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Gorakhpur News: राष्ट्रीय लोक अदालत में पांच लाख से अधिक वादों का निस्तारण
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राष्ट्रीय लोक अदालत में जुड़ा टूटा रिश्ता, एक साथ हुए दम्पति
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 533805 वादों का निस्तारण किया गया। दीवानी न्यायालय परिसर स्थित नए मीटिंग हाल में सुबह 10:30 बजे आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने किया।
यह जानकारी देते हुए अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकृपाल ने बताया कि जनपद न्यायाधीश द्वारा कुल 55 वादों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी वाणिज्यिक न्यायालय द्वारा 22, प्रभारी अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 406 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 20,80,13,741 रुपये प्रतिकार एवार्ड पारित किया गया।
पारिवारिक न्यायालयों द्वारा कुल 121 वादों का निस्तारण किया गया और 30 जोड़ों को पीठासीन अधिकारियों के सहयोग से पुनः वैवाहिक जीवन स्थापित करने हेतु प्रेरित कर माला पहनाकर न्यायालय से विदा किया गया।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन/नोडल अधिकारी एवं अन्य राजस्व अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। विभिन्न न्यायालयों द्वारा आपराधिक प्रकृति के अनेक वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया।
समस्त न्यायालयों द्वारा कुल 22796 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 33,63,516 रुपये वसूल किए गए। राजस्व व अन्य विभागों द्वारा कुल 508726 प्री लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार इस कुल 570948 नियत वादों में से कुल 533805 का निस्तारण किया गया।
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गोरखपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 533805 वादों का निस्तारण किया गया। दीवानी न्यायालय परिसर स्थित नए मीटिंग हाल में सुबह 10:30 बजे आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने किया।
यह जानकारी देते हुए अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकृपाल ने बताया कि जनपद न्यायाधीश द्वारा कुल 55 वादों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी वाणिज्यिक न्यायालय द्वारा 22, प्रभारी अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 406 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 20,80,13,741 रुपये प्रतिकार एवार्ड पारित किया गया।
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पारिवारिक न्यायालयों द्वारा कुल 121 वादों का निस्तारण किया गया और 30 जोड़ों को पीठासीन अधिकारियों के सहयोग से पुनः वैवाहिक जीवन स्थापित करने हेतु प्रेरित कर माला पहनाकर न्यायालय से विदा किया गया।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन/नोडल अधिकारी एवं अन्य राजस्व अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। विभिन्न न्यायालयों द्वारा आपराधिक प्रकृति के अनेक वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया।
समस्त न्यायालयों द्वारा कुल 22796 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 33,63,516 रुपये वसूल किए गए। राजस्व व अन्य विभागों द्वारा कुल 508726 प्री लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार इस कुल 570948 नियत वादों में से कुल 533805 का निस्तारण किया गया।