विश्व आर्थराइटिस दिवस: गठिया मरीजों को कोरोना पहुंचा रहा ज्यादा नुकसान, जानिए कैसे
- हड्डी का हर तीसरा मरीज हो रहा गठिया का शिकार
- बुजुर्गों से लेकर युवा और बच्चे भी गठिया के रोगी
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गठिया (आर्थराइटिस) कोरोना संक्रमित मरीजों पर ज्यादा असर कर रहा है। गठिया का असर भी फेफड़ों पर ज्यादा पड़ता है। ऐसे में गठिया मरीजों को कोविड से बचने की जरूरत है। विशेषज्ञों की मानें तो गठिया रोगियों को अगर कोरोना हो गया है और उन्हें गठिया की दवा दी जा रही है तो यह ज्यादा असरदार साबित नहीं हो रही है। दवा खाने के बाद भी गठिया का दर्द नहीं जा रहा है। ऐसे में गठिया के मरीज कोरोना से सतर्क रहें।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि हड्डी का तीसरा मरीज गठिया का शिकार हो रहा है। इसमें बुजुर्ग से लेकर युवा और बच्चे तक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गठिया बीमारी पांच प्रकार की होती है। इनमें आस्टियोआर्थराइटिस, रहूमटॉइड आर्थराइटिस, गाउटी (यूरिक एसिड बढ़ने से), एन्कायलोसिंग आर्थराइटिस और जुवेनाइल आर्थराइटिस (16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को) होता है।
जुवेनाइल आर्थराइटिस के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। गठिया के मरीज कोविड 19 से बचाव के नियमों का पालन करें। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो मुश्किलें बढ़ जाएंगी। कोरोना होने के कारण गठिया की दवा असर नहीं करेगी। ऐसे में उन्हें दर्द ज्यादा सहना पड़ेगा।
आर्थराइटिस के कारण और लक्षण
60 वर्ष से अधिक उम्र, मोटापा, विटामिन डी की कमी, चोट या संक्रमण, यूरिक एसिड बढ़ना आर्थराइटिस के कारण है। जबकि जोड़ों में दर्द या अकड़न, दर्द वाले स्थान पर त्वचा का लाल होना, घुटनों में सूजन, चलने-फिरने में तकलीफ, जोड़ों से आवाज आना आर्थराइटिस के लक्षण हैं।
कैसे करें बचाव
नियमित व्यायाम करें, सुबह धूप में बैठें, वजन पर नियंत्रण रखें। यूरिक एसिड पर नियंत्रण रखे।