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Gorakhpur News: सीएम की मौजूदगी में नौ मंदिरों में देव विग्रहों की होगी प्राण प्रतिष्ठा
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सीएम की मौजूदगी में नौ मंदिरों में देव विग्रहों की होगी प्राण प्रतिष्ठा
मंदिर में चल रही श्रीमद्भागत कथा का आज होगा समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर परिसर में बने नौ नवीन मंदिरों में रविवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर कमलों से देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा होगी। प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आठ मई से ही दो चरणों मे चल रहे आनुष्ठानिक कार्यक्रम भी रविवार को पूरे हो जाएंगे।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में नौ देवी-देवताओं के भव्य मंदिरों का निर्माण कराया गया है। नवीन मंदिरों में देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में दो चरणों में अनुष्ठान का शुभारंभ आठ मई को किया गया था। प्रथम चरण में 14 मई तक सप्त दिवसीय श्री शिव महापुराण ज्ञानयज्ञ का आयोजन हुआ था। सप्त दिवसीय द्वितीय चरण के अनुष्ठान का शुभारंभ 15 मई को श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथाज्ञान यज्ञ के साथ हुआ। इन दोनों कार्यक्रमों की पूर्णाहुति रविवार को होगी। पूर्णाहुति के साथ ही गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधि विधान से देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे।
प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में चल रहे अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए मुख्यमंत्री शुक्रवार को ही गोरखनाथ मंदिर आ चुके हैं। शुक्रवार व शनिवार को उन्होंने श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ में आहुतियां डालीं और श्रीमद्भागवत कथा सुनी। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए देश के कई प्रमुख धर्माचार्य, महंत व साधु-संत भी गोरक्षपीठ में उपस्थित रहेंगे।
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आज होगी कन्हैया मित्तल की भजन संध्या
गोरखनाथ मंदिर परिसर में नवीन मंदिरों में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर रविवार शाम छह बजे से भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित भजन संध्या में सुपरिचित भजन गायक, ''''''''जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे'''''''' फेम कन्हैया मित्तल सुमधुर भजनों की प्रस्तुति करेंगे। कन्हैया ने वीडियो संदेश जारी कर सभी श्रद्धालुओं से भजन संध्या में सम्मिलित होने का अनुरोध किया है।
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हरि अनन्त हैं, उनकी कथा भी अनन्त है
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने कहा कि ब्रजवासियों के कहने पर भगवान ने उन्हें ब्रह्मा कुंड में बैकुंठ का दर्शन कराया। वापस ब्रज में आने पर ग्वालों ने कहा कि हमें बैकुंठ से अच्छा अपना ब्रज हीं लगता है। उन्होंने कहा कि भगवान का कथामृत श्रवण करने से मन के सभी मल धुल जाते हैं और जीवन मंगलमय हो जाता है। हरि अनन्त हैं, और उनकी कथा भी अनन्त है। भक्त चाहे जितना सुने, कथा न समाप्त होगी ना ही सुनने से तृप्ति होगी। अयोध्या धाम से पधारे महंत राजकुमार दास ने कहा गोरक्षपीठ एक सिद्ध पीठ है, ऐसे स्थल पर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना सौभाग्य की बात है। सुग्रीव किला अयोध्या धाम से पधारे जगद्गुरु विश्वेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि इस समय उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के द्वारा रामराज्य स्थापित हुआ है। कथा में योगी कमलनाथ, योगी बालकनाथ, कटक से आए योगी शिवनाथ, महंत रवीन्द्र दास, वाराणसी से आए महंत संतोष दास सतुआ बाबा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर परिसर में बने नौ नवीन मंदिरों में रविवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर कमलों से देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा होगी। प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आठ मई से ही दो चरणों मे चल रहे आनुष्ठानिक कार्यक्रम भी रविवार को पूरे हो जाएंगे।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में नौ देवी-देवताओं के भव्य मंदिरों का निर्माण कराया गया है। नवीन मंदिरों में देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में दो चरणों में अनुष्ठान का शुभारंभ आठ मई को किया गया था। प्रथम चरण में 14 मई तक सप्त दिवसीय श्री शिव महापुराण ज्ञानयज्ञ का आयोजन हुआ था। सप्त दिवसीय द्वितीय चरण के अनुष्ठान का शुभारंभ 15 मई को श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथाज्ञान यज्ञ के साथ हुआ। इन दोनों कार्यक्रमों की पूर्णाहुति रविवार को होगी। पूर्णाहुति के साथ ही गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधि विधान से देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे।
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प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में चल रहे अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए मुख्यमंत्री शुक्रवार को ही गोरखनाथ मंदिर आ चुके हैं। शुक्रवार व शनिवार को उन्होंने श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ में आहुतियां डालीं और श्रीमद्भागवत कथा सुनी। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए देश के कई प्रमुख धर्माचार्य, महंत व साधु-संत भी गोरक्षपीठ में उपस्थित रहेंगे।
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आज होगी कन्हैया मित्तल की भजन संध्या
गोरखनाथ मंदिर परिसर में नवीन मंदिरों में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर रविवार शाम छह बजे से भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित भजन संध्या में सुपरिचित भजन गायक, ''''''''जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे'''''''' फेम कन्हैया मित्तल सुमधुर भजनों की प्रस्तुति करेंगे। कन्हैया ने वीडियो संदेश जारी कर सभी श्रद्धालुओं से भजन संध्या में सम्मिलित होने का अनुरोध किया है।
हरि अनन्त हैं, उनकी कथा भी अनन्त है
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने कहा कि ब्रजवासियों के कहने पर भगवान ने उन्हें ब्रह्मा कुंड में बैकुंठ का दर्शन कराया। वापस ब्रज में आने पर ग्वालों ने कहा कि हमें बैकुंठ से अच्छा अपना ब्रज हीं लगता है। उन्होंने कहा कि भगवान का कथामृत श्रवण करने से मन के सभी मल धुल जाते हैं और जीवन मंगलमय हो जाता है। हरि अनन्त हैं, और उनकी कथा भी अनन्त है। भक्त चाहे जितना सुने, कथा न समाप्त होगी ना ही सुनने से तृप्ति होगी। अयोध्या धाम से पधारे महंत राजकुमार दास ने कहा गोरक्षपीठ एक सिद्ध पीठ है, ऐसे स्थल पर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना सौभाग्य की बात है। सुग्रीव किला अयोध्या धाम से पधारे जगद्गुरु विश्वेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि इस समय उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के द्वारा रामराज्य स्थापित हुआ है। कथा में योगी कमलनाथ, योगी बालकनाथ, कटक से आए योगी शिवनाथ, महंत रवीन्द्र दास, वाराणसी से आए महंत संतोष दास सतुआ बाबा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संवाद