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गोरखपुर: तय रेट पर ठेकेदार राजी नहीं, अधर में लटकी डोर स्टेप योजना

Fri, 06 Nov 2020 03:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 06 Nov 2020 03:48 PM IST
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Door step scheme not started due to contractor not working in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खोराबार विकासखंड से शुरू डोर स्टेप सुविधा का लाभ फिलहाल जिले के अन्य उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाएगा। क्षेत्रीय खाद्य एवं जिला पूर्ति विभाग की तैयारियां पूरी नहीं होने से योजना अधर में है। दरअसल, इस योजना को कारगर बनाने के लिए ठेकेदार का साथ विभाग को नहीं मिल पाया है।

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विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरकार द्वारा निर्धारित रेट पर काम करने को ठेकेदार राजी नहीं हैं। ठेकेदार तय रेट से अधिक अदायगी की मांग कर रहे हैं। इसी कारण डोर स्टेप योजना को फिलहाल टाल दिया गया है। पांच नवंबर से योजना पूरे प्रदेश में शुरू की जानी थी।
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विभाग के अनुसार अब योजना एक से डेढ़ महीने बाद ही शुरू हो पाएगी। इससे पूर्व खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने इस नवीन योजना की शुरूआत से उपभोक्ताओं तक खाद्य वस्तुएं बिना विलंब के पहुंचने का दावा किया गया था। विभाग का कहना था कि भारतीय खाद्य निगम से खाद्य वस्तुओं के उठान के बाद उन्हें जिला एवं खाद्य पूर्ति विभाग के भंडारण के बजाय सीधे कोटेदारों के पास पहुंचाने से ऐसा संभव हो पाएगा।  
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फिलहाल उक्त व्यवस्था केवल खोराबार क्षेत्र में ही जारी रहेगी। विभाग ने इस योजना को यहां ट्रायल के तौर पर शुरू किया था। पांच नवंबर से इस योजना को समूचे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाना था। इस नवीन व्यवस्था के अनुसार कोटेदारों को मोबाइल पर डाउनलोड एप पर ओटीपी नंबर के डालने पर खाद्य सामग्री प्राप्त होती। रसद प्राप्त होते ही उससे संबंधित जानकारी विभागीय पोर्टल पर स्वत: ही अपलोड हो जाएगी। इसी तर्ज पर यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए भी रहेगी। उच्च पदस्थ अधिकारियों ने डोर स्टेप सुविधा को पांच नवंबर से सभी विकास खंडों में लागू करने का दवा किया था।


जिलापूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि कुछ बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाने के कारण योजना फिलहाल शुरू नहीं की जा सकी है। एक से डेढ़ महीने में इसे अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

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