{"_id":"5fc0c20724abfc7d66195d67","slug":"devotees-will-get-packed-langar-in-jatashankar-gurdwara-on-festival-of-guru-nanak-dev","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल में टूटेगी हजारों वर्षों की पुरानी परंपरा, अब पंगत में नहीं मिलेगा लंगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल में टूटेगी हजारों वर्षों की पुरानी परंपरा, अब पंगत में नहीं मिलेगा लंगर
Fri, 27 Nov 2020 02:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 27 Nov 2020 02:46 PM IST
विज्ञापन
फेरी लगाते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊंच नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए गुरुद्वारों में एक साथ पंगत (लाइन) में जमीन पर बैठकर लंगर छकने की हजारों वर्षों पुरानी परंपरा कोरोना संकट गहरा गया है। 30 नवंबर को गुरु नानक देव के 551वें प्रकाशपर्व पर यह परंपरा टूट जाएगी।
विज्ञापन
जटाशंकर प्रबंध समिति ने मानवता के कल्याणार्थ इस वर्ष पैक्ड लंगर श्रद्धालुओं में वितरित करने का फैसला लिया है। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। सिख समाज की ओर से कोरोना को देखते हुए प्रकाशपर्व के जश्न को सादगी से मानाने का फैसला पूर्व में ही लिया जा चुका है।
विज्ञापन
जटांशकर गुरुद्वारा के अध्यक्ष सरदार जसपाल सिंह ने बताया कि कोविड की वजह से दशकों पुरानी शोभायात्रा को नहीं निकाला जाएगा। वहीं एक सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रमों की संख्या को भी घटा दिया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए सुबह 10 नवंबर से निकाली जा रही प्रभातफेरी का गुरुवार को समापन हो गया है।
विज्ञापन
महामंत्री कुलदीप सिंह अरोड़ा ने बताया कि प्रभातफेरी जटाशंकर गुरुद्वारा से दो पहिया और चार पहिया वाहनों पर निकाली गई। जो जटाशंकर गुरुद्वारा से शुरू होकर पैडलेगंज गुरुद्वारा होते हुए मोहद्दीपुर गुरुद्वारा पर समाप्त हुई। इस दौरान सचिव मनमोहन सिंह लाडे ने संगत का स्वागत करने के साथ ही जलपान की व्यवस्था की।
प्रभातफेरी के दौरान श्रद्धालुओं ने जो बोले सो निहाल, सतनाम वाहेगुरु का जयकारा लगाया। पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू ने बताया कि प्रकाशपर्व के उपलक्ष्य में 28 नवंबर को रक्तदान शिविर के साथ रक्तदाता सम्मान समारोह का जटांशकर गुरुद्वारा में किया गया है। 29 को बच्चों के लिए सिख धर्म पर आधारित धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। 30 को प्रकाशपर्व मनाया जाएगा। तीनों दिन कीर्तन और अरदास का सिलसिला जारी रहेगा।