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गोरखपुर: नौसड़-पैडलेगंज सिक्स लेन की सुस्त निर्माण पर बिफरे डीएम, फर्म को नोटिस
Sun, 19 Dec 2021 01:45 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 19 Dec 2021 01:45 PM IST
सार
डीएम ने फरवरी 2022 तक काम पूरा न करने पर और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने मौके पर काम करते मजदूरों की रोजाना की फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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निर्माणाधीन नौसड़-पैडलेगंज सिक्स लेन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर के कमिश्नर रवि कुमार एनजी के बाद अब डीएम विजय किरन आनंद ने भी नौसड़-पैडलेगंज सिक्स लेन के निर्माण की सुस्ती पर नाराजगी जताई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को सड़क का काम करा रही, फर्म छात्र शक्ति इन्फ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि फरवरी 2022 तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि इसी फर्म द्वारा गोरखपुर-देवरिया एवं गोरखपुर-महराजगंज सड़क के चौड़ीकरण का काम भी किया जा रहा है। इन दोनों परियोजनाओं की रफ्तार भी धीमी है। डीएम शनिवार की सुबह संपूर्ण समाधान दिवस के लिए जा रहे थे। अचानक उन्होंने गाड़ी रुकवाकर पैडलेगंज-नौसड़ सिक्स लेन चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण शुरू कर दिया। आननफानन काम करा रही फर्म के प्रतिनिधि और लोनिवि के अफसर भी मौके पर पहुंचे। फर्म को अप्रैल 2021 में ही सिक्स लेन का काम शुरू करने को कहा गया था, लेकिन अभी तक तैयारी भी पूरी नहीं हो पाई है। केवल एक किलोमीटर की दूरी में मिट्टी का काम हो सका है।
इस मार्ग से करीब 700 पेड़ हटाए जाने थे, मगर अभी तक करीब 400 पेड़ ही हटाए जा सके हैं। बिजली के खंभों को हटाने की प्रक्रिया भी काफी सुस्त है। दो किलोमीटर दूरी में ही खंभे हटाए गए हैं। अब भी 250 खंभे हटाने बाकी हैं। खंभों के साथ ही तीन ट्रांसफार्मर भी हटाने होंगे। इसके लिए डीएम ने 15 दिन का मौका दिया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि मौके पर काम करते मजदूरों की रोजाना की फोटो डीएम कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
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इससे पहले कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने फर्म के प्रतिनिधियों को फटकारा था। उनकी नाराजगी के बाद ही किसी तरह मिट्टी हटाने का काम शुरू हुआ, मगर इसकी भी रफ्तार बहुत सुस्त है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड दो के अधिशासी अभियंता केशव लाल का कहना है कि अभी एक किलोमीटर मिट्टी का काम हुआ है। कंपनी की ओर से कोविड-19 संक्रमण काल एवं बरसात में मिट्टी न मिलने का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन यह बहाना ही है। फर्म के खिलाफ अब सख्ती की जाएगी।
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि सिक्स लेन के काम की रफ्तार काफी धीमी है। काम कराने वाली फर्म को नोटिस देने का निर्देश दिया गया है। बिजली के खंभों को हटाने और पेड़ काटने के लिए 15 दिन का मौका दिया गया है। फरवरी 2022 तक काम पूरा नहीं हुआ तो फर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि इसी फर्म द्वारा गोरखपुर-देवरिया एवं गोरखपुर-महराजगंज सड़क के चौड़ीकरण का काम भी किया जा रहा है। इन दोनों परियोजनाओं की रफ्तार भी धीमी है। डीएम शनिवार की सुबह संपूर्ण समाधान दिवस के लिए जा रहे थे। अचानक उन्होंने गाड़ी रुकवाकर पैडलेगंज-नौसड़ सिक्स लेन चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण शुरू कर दिया। आननफानन काम करा रही फर्म के प्रतिनिधि और लोनिवि के अफसर भी मौके पर पहुंचे। फर्म को अप्रैल 2021 में ही सिक्स लेन का काम शुरू करने को कहा गया था, लेकिन अभी तक तैयारी भी पूरी नहीं हो पाई है। केवल एक किलोमीटर की दूरी में मिट्टी का काम हो सका है।
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इस मार्ग से करीब 700 पेड़ हटाए जाने थे, मगर अभी तक करीब 400 पेड़ ही हटाए जा सके हैं। बिजली के खंभों को हटाने की प्रक्रिया भी काफी सुस्त है। दो किलोमीटर दूरी में ही खंभे हटाए गए हैं। अब भी 250 खंभे हटाने बाकी हैं। खंभों के साथ ही तीन ट्रांसफार्मर भी हटाने होंगे। इसके लिए डीएम ने 15 दिन का मौका दिया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि मौके पर काम करते मजदूरों की रोजाना की फोटो डीएम कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
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इससे पहले कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने फर्म के प्रतिनिधियों को फटकारा था। उनकी नाराजगी के बाद ही किसी तरह मिट्टी हटाने का काम शुरू हुआ, मगर इसकी भी रफ्तार बहुत सुस्त है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड दो के अधिशासी अभियंता केशव लाल का कहना है कि अभी एक किलोमीटर मिट्टी का काम हुआ है। कंपनी की ओर से कोविड-19 संक्रमण काल एवं बरसात में मिट्टी न मिलने का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन यह बहाना ही है। फर्म के खिलाफ अब सख्ती की जाएगी।
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि सिक्स लेन के काम की रफ्तार काफी धीमी है। काम कराने वाली फर्म को नोटिस देने का निर्देश दिया गया है। बिजली के खंभों को हटाने और पेड़ काटने के लिए 15 दिन का मौका दिया गया है। फरवरी 2022 तक काम पूरा नहीं हुआ तो फर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।