से पुआल रखने को लेकर विवाद हो गया था।
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उसी रंजिश को लेकर 11 जून 2001 की सुबह करीब साढ़े छह बजे अभियुक्तजन वीरेंद्र यादव, राजेश यादव, रामकृपाल यादव, राममूरत उर्फ सोढर, ग्राम बाणी तरया निवासी जयराम यादव, रामाब्रत यादव एवं बड़हलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सरया निवासी प्रताप यादव व करौनी निवासी रामदरस यादव आए और वादी के भाई को मारने लगे।
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वादी गिरधारी यादव का भाई जब जान बचाने के लिए घर की तरफ भागा तो अभियुक्त वीरेंद्र यादव ने गोली मारी जो वादी के भाई के पैर में लगी। शोर सुनकर जब अन्य लोग बचाने पहुंचे तो अभियुक्तों ने उन पर भी फायर की। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच के उपरांत केस डायरी दाखिल की। मामले की सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश विनय आर्या ने आरोपियों को सजा सुनाई।