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Gorakhpur News: चकमार्ग सीमांकन के दौरान लेखपाल से अभद्रता, सरकारी नक्शा छीना
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- लेखपाल की तहरीर पर कैंपियरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
- सीमांकन में मनमानी चौड़ाई का दबाव, गाली-गलौज व धमकी देने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
कैंपियरगंज। तहसील कैंपियरगंज अंतर्गत ग्राम नवापार में सरकारी चकमार्ग के सीमांकन के दौरान राजस्व लेखपाल के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी दी गई। मामले में पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर आलोक कुमार व पांच अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, प्रिंस जायसवाल वर्तमान में ग्राम नवापार में राजस्व लेखपाल के पद पर तैनात हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के क्रम में उन्हें ग्राम नवापार स्थित सरकारी चकमार्ग संख्या 518, रकबा 0.031 हेक्टेयर के सीमांकन का निर्देश मिला था। इसी क्रम में उन्होंने शिकायतकर्ता आलोक कुमार को सीमांकन के लिए मौके पर बुलाया था।
आरोप है कि सीमांकन के दौरान आलोक कुमार चार-पांच अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और सरकारी अभिलेखों में दर्ज चकमार्ग की निर्धारित चौड़ाई से अधिक का सीमांकन कराने का दबाव बनाने लगे। राजस्व लेखपाल प्रिंस जायसवाल ने जब अभिलेखों और भू-चित्र के अनुसार ही सीमांकन किए जाने की बात कही तो आवेदक और उसके साथ मौजूद लोग उग्र हो गए।
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लेखपाल का आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी पड़ताल का नक्शा छीन लिया। उनके साथ गाली-गलौज की और गांव में दोबारा आने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी। यही नहीं, आरोपियों ने लेखपाल प्रिंस जायसवाल और राजस्व निरीक्षक अजय गुप्ता को झूठे मामलों में फंसाने की भी धमकी दी। लेखपाल के अनुसार, सरकारी नक्शा अब तक वापस नहीं किया गया है, जिससे राजस्व कार्य प्रभावित हो रहा है।
प्रिंस जायसवाल ने पुलिस को बताया कि पूरी घटना की संक्षिप्त रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। घटना के बाद से वह मानसिक रूप से भयभीत हैं और क्षेत्र में सरकारी कार्य करने में असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
थाना प्रभारी राकेश कुमार रोशन का कहना है कि लेखपाल के प्रार्थना पत्र के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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- सीमांकन में मनमानी चौड़ाई का दबाव, गाली-गलौज व धमकी देने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
कैंपियरगंज। तहसील कैंपियरगंज अंतर्गत ग्राम नवापार में सरकारी चकमार्ग के सीमांकन के दौरान राजस्व लेखपाल के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी दी गई। मामले में पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर आलोक कुमार व पांच अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, प्रिंस जायसवाल वर्तमान में ग्राम नवापार में राजस्व लेखपाल के पद पर तैनात हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के क्रम में उन्हें ग्राम नवापार स्थित सरकारी चकमार्ग संख्या 518, रकबा 0.031 हेक्टेयर के सीमांकन का निर्देश मिला था। इसी क्रम में उन्होंने शिकायतकर्ता आलोक कुमार को सीमांकन के लिए मौके पर बुलाया था।
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आरोप है कि सीमांकन के दौरान आलोक कुमार चार-पांच अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और सरकारी अभिलेखों में दर्ज चकमार्ग की निर्धारित चौड़ाई से अधिक का सीमांकन कराने का दबाव बनाने लगे। राजस्व लेखपाल प्रिंस जायसवाल ने जब अभिलेखों और भू-चित्र के अनुसार ही सीमांकन किए जाने की बात कही तो आवेदक और उसके साथ मौजूद लोग उग्र हो गए।
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लेखपाल का आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी पड़ताल का नक्शा छीन लिया। उनके साथ गाली-गलौज की और गांव में दोबारा आने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी। यही नहीं, आरोपियों ने लेखपाल प्रिंस जायसवाल और राजस्व निरीक्षक अजय गुप्ता को झूठे मामलों में फंसाने की भी धमकी दी। लेखपाल के अनुसार, सरकारी नक्शा अब तक वापस नहीं किया गया है, जिससे राजस्व कार्य प्रभावित हो रहा है।
प्रिंस जायसवाल ने पुलिस को बताया कि पूरी घटना की संक्षिप्त रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। घटना के बाद से वह मानसिक रूप से भयभीत हैं और क्षेत्र में सरकारी कार्य करने में असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
थाना प्रभारी राकेश कुमार रोशन का कहना है कि लेखपाल के प्रार्थना पत्र के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।