{"_id":"5ff6196f8ebc3e340905a60a","slug":"district-hospital-rabies-vaccine-with-two-hundred-rupees-escaped-due-to-ruckus-gorakhpur-city-news-gkp379841689","type":"story","status":"publish","title_hn":"एआरवी के नाम ले लिए 200 रुपये, हंगामा करने पर हुआ फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एआरवी के नाम ले लिए 200 रुपये, हंगामा करने पर हुआ फरार
विज्ञापन
जिला अस्पताल : दो सौ रुपये लेकर लगाया रेबीज का टीका, हंगामा होने पर हुआ फरार
गोरखपुर। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के नाम पर 200 रुपये लेने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में परिजनों ने बुधवार को हंगामा किया। परिजनों ने मामले की शिकायत सीएमओ और एसआईसी से भी की। इस बीच रुपये लेने वाला कर्मी मौके से भाग गया। उसके बारे में बताया गया कि वह अस्पताल का कर्मचारी नहीं था।
जिला अस्पताल में पिछले 15 दिनों से एआरवी खत्म है। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन नहीं लग रही है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भी वैक्सीन नहीं होने से निराश होकर लौटना पड़ रहा है। खजनी के बदरा निवासी किशन त्रिपाठी को मंगलवार को कुत्ते ने जख्मी कर दिया।
बुधवार को वह रेबीज का टीका लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे थे। इस बीच एक कर्मचारी ने एआरवी लगाने के नाम पर 200 रुपये की मांग की। किशन ने रुपये देकर वैक्सीन लगवा ली। इसकी जानकारी जब परिजनों को हुई तो वह हंगामा करने लगे। अधिकारियों ने जब रुपये लेने वाले कर्मचारी को बुलाया तो वह भाग गया। पता करने पर बताया गया कि वह तो अस्पताल का कर्मचारी है ही नहीं। हालांकि वह पहले इंटर्नशिप करता था।
विज्ञापन
400 वायल वैक्सीन मिली
जिले को 400 वायल वैक्सीन बृहस्पतिवार सुबह तक मिल जाएगी। इसमें 200 वायल जिला अस्पताल और 200 वायल स्वास्थ्य विभाग को मिली है।
प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज रेबीज का टीका लगवाने आते हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन ने वैक्सीन कक्ष के बाहर वैक्सीन न होने की सूचना चस्पा कर दी है। लेकिन लोग उस पर ध्यान न देने की वजह से प्रतिदिन अस्पताल आ रहे हैं।
महंगे दामों पर एआरवी खरीदना मजबूरी
जिला अस्पताल में निशुल्क वैक्सीन लगती है, लेकिन मौजूदा समय में वैक्सीन न होने से मरीजों को महंगे दामों में बाजार से वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है। इसके लिए उन्हें 350-400 रुपये वायल खर्च करने पड़ रहे हैं।
1500 वायल वैक्सीन की मांग की गई थी। 200 वायल मिली है। बृहस्पतिवार तक पहुंच जाएगी। जिसने रुपये लिए, वह अस्पताल का कर्मचारी नहीं था। कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि बाहरी लोगों को कक्ष में प्रवेश न करने दें।
- डॉ. एसी श्रीवास्तव, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
विज्ञापन
गोरखपुर। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के नाम पर 200 रुपये लेने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में परिजनों ने बुधवार को हंगामा किया। परिजनों ने मामले की शिकायत सीएमओ और एसआईसी से भी की। इस बीच रुपये लेने वाला कर्मी मौके से भाग गया। उसके बारे में बताया गया कि वह अस्पताल का कर्मचारी नहीं था।
जिला अस्पताल में पिछले 15 दिनों से एआरवी खत्म है। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन नहीं लग रही है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भी वैक्सीन नहीं होने से निराश होकर लौटना पड़ रहा है। खजनी के बदरा निवासी किशन त्रिपाठी को मंगलवार को कुत्ते ने जख्मी कर दिया।
विज्ञापन
बुधवार को वह रेबीज का टीका लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे थे। इस बीच एक कर्मचारी ने एआरवी लगाने के नाम पर 200 रुपये की मांग की। किशन ने रुपये देकर वैक्सीन लगवा ली। इसकी जानकारी जब परिजनों को हुई तो वह हंगामा करने लगे। अधिकारियों ने जब रुपये लेने वाले कर्मचारी को बुलाया तो वह भाग गया। पता करने पर बताया गया कि वह तो अस्पताल का कर्मचारी है ही नहीं। हालांकि वह पहले इंटर्नशिप करता था।
विज्ञापन
400 वायल वैक्सीन मिली
जिले को 400 वायल वैक्सीन बृहस्पतिवार सुबह तक मिल जाएगी। इसमें 200 वायल जिला अस्पताल और 200 वायल स्वास्थ्य विभाग को मिली है।
प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज रेबीज का टीका लगवाने आते हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन ने वैक्सीन कक्ष के बाहर वैक्सीन न होने की सूचना चस्पा कर दी है। लेकिन लोग उस पर ध्यान न देने की वजह से प्रतिदिन अस्पताल आ रहे हैं।
महंगे दामों पर एआरवी खरीदना मजबूरी
जिला अस्पताल में निशुल्क वैक्सीन लगती है, लेकिन मौजूदा समय में वैक्सीन न होने से मरीजों को महंगे दामों में बाजार से वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है। इसके लिए उन्हें 350-400 रुपये वायल खर्च करने पड़ रहे हैं।
1500 वायल वैक्सीन की मांग की गई थी। 200 वायल मिली है। बृहस्पतिवार तक पहुंच जाएगी। जिसने रुपये लिए, वह अस्पताल का कर्मचारी नहीं था। कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि बाहरी लोगों को कक्ष में प्रवेश न करने दें।
- डॉ. एसी श्रीवास्तव, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक