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Gorakhpur News: जिंदा मिली बेटी, अब अज्ञात शव की पहचान में दोबारा जुटेगी पुलिस

Wed, 28 Oct 2026 03:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 03:06 AM IST
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Daughter found alive; police will now resume efforts to identify the unidentified body.
- गुलरिहा के चिलुआताल नदी के पास मिले शव को बेटी मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार
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- एसपी सिटी बोले- परिजनों और संरक्षण केंद्र के संचालक से होगी पूछताछ
- डीएनए रिपोर्ट के लिए एफएसएल को लिखा जाएगा पत्र, पुलिस दोबारा शुरू करेगी जांच

वाचस्पति पांडेय
गोरखपुर। प्रयागराज के लालगोपालगंज की जिस युवती को मृत मानकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, उसके गुजरात में सुरक्षित मिलने के बाद अब गोरखपुर पुलिस के सामने अज्ञात शव की असली पहचान करने की चुनौती है। चिलुआताल नदी के पास मिले शव को प्रीती का मानकर परिजनों ने पहचान की थी, लेकिन गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र में उसके जीवित मिलने से पहचान को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए डीएनए सैंपल की रिपोर्ट हासिल करने के साथ ही दूसरे पहलुओं की भी जांच करेगी।

दरअसल, गुलरिहा थाना क्षेत्र में बीते 30 सितंबर को चिलुआताल नदी के पास झाड़ियों में एक अज्ञात युवती का शव मिला था। यक्ष एप के जरिये मिलान होने पर पुलिस ने प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज प्रीती की गुमशुदगी के मामले से उसका संभावित संबंध जोड़ते हुए परिजनों को सूचना दी थी। इसके बाद मां कमला देवी और परिवार के अन्य सदस्य गोरखपुर पहुंचे थे। शव क्षत-विक्षत होने के बावजूद परिजनों ने हाथ पर बने टैटू, नाक के तिल और शरीर पर जले के निशान के आधार पर उसे प्रीती मान लिया था।
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पुलिस ने डीएनए सैंपल लेने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। हालांकि, रिपोर्ट आने से पहले ही परिवार ने चार अक्तूबर को गांव में अंतिम संस्कार कर दिया और बाद में तेरहवीं भी कर दी। लेकिन, शनिवार को एसीपी सोरांव गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र से कॉल आई कि उमरावगंज की रहने वाली प्रीती वहां सुरक्षित है। पुलिस ने जब यह सूचना मां कमला देवी को दी तो उन्हें अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ। फिर उन्होंने वीडियो कॉल पर बात कराई।
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एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि युवती के परिजनों ने अभी गोरखपुर पुलिस से संपर्क नहीं किया है। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस परिजनों और गुजरात के संरक्षण केंद्र के संचालक से पूछताछ करेगी। पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए डीएनए सैंपल की रिपोर्ट के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) को पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा आसपास के जिलों के थानों से दोबारा संपर्क कर अज्ञात शव की पहचान कराने का प्रयास किया जाएगा।
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पहचान के लिए इन बिंदुओं पर भी होगा काम
पुलिस अज्ञात शव की पहचान के लिए आसपास के जिलों के थानों से संपर्क कर हाल में मिली लावारिस महिलाओं के शवों और दर्ज गुमशुदगी के मामलों का दोबारा मिलान करा सकती है। शव मिलने के समय तैयार किए गए पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और उपलब्ध तस्वीरों का भी दोबारा परीक्षण महत्वपूर्ण होगा। जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों की पुलिस से भी जानकारी साझा की जा सकती है। इसके साथ ही डीएनए रिपोर्ट से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि बरामद शव का प्रीती से जैविक संबंध था या नहीं। गुजरात के संरक्षण केंद्र से युवती के वहां पहुंचने, उसकी पहचान की पुष्टि और उपलब्ध दस्तावेजों के संबंध में जानकारी जुटाना भी जांच का अहम हिस्सा होगा। हालांकि, इन अतिरिक्त कदमों पर पुलिस की ओर से अभी अलग से पुष्टि नहीं की गई है।

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परिजनों की पहचान और डीएनए रिपोर्ट पर टिकी जांच
प्रीती के जीवित मिलने से यह साफ हो गया है कि परिवार ने जिस शव का अंतिम संस्कार किया, उसकी पहचान की पुष्टि वैज्ञानिक जांच पूरी होने से पहले नहीं हो सकी थी। अब पुलिस के लिए जरूरी है कि डीएनए रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शव की पहचान स्पष्ट की जाए, ताकि किसी अन्य लापता युवती के मामले से उसका संबंध सामने आ सके।
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