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होर्मुज में देवरिया के शिवानंद की मौत: गरीबी से लड़ने के लिए छोड़ा था घर, सफर में छिन गई जिंदगी; दर्दभरी कहानी

Fri, 12 Jun 2026 02:19 PM IST
Sharukh Khan अयोध्या चौरसिया, अमर उजाला, पैकौली (देवरिया)
अयोध्या चौरसिया, अमर उजाला, पैकौली (देवरिया) Published by: Sharukh Khan Updated Fri, 12 Jun 2026 02:19 PM IST
सार

होर्मुज में जहाज पर हुए हमले में देवरिया के शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह दुबई में रह रहे उनके छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया ने घर वालों को फोन कर इसकी जानकारी दी। परिवार के मुताबिक शिवानंद मालवाहक जहाज पर इंजन फिटर के तौर पर काम करते थे।

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Deoria Man Killed in US Strike Near Oman Coast Details in Hindi
Deoria Man Killed in US Strike - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दो साल तक परिवार से दूर रहकर शिवानंद ने कभी आधा पेट खाकर तो कभी भूखे रहकर दिन गुजारे, मगर उसके हौसले कभी नहीं टूटे। उसका एक ही सपना था कि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरे, बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ें, माता-पिता और पत्नी को परेशानी न हो।
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परिजनों के अनुसार, पानी के जहाज पर नौकरी पाने के लिए काफी धन की आवश्यकता थी। गरीब परिवार से होने के कारण शिवानंद ने दो साल तक जी-तोड़ मेहनत कर एक-एक रुपये जोड़कर अपना सपना पूरा किया।
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आखिरकार पांच दिसंबर 2025 को वह दिन आया, जब शिवानंद ने पहली बार समुद्री जहाज पर कदम रखा। उस दिन घर फोन कर मां कमलावती देवी और पत्नी सुशीला देवी से खुशी साझा की थी।
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उसने कहा था, अब हमारी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाएंगे और परिवार को किसी चीज की कमी नहीं रहने देंगे। बेटे की बात सुनकर माता-पिता और पत्नी की आंखों में भी सुनहरे भविष्य के सपने सज गए थे, मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 10 जून को अमेरिकी बम हमले जहाज पर तीन लोग घायल हो गए थे। इनमें शिवानंद की मौत हो गई।

 

घटना की सूचना जब परिजनों को मिली तो चीख-पुकार मच गई। पति की मौत की खबर सुन पत्नी सुशीला बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। मां कमलावती का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता रामजी चौरसिया सदमे में हैं। 

 

परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें ऐसा लग रहा है कि उनके जीवन की खुशियां एक झटके में खत्म हो गई हों। गांव में भी शोक की लहर है। हर कोई शिवानंद के संघर्ष को याद कर भावुक है।
 

लोगों का कहना है कि जिसने परिवार की खुशियों के लिए कष्ट सहा, वह अपने सपनों को साकार होते देखने से पहले ही दुनिया छोड़ कर चला गया। शिवानंद की मौत ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि कई अधूरे सपनों को भी हमेशा के लिए दफन कर दिया। 

 

बेटे शिवानंद के अंतिम दर्शन को तरस रहे पिता
सुरौली गांव में मातम पसरा हुआ है। पिता रामजी चौरसिया की आंखें बेटे के अंतिम दर्शन की आस में हैं। दरवाजे पर शिवानंद के दोनों बच्चों को संभाल रहे रामजी कहते हैं कि जिस बेटे को गोद में खेलाया, अंगुली पकड़कर चलना सिखाया, आज उसी के शव के आने की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। मां कलावती देवी बेटे को याद कर चीख रही हैं।

पत्नी से हुई थी आखिरी बार बात
कैसी हो तुम, घर में सब ठीक तो है, बच्चे सो गए? पति शिवानंद चौरसिया के यही शब्द अब उनकी पत्नी सुशीला के लिए आखिरी याद बनकर रह गए हैं। जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में शिवानंद की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार गहरे सदमे में है। पत्नी सुशीला ने बताया कि सोमवार की रात में शिवानंद का फोन आया था। उस समय वह बेटे राजवीर और बेटी वानिकी को सुला रही थीं। नेटवर्क की समस्या की वजह से कुछ ही सेकंड में फोन कट गया था। उसके बाद फिर बात नहीं हो सकी।
 

होर्मुज में जहाज पर हमले में देवरिया के युवक की मौत
होर्मुज में जहाज पर हुए हमले में सुरौली थाना क्षेत्र के सिरोली गांव के रहने वाले शिवानंद चौरसिया (38) की मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह दुबई में रह रहे उनके छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया ने घर वालों को फोन कर इसकी जानकारी दी। परिवार के मुताबिक शिवानंद मालवाहक जहाज पर इंजन फिटर के तौर पर काम करते थे।

 

जानकारी के मुताबिक बुधवार को ओमान तट के पास अमेरिका ने एक मालवाहक जहाज पर हमला किया जिस पर इंडियन क्रू के 24 कर्मचारी सवार थे। इनमें 21 को बचा लिया गया जबकि तीन लापता हो गए थे। लापता कर्मचारियों में देवरिया सुरौली थाना क्षेत्र के सिरोली गांव के रहने वाले शिवानंद चौरसिया भी शामिल थे। शिवानंद मालवाहक जहाज पर इंजन फिटर के पद पर कार्यरत थे। 

 

वह करीब दो वर्ष पहले रोजगार के सिलसिले में घर से बाहर गए थे। पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि पांच दिसंबर 2025 को मालवाहक जहाज में सवार होकर वह मुंबई से सिंगापुर के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद उनका जहाज चीन, ओमान होते हुए ईरान की ओर जा रहा था। बुधवार को होर्मुज क्षेत्र में हुए हमले में शिवानंद की मौत हो गई।

 

रामजी ने बताया कि इसकी जानकारी सबसे पहले दुबई में रह रहे उनके छोटे बेटे रामप्रवेश चौरसिया ने फोन पर शिवानंद की पत्नी सुशीला को दी। उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने के साथ ही बताया कि वह भी घर लौट रहा है। शिवानंद की मौत की जानकारी के बाद परिवार में चीख-पुकार मची हुई है। जानकारी के बाद पुलिस फोर्स भी गांव में पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
 
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