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महाशिरात्रि: नेपाल के काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु
Thu, 11 Mar 2021 04:27 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 11 Mar 2021 04:27 PM IST
सार
- पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष श्रद्धालुओं के पहुंचने की संख्या रही कम
- श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए मंदिर के चारो फाटख
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पशुपतिनाथ मंदिर, नेपाल
- फोटो : Facebook/Worldwide Hindu Temples
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विस्तार
नेपाल काठमांडू पशुपतिनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर भारतीय क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सोनौली कस्बे में ही वाहनों को खड़ा करने के बाद नेपाली सीमा में सभी श्रद्धालु दाखिल हुए। वहां से बस एवं अन्य वाहन से काठमांडू के लिए रवाना हुए।
बृहस्पतिवार महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के चारो फाटख खोल दिए गए। कोरोना के कारण भारतीय वाहनों के नेपाल में प्रवेश पर रोक लगी है। नेपाल पशुपतिनाथ मंदिर जाने के दौरान बुधवार को भारत के गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, बनारस, इलाहाबाद, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, केरल, सहित कई प्रदेशो से लोग सोनौली पहुंचे। उन्हें सोनौली स्थित एक होटल में कार पार्किंग करनी पड़ी। फिर यहां से पैदल बॉर्डर पार कर नेपाल बेलहिया से बस से रवाना हुए।
पशुपतिनाथ मंदिर के सचिव हरि प्रसाद ने बताया कि आज महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर शाम तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहा। कोरोना के कारण इस साल साधुओं की संख्या में भारी कमी आई है। भारतीय नागा साधुओं सहित कुल करीब तीन हजार साधु संत यहां पहुंचे। पिछले वर्षों में यह संख्या एक लाख के करीब हुआ करती थी।
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पशुपतिनाथ मंदिर कार्यालय प्रमुख उमा आचार्य ने बताया कि अभी तक केवल 100 नागाबाबा पशुपतिनाथ के दर्शन को पहुंचे हैं। करीब दस लाख श्रद्धालुओं के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। लेकिन कोरोना के कारण श्रद्धालु कम आए।
भारत नेपाल मैत्री संघ के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि पिछले साल सोनौली सीमा से करीब दो लाख यात्री पर्यटक साधू संत पशुपतिनाथ मंदिर गए थे। लेकिन इस साल बॉर्डर बंद होने के कारण संख्या बहुत कम है।
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बृहस्पतिवार महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के चारो फाटख खोल दिए गए। कोरोना के कारण भारतीय वाहनों के नेपाल में प्रवेश पर रोक लगी है। नेपाल पशुपतिनाथ मंदिर जाने के दौरान बुधवार को भारत के गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, बनारस, इलाहाबाद, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, केरल, सहित कई प्रदेशो से लोग सोनौली पहुंचे। उन्हें सोनौली स्थित एक होटल में कार पार्किंग करनी पड़ी। फिर यहां से पैदल बॉर्डर पार कर नेपाल बेलहिया से बस से रवाना हुए।
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पशुपतिनाथ मंदिर के सचिव हरि प्रसाद ने बताया कि आज महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर शाम तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहा। कोरोना के कारण इस साल साधुओं की संख्या में भारी कमी आई है। भारतीय नागा साधुओं सहित कुल करीब तीन हजार साधु संत यहां पहुंचे। पिछले वर्षों में यह संख्या एक लाख के करीब हुआ करती थी।
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पशुपतिनाथ मंदिर कार्यालय प्रमुख उमा आचार्य ने बताया कि अभी तक केवल 100 नागाबाबा पशुपतिनाथ के दर्शन को पहुंचे हैं। करीब दस लाख श्रद्धालुओं के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। लेकिन कोरोना के कारण श्रद्धालु कम आए।
भारत नेपाल मैत्री संघ के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि पिछले साल सोनौली सीमा से करीब दो लाख यात्री पर्यटक साधू संत पशुपतिनाथ मंदिर गए थे। लेकिन इस साल बॉर्डर बंद होने के कारण संख्या बहुत कम है।