Lockdown 4.0: पांच साल से बेटे के आने की राह देख रही थी मां, घर आई मौत की खबर
- संतकबीरनगर के पास हुई घटना, कार से पिता संग घर लौट रहा था युवक
- दुर्घटना में तीन की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
- खुद न बना सके मेडिकल में कॅरियर तो भाईयों को नोएडा में करा रहे थे तैयारी
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी के घांटी गांव निवासी एक युवक की खलीलाबाद में सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि उसके पिता समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
मृतक अपने पिता व चचेरे भाई के साथ नोएडा से कार में सवार होकर घर लौट रहा था। इसकी जानकारी मिलते घर में कोहराम मच गया। परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
भटनी थाना क्षेत्र के घांटी गांव निवासी बृजेश कुशवाहा (32) कंप्यूटर इंजीनियरिंग करने के बाद दिल्ली स्थित एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करते थे। वे अपने पिता व भाई के साथ नोएडा में रहते थे।
मंगलवार को वे अपने पिता सियाराम कुशवाहा (56), चचेरे भाई विशाल (25) और गांव के कृष्ण मोहन यादव (30) के साथ कार रिजर्व कर घर के लिए निकले। देर रात फैजाबाद से उसने अपनी मां के पास फोन कर सुबह तक घर पहुंच जाने की सूचना दी।
बुधवार की भोर में संतकबीर नगर कोतवाली के भुजौली चौराहे के पास उनकी गाड़ी की बस से टक्कर हो गई, जिसमें बृजेश की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाकी तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी होते ही घर में मातम मच गया।
पांच साल से बेटे के घर आने की राह देख रही थी मां
भटनी के घांटी गांव निवासी बृजेश कुशवाहा करीब पांच साल पूर्व दिल्ली में मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने गए। काफी प्रयास के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगी तो बाद में कंप्यूटर इंजीनियर की पढ़ाई के बाद वही एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करने लगे। कुछ दिनों बाद आर्मी से सेवानिवृत होकर आए उनके पिता भी वहीं पहुंच गए और बेटे के साथ नौकरी करने लगे।
बृजेश का सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना था। अपने परिचितों एवं मित्रों में भी वह इसी क्षेत्र में ही कॅरियर बनाने की बात करता था। हालांकि जब मेडिकल की परीक्षा में उसे कामयाबी हाथ न लगी तो कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर एक आईटी कंपनी में नौकरी करने लगा। तबसे वह वहीं का होकर रह गया था।
इसी दौरान अपने छोटे भाई राजू व चचेरे भाई विशाल को दिल्ली बुलाकर पढ़ाने लगा, ताकि उनका सपना साकार हो सके। व्यस्तता के कारण वह करीब पांच सालों से गांव नहीं आया था, और माता-पिता उसकी शादी की चिंता करने लगे थे।
देश में अचानक कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के चलते उसकी कंपनी व कोचिंग सेंटर बंद हो गया। मां के कहने पर वह अपने पिता व चचेरे भाई के साथ घर के लिए निकला। फैजाबाद पहुंचने के बाद उसने अपनी मां से फोन पर बात कर जल्द ही घर पहुंचने की बात कही थी। लेकिन शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था।
बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना आते ही गांव पर मां जानकी देवी, नोएडा में फंसे भाई राजू का रो-रोकर बुरा हाल है। वही पिता, चचेरा भाई व गांव के रहने वाले उसके मित्र का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक यहां पर तीनों की हालत नाजुक बनी हुई है।