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पढ़ाई के लिए रोजाना 60 KM तय किया सफर: पिता बेचते हैं ठेले पर मिठाई, बेटी ने नौ गोल्ड मेडल पाकर धाक जमाई

Thu, 29 Jun 2023 10:30 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 29 Jun 2023 10:30 AM IST
सार

रचना का सपना आईएएस बनना है। मूलत: देवरिया शहर के गरूढ़पार, न्यू कॉलोनी के रहने वाले राज कुमार गुप्ता की दो बेटियां व एक बेटे में रचना सबसे छोटी हैं।

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Daughter of sweets vendor got nine gold medals in Gorakhpur University
सबसे अधिक गोल्ड पाने वाली रचना गुप्ता को मेडल उपाधि देते कुलपति प्रो.राजेश सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मन में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बाधाएं आपके कदम नहीं रोक सकतीं। कदम मंजिल तक पहुंच ही जाते हैं। इसे साबित करके दिखाया है देवरिया की बेटी रचना गुप्ता ने, जिनके पिता ठेले पर मिठाई बेचते हैं। गरीबी के बीच पली-बढ़ीं रचना को कदम-कदम पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

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रोजाना 60 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करके गोरखपुर विश्वविद्यालय पढ़ने आती रहीं। लेकिन, कठिन हालात के आगे हारने के बजाय डटकर उनसे जूझीं और कड़ी मेहनत करके दीक्षांत समारोह में सर्वाधिक नौ गोल्ड मेडल हासिल किए। अपने पिता और देवरिया का मान बढ़ाने के साथ एक नजीर भी पेश की।
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रचना का सपना आईएएस बनना है। मूलत: देवरिया शहर के गरूढ़पार, न्यू कॉलोनी के रहने वाले राज कुमार गुप्ता की दो बेटियां व एक बेटे में रचना सबसे छोटी हैं। बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रचना ने देवरिया स्थित मॉडर्न सिटी मांटेसरी स्कूल से 12 वीं तक की तालीम हासिल करने के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीएससी गणित में 68 फीसदी और एमएससी गणित में 93.05 फीसदी अंक प्राप्त किया है।

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रचना की इस उपलब्धि पर दो विश्वविद्यालय गोल्ड मेडल और सात स्मृति गोल्ड मेडल दिए गए हैं। रचना अब सिविल सर्विसेज में जाना चाहती हैं। इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी है।
 

दीक्षांत समारोह में जब रचना को गोल्ड मेडल दिया जा रहा था उनके बड़े भाई विजय गुप्ता भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बहन की इस उपलब्धि पर हम सभी को गर्व है। परिवार में हर्ष का माहौल है। हम लोग रचना के हर सपना को पूरा कराने में जी-जान लगा देंगे।

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