फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Do not get waterlogged while reaching home

गोरखपुर में जलभराव: घर से निकला कामकाजी, सलामत लौट आए तो खैर मनाइए; यहां गली-मोहल्लों में भरा पानी

Sat, 12 Aug 2023 10:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 12 Aug 2023 10:19 AM IST
सार

नगर आयुक्त के निर्देश पर धर्मशाला बाजार, एचएन सिंह चौराहा, रामनगर चौराहा, नकहा, मुंशी प्रेमचंद पार्क, सूरजकुंड, रसूलपुर इलाके में जलभराव और चोक नालियों को देखकर उनकी साफ-सफाई कराई गई। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि अतिक्रमण को हटाने और नालियों की साफ-सफाई का यह सिलसिला जारी रहेगा।

विज्ञापन
Do not get waterlogged while reaching home
मिर्जापुर दुर्गा मंदिर के पास जलभराव

विस्तार

गोरखपुर शहर में बारिश अब आफत बन गई है। तीन दिनों से हो रही बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी रुक-रुककर जारी रहा। इससे शहर के निचले इलाके में लोगों को जलभराव से राहत नहीं मिल पाई। हालांकि, ऊंचे इलाकों में सड़क-गलियों और मुहल्लों में भरा पानी निकल गया।

विज्ञापन


घर में पानी भरने से घरवाले तो परेशान हैं ही, परिवार के कामकाजी लोगों का घर से निकलना और फिर वापस आना दूभर हो गया है। कामकाजी लोग जैसे-तैसे निकले भी तो दिनभर परिचितों काे फोन कर पूछते रहते हैंं कि घर तक पहुंचने का कोई वैकल्पिक रास्ता बताओ जिसपर पानी न हो।
विज्ञापन


शुक्रवार को शहर के तारामंडल क्षेत्र के इंदिरानगर, बुद्ध विहार कॉलोनी, नहर रोड, दाउदपुर, विष्णुपुरम्, मिर्जापुर, महेवा, चक्सा हुसैन आदि इलाकों में जलभराव बरकरार रहा। विष्णुपुरम् के सोमनाथ ने बताया कि बृहस्पतिवार की तुलना में जलभराव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन दिक्कतें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


महेवा मंडी के राजू चौधरी ने बताया कि सुबह आठ बजे तक जलभराव था। इसके बाद पानी निकल गया। कीचड़ के कारण परेशानी हो रही है। शुक्रवार को दिन में हुई बारिश से सिविल लाइंस, मिर्जापुर, दाउदपुर, रेती चौक, विजय चौक आदि जगहों पर जलभराव तो हुआ, लेकिन कुछ घंटों में पानी निकल गया।

इसे भी पढ़ें: मनमोहक प्रस्तुतियों के बीच आज से गूंजेंगे देशभक्ति के तराने, डांस प्रतियोगिता से होगा आगाज

लोग बोले

सड़क पर कमर तक पानी भर गया था। इससे हम लोग घरों में कैद हो गए। दूसरे दिन भी पानी भरा है। नगर निगम की ओर से पानी को निकालने की व्यवस्था नहीं की गई। -विनय कुमार यादव, इंदिरा नगर

महेवा मंडी में जलभराव से व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जिम्मेदारों की लापरवाही से बारिश का पानी दुकानों में घुस गया था। इससे काफी माल भीग गया है। -संजय सिंघानिया, महेवा मंडी

इसे भी पढ़ें: राप्ती-सरयू उफनाईं..नेपाल के पानी ने रोके बड़हलगंज-कछरांचल के कई रास्ते


बारिश से चक्सा हुसैन में घरों में फिर से पानी भर गया। पानी को निकालने में दिक्कत हुई। कुछ घरों में मोटर लगाकर पानी निकाला गया। -शाकिर अली सलमानी, चक्सा हुसैन

दो दिनों से सड़क पर पानी भरा है। इससे आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बच्चे घर से निकल ही नहीं पा रहे हैं। जिम्मेदारों की ओर से पानी निकालने के इंतजाम नहीं किए गए। -बच्चा यादव, तारामंडल

नाले-नालियां चोक, नगर निगम ने हटवाया अतिक्रमण

गोरखपुर शहर में जलभराव की समस्या के बाद नगर आयुक्त ने टीम के साथ इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान देखा गया कि शहर के प्रमुख बाजारों और मुहल्लों में नालियों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। इससे उसकी साफ-सफाई नहीं हो पा रही थी। बारिश का पानी नाली चोक होने की वजह से निकल नहीं पा रहा था। इन इलाकों के अलावा शहर में नालियों पर किए गए कब्जे को चिह्नित करने के निर्देश नगर आयुक्त ने दिए थे।

