गोरखपुर सीएमओ का निर्देश: मच्छरों का करें खात्मा, बुखार हो तो सरकारी अस्पताल में जाएं
साफ-सफाई और बीमारियों की रोकथाम के संदेश को समुदाय तक पहुंचाने की कोशिश, विधायक ने चरगांवा पीएचसी से किया जिला स्तरीय अभियान का शुभारंभ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आसपास साफ सफाई रखें। मच्छरों का खात्मा करें और बुखार हो तो सरकारी अस्पताल में ही दिखाएं। इन मुख्य संदेशों के साथ विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान माह का शनिवार से शुभारंभ हो गया। इसके तहत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और 11 अन्य विभागों में संचारी रोगों के रोकथाम की शपथ ली गई। जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ पिपराईच के विधायक महेंद्र पाल सिंह ने चरगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से किया। खोराबार और सहजनवां पीएचसी पर भी ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ भी वहां के स्थानीय विधायक विपिन सिंह व प्रदीप शुक्ला ने किया।
चरगांवा से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। यह वैन समुदाय में संचारी रोगों के प्रति जनजागरूकता का प्रसार करेगी। इस बीच अंग्रिमपंक्ति कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों ने रैली भी निकाली। विधायक महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सामुदायिक प्रयासों से ही सरकार के प्रयास फलीभूत होंगे। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक पखवाड़े के जरिये ही पूर्वांचल की इंसेफेलाइटिस जैसी महामारी नियंत्रण में आई है।
सीएमओडॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि दो अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह चलेगा, जबकि 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दस्तक पखवाड़ा आयोजित होगा। अभियान के तहत कोरोना के लक्षण युक्त व्यक्तियों की जांच की व्यवस्था, लक्षण के अनुसार क्षय रोगियों के जांच, मच्छरों की दृष्टि से हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मच्छरों को समाप्त करने की व्यवस्था की जाएगी। इस काम में 12 विभागों का सहयोग लिया जा रहा है।
इस मौके पर जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके चौधरी, डॉ. गणेश प्रसाद यादव, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, केएन बरनवाल, सुनीता पटेल, राजेश चौबे, डॉ.धनंजय कुशवाहा, डॉ. हसन फहीम, नीलम यादव, डॉ. प्रफुल्ल राय, डॉ. सविता गौड़, डॉ. अमरनाथ आदि मौजूद रहे।
दस्तक पखवाड़े की गतिविधियां
सीएमओ ने बताया कि 15 अप्रैल से शुरू हो रहे दस्तक पखवाड़े के दौरान स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाएंगे और बुखार के मरीजों की सूची तैयार करेंगे। कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण एवं लाइन लिस्टिंग किया जाएगा। कोरोना के मरीजों की भी लाइन लिस्टिंग होगी। घर-घर क्षय रोग के लक्षणों वाले मरीजों को चिह्नित किया जाएगा। क्षेत्रवार ऐसे मकानों की सूची तैयार होगी,जहां मच्छरों का प्रजनन अधिक पाया गया हो। इस प्रकार चिन्हित रोगियों को निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी।