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Coronavirus in Gorakhpur: कोरोना मरीजों की मौत पर जारी होगा डेथ सर्टिफिकेट
Mon, 18 May 2020 07:58 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 May 2020 07:58 PM IST
सार
- सर्टिफिकेट में बताना होगा मौत का कारण
- निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए जारी हुए आदेश
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प्रतिकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कोरोना मरीजों की मौत पर डेथ सर्टिफिकेट जारी होंगे। कोरोना पॉजिटिव व निगेटिव के लिए अलग-अलग कोड होंगे। डेथ सर्टिफिकेट में बीमारी का नाम शार्ट फार्म में नहीं लिखा जाएगा। मौत के कारणों को स्पष्ट बताना होगा।
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इसे लेकर आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने आदेश जारी किया है। यह नियम निजी और सरकारी अस्पतालों पर लागू होंगे। जबकि इससे पहले बीमारी व मौत का कारण शार्ट फार्म में लिखा जाता था।
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जानकारी के मुताबिक मेडिकल साइंस में एक जैसी बीमारियों के एक जैसे शार्ट फार्म हैं। इसलिए कोरोना के पॉजिटिव व संदिग्ध मरीजों की मौत के कारणों की ऑडिट में खामियां रह जाती थीं। ऐसे में आइसीएमआर ने यह आदेश जारी किया है कि अब मौत के बाद डेथ सर्टिफिकेट का फार्मेट भरना होगा।
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भरना होगा फार्मेट
आइसीएमआर के प्लानिंग कोआर्डिनेटर डॉ. रजनीकांत ने बताया कि हार्ट, किडनी या अन्य किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित की मौत हो जाती है और वह कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तो डॉक्टर यह तय करेंगे कि उसकी मौत कैसे हुई है। यदि बीमारी से हुई है तो कारण में बीमारी का नाम लिखा जाएगा।
साथ ही नीचे 'ऑनलाइन काज कोरोना; भी दर्ज किया जाएगा। अगर किसी को हार्ट अटैक होता है और वह कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो संभव है कि उसे हार्ट अटैक कोरोना के कारण हुआ हो। ऐसे में डेथ सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। उस पर पूरी डिटेल के साथ जानकारी रहेगी जिससे की कोरोना ऑडिट में सारी चीजों का पता लगाया जा सके।
डॉ. रजनीकांत ने बताया कि सबसे पहले मरीज की मौत का कारण लिखा जाएगा। उसके बाद मरीज के इलाज के बारे में जानकारी और अंत में भर्ती होने के समय उसकी स्थिति का पूरा विवरण होगा। अगर इस बीच मौत होती है तो उसकी जानकारी पूरी लिखनी होगी।
साथ ही नीचे 'ऑनलाइन काज कोरोना; भी दर्ज किया जाएगा। अगर किसी को हार्ट अटैक होता है और वह कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो संभव है कि उसे हार्ट अटैक कोरोना के कारण हुआ हो। ऐसे में डेथ सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। उस पर पूरी डिटेल के साथ जानकारी रहेगी जिससे की कोरोना ऑडिट में सारी चीजों का पता लगाया जा सके।
डॉ. रजनीकांत ने बताया कि सबसे पहले मरीज की मौत का कारण लिखा जाएगा। उसके बाद मरीज के इलाज के बारे में जानकारी और अंत में भर्ती होने के समय उसकी स्थिति का पूरा विवरण होगा। अगर इस बीच मौत होती है तो उसकी जानकारी पूरी लिखनी होगी।