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World Diabetes Day: मधुमेह बीमारी छीन रही आंखों की रोशनी, इस वजह से सूख जाता है रोशनी का पर्दा

Mon, 14 Nov 2022 04:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 14 Nov 2022 04:33 PM IST
सार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि मधुमेह की वजह से मरीजों में डायबिटिक रेटिनोथेरेपी का खतरा बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ सालों में इस बीमारी के मरीज तेजी से बढ़े हैं।

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Diabetes taking away eyesight
मधुमेह - फोटो : social media

विस्तार

मधुमेह (डायबिटीज) की वजह से लोगों की आंखों की रोशनी जा रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हर माह 25 से 30 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनकी आंखों की रोशनी मधुमेह की वजह से जा रही है। हालांकि, सही समय पर मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले 60 फीसदी मरीजों की रोशनी बचाई जा रही है।
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लेकिन, इलाज में देरी होने से हर माह 25 से 30 मरीज आंखों की रोशनी गवां रहे हैं। इस बीमारी को डायबिटिक रेटिनोथेरेपी (आंखों के पर्दे कमजोर हो जाना) कहा जाता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि मधुमेह के मरीज समय-समय पर आंखों की जांच जरूर कराएं।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि मधुमेह की वजह से मरीजों में डायबिटिक रेटिनोथेरेपी का खतरा बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ सालों में इस बीमारी के मरीज तेजी से बढ़े हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज इस बीमारी से ग्रसित होकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 50 फीसदी मरीजों को तो सही समय पर इलाज मिल जा रहा है, लेकिन 50 फीसदी मरीज देरी से पहुंच रहे हैं।
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मधुमेह अधिक होने पर लोगों को दौरे भी पड़ने लगते हैं। ऐसी स्थिति में आंखों की नसों में सूजन आ जाती है और नसें अधिक रक्तस्राव की वजह से फट जाती हैं। इसके बाद अचानक दोनों आंखों की रोशनी चली जाती है। इसलिए मधुमेह के मरीजों को सलाह दी जाती है कि वह समय-समय पर जांच जरूर कराएं, जिससे सही समय पर आंख के पर्दे कमजोर होने की जानकारी मिल सके। अगर सही समय पर इलाज शुरू हो जाता है, तो आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मधुमेह की वजह से गर्भवती महिलाओं को दिक्कतें ज्यादा होती है।


मधुमेह खत्म नहीं, नियंत्रित किया जा सकता है
फिजिशियन डॉ. गौरव पांडेय ने बताया कि आज के समय में मधुमेह बड़ी समस्या है। मौजूदा समय में हर घर में एक न एक सदस्य मधुमेह की बीमारी से पीड़ित है। इसे जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन नियंत्रित किया जा सकता है। इस बीमारी से किडनी, आंख, हृदय, ब्लडप्रेशर की समस्या शरीर में बढ़ जाती है। ऐसा होने से शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है। मरीज की जान भी चली जाती है। ऐसी स्थिति में मधुमेह और बीपी (ब्लड प्रेशर) संबंधी जरा सी दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। बीमारी के दौरान दवा डॉक्टरों की सलाह पर ही लें और एहतियात बरतें।

 
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