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Exclusive: दीवार की सतह पर बनाया रिलीफ सेल्फ, लागत भी आएगी कम और मजबूती मिलेगी ज्यादा

Fri, 09 Jul 2021 05:20 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 09 Jul 2021 05:20 PM IST
सार

पुल के एप्रोच व अंडरपास की दीवार बनाने में लागत 30 फीसदी तक होगी कम। एमएमएमयूटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनय ने पांच साल के शोध के बाद खोजी नई तकनीक।

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discovered new technique Relief Self by Dr. Vinay Assistant Professor of MMMUT after five years of research
रिटेनिंग वॉल - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

एक खास तकनीक की खोज के चलते, अब पुल के एप्रोच और अंडरपास में बनने वाली रिटेनिंग वॉल की लागत 25 से 30 फीसदी कम हो सकेगी। इस तकनीक की खोज मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के स्वायल एंड फाउंडेशन इंजीनियरिंग (भू-तकनीकी) विशेषज्ञ डॉ. विनय भूषण चौहान ने किया है। इस तकनीक की खासियत यह है कि दीवार कम मोटी बनेंगी,मगर पहले से भी ज्यादा मजबूत होंगी। यह दीवार की सतह पर रिलीफ सेल्फ (हॉरिजन्टल प्लेटफार्म) बनाकर मिट्टी के दबाव को कम करने से संभव हुआ है।
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डॉ. विनय ने पांच साल के शोध के बाद यह सफलता पाई है। उन्होंने अपना शोध भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. सत्यनारायण मूर्ति दसका के मार्गदर्शन में किया है। हाल में ही स्प्रिंगर पब्लिकेशन हाउस के एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सिविल इंजीनियरिंग जर्नल ‘जियोटेक्निकल एंड जियोलॉजिकल इंजीनियरिंग’ में ‘बिहेवियर ऑफ रिजिड रिटेनिंग वॉल विथ रिलीफ सेल्फ: एन एनालिटिकल अप्रोच’ के शीर्षक से प्रकाशित हुआ है।
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डॉ. चौहान के मुताबिक रिटेनिंग वॉल का निर्माण उसके पीछे स्थित मिट्टी के दबाव तथा पूर्व मौजूदा संरचनाओं के भार, पास से गुजरने वाले वाहनों के आवागमन के कारण उत्पन्न ट्रैफिक लोड एवं किसी मानव निर्मित अथवा प्राकृतिक भू-कंपन की घटनाओं से उत्पन्न दबाव को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है।  रिटेनिंग वॉल की अनुप्रस्थ चौड़ाई, बेस स्लैब की चौड़ाई एवं इस्तेमाल स्टील सरिया का निर्धारण, अगर उस पर लगने वाले मिट्टी के दबाव को कम कर लिया जाए तो निर्माण सामग्री की लागत कम हो जाएगी।
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बचत का फंडा

एमएमएमयूटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनय भूषण चौहान ने बताया कि यदि एक रिटेनिंग वॉल में ऊर्ध्वाधर (लंबवत) दिशा में कुछ अंतराल पर उचित चौड़ाई की रिलीफ सेल्फ (हॉरिजन्टल प्लेटफार्म) लगा दिए जाए तो रिटेनिंग वॉल पर मिट्टी का दबाव कम हो जाता है। इससे रिटेनिंग वाल में लगने वाले दबाव के प्रतिक्रिया स्वरूप उत्पन्न होने वाले बल (प्रबेंडिंग मोमेंट, शीयर फोर्स) एवं वाल मूवमेंट में व्यापक कमी आती है। परिणामस्वरूप कंक्रीट, सीमेंट, सरिया आदि का इस्तेमाल काफी कम हो जाता है वहीं मजबूती पहले से बेहतर हो जाएगी।

डॉ. चौहान ने बताया कि 6.6 मीटर की ऊंचाई वाले रिटेनिंग वाल के लिए रिलीफ सेल्फ प्रदान करने के बाद मृदा उत्खनन मात्रा की कुल बचत 36 प्रतिशत और कंक्रीट और स्टील सरिया की मात्रा में कुल बचत क्रमश: 27 प्रतिशत और 40 प्रतिशत पाई गई है। पारंपरिक रूप से बनाए जाने वाले रिटेनिंग वॉल की अपेक्षा यह बचत बहुत ही अधिक है।
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