शुक्रवार को बारिश हल्की होने पर नगर निगम की टीम अपर नगर आयुक्त निरंजन सिंह के नेतृत्व में कब्जा हटाने निकली। बेतियाहाता स्थित एक कोचिंग संस्थान के सामने नाली पर कब्जा था। टीम ने उसे तोड़ दिया। बेतियाहाता में ही एक अस्पताल की बाउंड्री नाली पर बनाई गई थी।

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन में हुए 10 हजार से ज्यादा केस, लाइसेंसी असलहे-पासपोर्ट को तरस गए

नगर निगम की टीम ने बुलडोजर से इस कब्जे को हटवा दिया। प्रेमचंद पार्क के ठीक सामने नाली चोक मिली। टीम ने चोक नाली को साफ कर खोल दिया। नगर आयुक्त के निर्देश पर धर्मशाला बाजार, एचएन सिंह चौराहा, रामनगर चौराहा, नकहा, मुंशी प्रेमचंद पार्क, सूरजकुंड, रसूलपुर इलाके में जलभराव और चोक नालियों को देखकर उनकी साफ-सफाई कराई गई।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि अतिक्रमण को हटाने और नालियों की साफ-सफाई का यह सिलसिला जारी रहेगा।

गली-मोहल्लों में पानी भरा, ऊपर से बिजली कटौती...क्या आफत है

महानगर में बुधवार रात से हो रही बारिश के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार को मोहद्दीपुर, लहसड़ी, तारामंडल, सूर्यकुंड समेत कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही। लोगों का कहना है कि जलभराव से पहले ही परेशान हैं, इस बीच बिजली कटौती ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में पहले सब तरसे और अब ऐसे बरसे कि शहर भर की सड़कें-गलियां-मोहल्ले लबालब

लोहिया सब स्टेशन से जुड़े लहसड़ी में बृहस्पतिवार की रात से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रही। पेड़ की डाली गिरने से तार क्षतिग्रस्त हो गया था। कर्मचारी बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे। इससे रात भर उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। शुक्रवार की सुबह 10 बजे आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

इसके अलावा सुबह से इसी उपकेंद्र से जुड़े बुद्ध बिहार पार्ट सी में भी तार पर पेड़ की डाली गिरने की वजह से आपूर्ति ठप रही। अभियंताओं और कर्मचारियों के काफी मशक्कत के बाद शाम चार बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। मोहद्दीपुर सब स्टेशन से जुड़े बिछिया इलाके में भी कुछ देर के लिए बिजली गुल रही। कई इलाकों में बिजली की आवाजाही बनी रही।
 

रुस्तमपुर बिजली उपकेंद्र में भरा पानी

रुस्तमपुर बिजली उपकेंद्र परिसर में बारिश व नाले का पानी भर जाने करीब 14 हजार परिवारों की बिजली आपूर्ति पर संकट खड़ा हो गया है। बुधवार की रात में पावर ट्रांसफाॅर्मर के प्लींथ तक पानी भर जाने के बाद अभियंताओं ने आननफानन नगर निगम व अपना पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की। बृहस्पतिवार की रात में बारिश होने से दोबारा पानी भर गया।

अभियंताओं ने शुक्रवार की सुबह ही पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था बनाई। परिसर से पानी निकलने के बाद अभियंताओं ने राहत की सांस ली। अभियंताओं के मुताबिक पावर ट्रांसफॉर्मर के प्लींथ तक पानी आने से बिजली आपूर्ति पर संकट खड़ा हो गया था। यदि पानी और भर गया होता तो बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ती।

इसे भी पढ़ें:

शहर के शमशेर गली में बारिश का पानी भर जाने से 400 केवीए ट्रांसफार्मॅर पानी से घिर गया। सूचना के बाद कर्मचारियों ने फ्यूज काटकर ट्रांसफाॅर्मर से बिजली आपूर्ति बंद की। दोपहर बाद पानी कम होने पर आपूर्ति बहाल हुई। इससे लोगों को काफी मुश्किल झेलनी पड़ी।

कर्मचारी आवासों में घुसा पानी
रुस्तमपुर स्थित बिजली उपकेंद्र परिसर में बारिश का पानी भर जाने से दर्जनभर कर्मचारी आवासों में पानी घुस गया। कर्मचारियों ने बताया कि परिसर को ऊंचा करने के लिए तीन साल पहले सर्वे हुआ। इस्टीमेट भी पूर्वांचल निगम मुख्यालय को भेजा गया। उसके बाद क्या हुआ, पता नहीं चला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed