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पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए सिद्ध पीठ के रूप में चर्चित है डिगेश्वर नाथ शिवमंदिर, पांडवों ने कराया था इसका निर्माण
Wed, 24 Jun 2020 02:58 PM IST
vivek shukla
सुभाष मणि त्रिपाठी, लोहरौली।
सुभाष मणि त्रिपाठी, लोहरौली।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 24 Jun 2020 02:58 PM IST
सार
- जनश्रुति के अनुसार पांडवों ने कराया था मंदिर का निर्माण
- पुत्र रत्न की प्राप्ति पर रमावती नाम की महिला ने मंदिर का कराया था जीर्णोद्धार
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Siddha Peeth
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
संतकबीरनगर जनपद मुख्यालय से 24 किलोमीटर दूर डिगेश्वरनाथ शिव मंदिर स्थित है। पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए सिद्ध पीठ के रूप में मंदिर चर्चित है। वैसे तो यहां प्रत्येक सोमवार को भक्त भगवान शिव को जलाभिषेक करने आते है,लेकिन सावन में और महाशिवरात्रि पर यहां भीड़ जुटती है और मेला लगता है।
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मंदिर के पुजारी गणेश गिरी बताते है कि डिगेश्वर नाथ शिव मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है। जनश्रुति के अनुसार यह महाभारत कालीन मंदिर है। पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। रामरति नाम की महिला ने पुत्र रत्न की प्राप्ति होने पर मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। तभी से यह मंदिर पुत्र प्राप्ति के लिए सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है।
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वैसे तो प्रत्येक सोमवार को यहां लोग जलाभिषेक करने आते हैं। महाशिवरात्रि के पर्व पर यहां मेला लगता है। जनपद ही नहीं अन्य जिलों से लोग यहां पूजन अर्चना करने आते हैं। मंदिर के बगल में पोखरा भी है। यहां श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला भी है।
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सावन में महीने भर यहां भक्तों की आवाजाही लगी रहती है। क्षेत्रीय विधायक राकेश सिंह बघेल ने मंदिर को पर्यटन के रूप में विकसित किए जाने के लिए पहल की। करीब 88 लाख रुपये स्वीकृत हुआ। यहां विकास कार्य जारी है। पुजारी गणेश गिरी बताते हैं की कई पीढियों से उनका परिवार ही इस मंदिर की देखरेेख करता है। इस मंदिर के विकास की ओर अभी और ध्यान दिए जाने की जरूरत है।