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गोरखपुर: DDU की परीक्षाएं तय समय से, महाविद्यालयों पर संशय

Tue, 01 Nov 2022 02:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 01 Nov 2022 02:29 PM IST
सार

विश्वविद्यालय ने गुआक्टा के इस आरोप को खारिज किया है कि बिना पढ़ाई के परीक्षा कराई जा रही है। विश्वविद्यालय का कहना है कि जुलाई में ही शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया गया था। पठन-पाठन कार्य भी जुलाई में ही प्रारंभ हो गया था। अगर महाविद्यालय सीबीसी प्रणाली को समय रहते नहीं समझे तो वह शैक्षिक विकास की दौड़ में पीछे छूट जाएंगे।

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DDU exams on schedule doubts on colleges
DDU gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं में महाविद्यालयों द्वारा सहयोग न मिलने पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। विवि प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि विश्वविद्यालय की मिड टर्म की परीक्षाएं घोषित कार्यक्रम के मुताबिक होंगी। लेकिन, महाविद्यालयों की परीक्षाएं बाद में कराने पर भी विचार करने की बात कही गई है। वहीं, प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को पढ़ाई का समय दिया गया है, उनकी परीक्षाएं टल गई हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि प्रथम सेमेस्टर को छोड़कर तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर की परीक्षाएं घोषित समय-सारिणी के अनुसार होंगी। प्रथम सेमेस्टर का प्रवेश विलंब से हुआ है, ऐसे में उसकी परीक्षा बाद में कराई जाएगी।
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मीडिया सेल से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक महाविद्यालय सीबीसीएस को समझने और अपनाने की कोशिश नहीं कर रहे। ऐसे में अगर समय से प्रवेश व परीक्षा नहीं कराई गई तो पूरा सेमेस्टर शून्य करने का निर्णय लेना पड़ेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि नई शिक्षा नीति के तहत लागू सीबीसीएस के क्रियान्वयन में राज्य विश्वविद्यालयों में गोरखपुर विश्वविद्यालय अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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सीबीसीएस प्रणाली के क्रियान्वयन में प्रमुख बिंदु है शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप समय से प्रवेश करना तथा समय से परीक्षा सुनिश्चित होना, संबद्ध महाविद्यालयों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। महाविद्यालयों तथा गुआक्टा के प्रतिनिधियों की मांग पर ही पहले ही पांच बार परीक्षा की तिथि बढ़ाई गई है। ऐसे में अब यह तिथि नहीं बढ़ाई जाएगी।

बिना पढ़ाई परीक्षा का आरोप भी किया खारिज
विश्वविद्यालय ने गुआक्टा के इस आरोप को खारिज किया है कि बिना पढ़ाई के परीक्षा कराई जा रही है। विश्वविद्यालय का कहना है कि जुलाई में ही शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया गया था। पठन-पाठन कार्य भी जुलाई में ही प्रारंभ हो गया था। अगर महाविद्यालय सीबीसी प्रणाली को समय रहते नहीं समझे तो वह शैक्षिक विकास की दौड़ में पीछे छूट जाएंगे।

गुआक्टा का पलटवार, झूठ बोल रहा है विवि प्रशासन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय संघ (गुआक्टा) के अध्यक्ष डॉ डीके तिवारी एवं महामंत्री डॉ धीरेंद्र सिंह ने पलटवार करते हुए विवि प्रशासन पर ही झूठ बोलने का आरोप लगाया है।

पदाधिकारियों का कहना है कि जुलाई तक विश्वविद्यालय किसी भी विषय का प्रवेश परीक्षा ही नहीं करा पाया था। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रवेश कार्य सितंबर तक चला है। उसके बाद कक्षाएं चलने की बात सोची जा सकती है। विश्वविद्यालय प्रथम सेमेस्टर और सेकेंड सेमेस्टर का परीक्षाफल समय से नहीं दे पाया है।


अपनी नाकामी को छुपाने के लिए गलत बयानबाजी की जा रही है। कुलपति, महाविद्यालय के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की धमकी दे रहे हैं और दोषारोपण महाविद्यालयों पर कर रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो महाविद्यालय के सभी छात्र, शिक्षकों के साथ विवि पहुंचेंगे और निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे।
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