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डीडीयू के इन छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं बदहाल, छात्रावासी बोले- 'मजबूरी में कर रहे गुजारा'
Fri, 08 Jan 2021 01:25 PM IST
vivek shukla
राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 08 Jan 2021 01:25 PM IST
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टोटियां टूटीं, टाइल्स उखड़े और गिर रहा प्लास्टर
- फोटो : अमर उजाला।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध और संतकबीर छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का हाल बेहाल है। शौचालय और पीने के पानी के लिए लगाई गई टोटियां खराब हैं। वे टूट चुकी हैं। यहां टाइल्स उखड़े हैं और छत के प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं। छत पर पानी की टंकी के पास काई जमा है। आरओ का पानी भी मानक के मुताबिक नहीं मिल रहा है।
राष्ट्रीय उच्चतर अभियान (रूसा) के तहत लाखों रुपये खर्च कर छात्रावासों में मरम्मत कार्य कराया गया था। कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह के निर्देश के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध में शोध करने वाले छात्र और संतकबीर छात्रावास में परास्नातक के विद्यार्थी रहते हैं।
दोनों छात्रावास में सुविधाओं को लेकर पड़ताल की गई तो स्थिति ठीक नहीं मिली। गौतम बुद्ध छात्रावास में गैलरी में घुप अंधेरा था। भूतल में दाहिने तरफ शौचालय में यूरिनल में नीचे की पाइप ही नहीं थी। बेसिन की टोटी खराब थी और नीचे से पानी बहता हुआ दिखा। टोटियां गायब थीं। एक शौचालय में टाइल्स टूटा हुआ था। छत पर टंकी के पास काई जमी हुई थी। तीन टंकियों के ऊपर ढक्कन ही नहीं था।
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राष्ट्रीय उच्चतर अभियान (रूसा) के तहत लाखों रुपये खर्च कर छात्रावासों में मरम्मत कार्य कराया गया था। कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह के निर्देश के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध में शोध करने वाले छात्र और संतकबीर छात्रावास में परास्नातक के विद्यार्थी रहते हैं।
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दोनों छात्रावास में सुविधाओं को लेकर पड़ताल की गई तो स्थिति ठीक नहीं मिली। गौतम बुद्ध छात्रावास में गैलरी में घुप अंधेरा था। भूतल में दाहिने तरफ शौचालय में यूरिनल में नीचे की पाइप ही नहीं थी। बेसिन की टोटी खराब थी और नीचे से पानी बहता हुआ दिखा। टोटियां गायब थीं। एक शौचालय में टाइल्स टूटा हुआ था। छत पर टंकी के पास काई जमी हुई थी। तीन टंकियों के ऊपर ढक्कन ही नहीं था।
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शौचालय में फाटक ही नहीं
संतकबीर छात्रावास के भूतल में पश्चिम की ओर दो शौचालय हैं। एक में तो कोई गड़बड़ी नहीं थी लेकिन दूसरे बड़े वाले शौचालय में फाटक ही नहीं था। छत से पानी टपक रहा था। उसके पास ही कूड़े का ढेर लगा था। जिसे बहुत दिनों से हटाया नहीं गया है।
छात्रावासी आशुतोष तिवारी ने बताया कि टंकी की सफाई हुए काफी दिन हो गए हैं। कुलपति निरीक्षण करने आए थे। व्यवस्था सुधारने का निर्देश भी दिए लेकिन कोई काम नहीं हुआ। शौचालय के बाहर ही बदबू आती है। ऐसे में पढ़ाई का माहौल कैसे बनेगा?
छात्रावासी सौरभ ने बताया कि गैलरी के छत का प्लास्टर मेरे सामने ही गिरा। गनीमत रही कि हम बच गए। शौचालय की सफाई नियमित नहीं होती है। आरओ का पानी भी सामान्य पानी की तरह ही आ रहा है। ऐसे में मजबूरी में यहां रहना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को यहां की सुविधाओं के बारे में कोई ख्याल ही नहीं है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि सभी छात्रावासों का निरीक्षण किया था, गड़बड़ी मिली थी। जिसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी ने अभी रिपोर्ट नहीं दी है। छात्रावासों में अगर कहीं मूलभूत सुविधाएं ठीक नहीं है तो उसे जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।
छात्रावासी आशुतोष तिवारी ने बताया कि टंकी की सफाई हुए काफी दिन हो गए हैं। कुलपति निरीक्षण करने आए थे। व्यवस्था सुधारने का निर्देश भी दिए लेकिन कोई काम नहीं हुआ। शौचालय के बाहर ही बदबू आती है। ऐसे में पढ़ाई का माहौल कैसे बनेगा?
छात्रावासी सौरभ ने बताया कि गैलरी के छत का प्लास्टर मेरे सामने ही गिरा। गनीमत रही कि हम बच गए। शौचालय की सफाई नियमित नहीं होती है। आरओ का पानी भी सामान्य पानी की तरह ही आ रहा है। ऐसे में मजबूरी में यहां रहना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को यहां की सुविधाओं के बारे में कोई ख्याल ही नहीं है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि सभी छात्रावासों का निरीक्षण किया था, गड़बड़ी मिली थी। जिसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी ने अभी रिपोर्ट नहीं दी है। छात्रावासों में अगर कहीं मूलभूत सुविधाएं ठीक नहीं है तो उसे जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।