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Gorakhpur News: नोटिस भेजने पर नहीं आए निदेशक, घर पर लगा मिला ताला
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- शनिवार को पुलिस ने घर पहुंचकर बाहर चस्पा किया नोटिस
- इस मामले में कंपनी के निदेशक नहीं रखेंगे पक्ष तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रुपये गंवाने वाले पीड़ितों की शिकायत पर कंपनी के निदेशकों को नोटिस भेजकर शनिवार को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। पीड़ितों के अनुसार तीन निदेशक कंपनी का संचालन कर रहे थे, लेकिन नोटिस के बाद भी कोई पुलिस के पास अपना पक्ष रखने नहीं आया। इसके बाद शनिवार को शाहपुर पुलिस कंपनी के निदेशक के पादरी बाजार स्थित घर पर पहुंची, जहां ताला लगा हुआ था। पुलिस ने घर के बाहर नोटिस चस्पा किया है।
सीओ गोरखनाथ योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी के निदेशकों के मोबाइल नंबर तलाशे जा रहे हैं। उनसे हर तरह से संपर्क बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर यह लोग नहीं मिलते हैं तो पीड़ितों की शिकायत के आधार आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पीड़ितों के अनुसार अधिक रुपये की लालच में घर पर रखा धन डूब गया। पीड़ितों की शिकायत पर एसपी सिटी ने सीओ गोरखनाथ को जांच सौंपी है।
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रुपया जमा करने पर दिया दोगुना का बांड
पीड़ितों के अनुसार बशारतपुर में एक कंपनी का ऑफिस आठ साल से संचालित हो रहा था। यहां आरडी और एफडी के नाम पर जालसाजी का खेल चल रहा था। बांसगांव ग्राम हरिहरपुर निवासी संजय कुमार पाठक ने बताया कि उन्होंने छह लाख जमा किए तो कंपनी ने उन्हें 12 लाख रुपया का बांड दिया। उनकी लालच बढ़ी और पत्नी के नाम से भी 150 लाख रुपये जमा किए तो तीन लाख बांड मिला।
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अन्य पीड़ितों ने बयां किया अपना दर्द
एसपी सिटी को शिकायत पत्र देकर कि रामजानकी नगर की किरण विश्वकर्मा ने बताया कि दो लाख रुपये और छह लाख का गोल्ड जमा कराकर उन्हें 3.80 लाख का बांड और चेक दिया गया। इसी तरह रामजानकी नगर के अश्वनी कुमार ने बताया कि सात लाख रुपये लेकर दो लाख का बांड और पांच लाख रुपये का चेक कंपनी ने दिया। वाराणसी की नीलम विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने 80 हजार रुपये जमा किए थे। आरोप है कि इसके बाद कंपनी फरार हो गई।
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- इस मामले में कंपनी के निदेशक नहीं रखेंगे पक्ष तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रुपये गंवाने वाले पीड़ितों की शिकायत पर कंपनी के निदेशकों को नोटिस भेजकर शनिवार को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। पीड़ितों के अनुसार तीन निदेशक कंपनी का संचालन कर रहे थे, लेकिन नोटिस के बाद भी कोई पुलिस के पास अपना पक्ष रखने नहीं आया। इसके बाद शनिवार को शाहपुर पुलिस कंपनी के निदेशक के पादरी बाजार स्थित घर पर पहुंची, जहां ताला लगा हुआ था। पुलिस ने घर के बाहर नोटिस चस्पा किया है।
सीओ गोरखनाथ योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी के निदेशकों के मोबाइल नंबर तलाशे जा रहे हैं। उनसे हर तरह से संपर्क बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर यह लोग नहीं मिलते हैं तो पीड़ितों की शिकायत के आधार आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पीड़ितों के अनुसार अधिक रुपये की लालच में घर पर रखा धन डूब गया। पीड़ितों की शिकायत पर एसपी सिटी ने सीओ गोरखनाथ को जांच सौंपी है।
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रुपया जमा करने पर दिया दोगुना का बांड
पीड़ितों के अनुसार बशारतपुर में एक कंपनी का ऑफिस आठ साल से संचालित हो रहा था। यहां आरडी और एफडी के नाम पर जालसाजी का खेल चल रहा था। बांसगांव ग्राम हरिहरपुर निवासी संजय कुमार पाठक ने बताया कि उन्होंने छह लाख जमा किए तो कंपनी ने उन्हें 12 लाख रुपया का बांड दिया। उनकी लालच बढ़ी और पत्नी के नाम से भी 150 लाख रुपये जमा किए तो तीन लाख बांड मिला।
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अन्य पीड़ितों ने बयां किया अपना दर्द
एसपी सिटी को शिकायत पत्र देकर कि रामजानकी नगर की किरण विश्वकर्मा ने बताया कि दो लाख रुपये और छह लाख का गोल्ड जमा कराकर उन्हें 3.80 लाख का बांड और चेक दिया गया। इसी तरह रामजानकी नगर के अश्वनी कुमार ने बताया कि सात लाख रुपये लेकर दो लाख का बांड और पांच लाख रुपये का चेक कंपनी ने दिया। वाराणसी की नीलम विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने 80 हजार रुपये जमा किए थे। आरोप है कि इसके बाद कंपनी फरार हो गई।