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Gorakhpur News: 100 से अधिक अस्पतालों से डॉक्टरों ने नाम लिए वापस, अस्पतालों को नोटिस देने की कार्रवाई शुरू
Wed, 15 Feb 2023 02:10 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 15 Feb 2023 02:10 PM IST
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गोरखपुर सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे।
- फोटो : अमर उजाला।
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सीएमओ की ओर से सूची जारी होने के बाद 40 से अधिक डॉक्टरों ने 100 से अधिक अस्पतालों से नाम वापस ले लिए हैं। इसके बाद से विभाग इन अस्पतालों को नोटिस देने की कार्रवाई शुरू कर दिया है। इन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग को शपथ पत्र दे दिया है। इसके बाद भी अभी करीब 100 डॉक्टर ऐसे हैं, जो शपथ पत्र नहीं दिए हैं। इन्हें विभाग ने 15 दिन का समय दिया है।
डॉक्टरों की ओर से नाम वापस लेने के बाद 100 से अधिक अस्पताल बिना डॉक्टरों के हो गए हैं। इसके बाद से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। विभाग अब तक 30 से अधिक अस्पतालों को नोटिस भेजकर, उन्हें 15 दिन में सीएमओ कार्यालय में डॉक्टर और आवश्यक प्रपत्रों के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया है।
संबंधित डॉक्टर के शैक्षणिक प्रमाण पत्र की प्रति भी मांगी गई है।इसके लिए सीएमओ ने एक कमेटी भी तैयार कर दी है, जो डॉक्टरों के डिग्री की जांच करेगी। बता दें कि सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है।
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उन्होंने जिले के 153 डॉक्टरों की सूची जारी की है। यह ऐसे डॉक्टर हैं, जिन्होंने एक अधिक अस्पतालों में 24 घंटे सेवा करने का शपथ पत्र दिए हैं। इसके आधार पर करीब चार सौ अस्पतालों का पंजीकरण भी किया गया है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि जिन अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। नोटिस की अवधि 15 दिन की है। इसके बाद रिमाइंडर भेजा जाएगा। इस दौरान अगर कोई भी अस्पताल कागजात के साथ प्रस्तुत नहीं होता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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डॉक्टरों की ओर से नाम वापस लेने के बाद 100 से अधिक अस्पताल बिना डॉक्टरों के हो गए हैं। इसके बाद से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। विभाग अब तक 30 से अधिक अस्पतालों को नोटिस भेजकर, उन्हें 15 दिन में सीएमओ कार्यालय में डॉक्टर और आवश्यक प्रपत्रों के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया है।
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संबंधित डॉक्टर के शैक्षणिक प्रमाण पत्र की प्रति भी मांगी गई है।इसके लिए सीएमओ ने एक कमेटी भी तैयार कर दी है, जो डॉक्टरों के डिग्री की जांच करेगी। बता दें कि सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है।
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उन्होंने जिले के 153 डॉक्टरों की सूची जारी की है। यह ऐसे डॉक्टर हैं, जिन्होंने एक अधिक अस्पतालों में 24 घंटे सेवा करने का शपथ पत्र दिए हैं। इसके आधार पर करीब चार सौ अस्पतालों का पंजीकरण भी किया गया है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि जिन अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। नोटिस की अवधि 15 दिन की है। इसके बाद रिमाइंडर भेजा जाएगा। इस दौरान अगर कोई भी अस्पताल कागजात के साथ प्रस्तुत नहीं होता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।