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Muharram 2023: चांद दिखा, इस्लामी नए साल का हुआ आगाज, रवायती अंदाज में निकलेगा जुलूस
Thu, 20 Jul 2023 01:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 20 Jul 2023 01:22 PM IST
सार
पांचवीं, नवीं और दसवीं मुहर्रम के जुलूस में पुलिस लाईन की तरफ से पुरानी रवायत के मुताबिक घुड़सवार दस्ता जुलूस के साथ चलता है। इमामबाड़ा इस्टेट के शाही जुलूस मे रवायती अंदाज में लाठी, बल्लम, तलवार आदि लेकर मियां साहब के आगे चलते लोग आकर्षण का केंद्र होते हैं।
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मोहर्रम की तैयारी को लेकर सजाया गया मियां साहब इमामबाड़ा स्टेट
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इस्लामी नए साल यानी 1445 हिजरी का आगाज बुधवार से हो गया। माहे मुहर्रम की पहली तारीख बृहस्पतिवार को है। शाम को उलमा किराम ने मस्जिदों में ‘जिक्रे शोह-दाए-कर्बला’ महफिल में हजरत सैयदना इमाम हुसैन व उनके साथियों की फजीलत बयान की। माहे मुहर्रम का चांद होते ही रात की नमाज के बाद मुस्लिम बाहुल्य मोहल्लों में चहल-पहल बढ़ गई।
इमामबाड़ा इस्टेट की ओर से निकलने वाले जुलूस को लेकर कार्यक्रम जारी किया गया। मुहर्रम की तीन (22 जुलाई), चार (23 जुलाई ), छह (25 जुलाई ), सात (26 जुलाई) आठ तारीख (27 जुलाई) को 7.30 बजे शाम में इमामबाड़ा इस्टेट परिसर में मियां साहब का गश्त पश्चिम फाटक से बाहर होते हुए उत्तर फाटक से अंदर दाखिल होगा। गश्त के बाद इमामबाड़ा में मजलिस का कार्यक्रम होगा।
पांचवी मोहर्रम (24 जुलाई ) काे जुलूस इमामबाड़ा इस्टेट से सुबह नौ बजे रवाना होकर कमाल शहीद, बक्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौराहा, बेनीगंज, जाफरा बाजार से होता हुआ कर्बला के मैदान में पहुंचेगा। कर्बला से जुलूस रवाना होकर घासी कटरा, मिर्जापुर, खूनीपुर, नखास चौराहा होते हुए इमामबाड़ा स्टेट के दक्षिण फाटक से अंदर दाखिल होगा।
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इसे भी पढ़ें: 300 साल की धरोहर को समेटे हुए है इमामबाड़ा इस्टेट, आज भी मौजूद है रौशन अली का सामान
नवीं मुहर्रम (28 जुलाई) का जुलूस इमामबाड़ा इस्टेट के पश्चिम फाटक से रात 9.30 बजे रवाना होकर कमाल शहीद मजार से आगे स्टेट बैंक खूनीपुर से होता हुआ चौरहिया गोला पहुंच कर इस्माईलपुर की तरफ मुड़कर नखास चौराहा होते हुए इमामबाड़ा दक्षिण फाटक से अंदर दाखिल होगा।
दसवीं मोहर्रम (29 जुलाई ) का जुलूस इमामबाड़ा से सुबह नौ बजे रवाना होकर कमाल शहीद, बक्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौराहा, बेनीगंज, जाफराबाजार से होता हुआ कर्बला के मैदान में पहुंचेगा। कर्बला से जुलूस रवाना होकर घासी कटरा, मिर्जापुर होता हुआ नखास चौराहे से गुजर कर कोतवाली होता हुआ इमामबाड़ा इस्टेट के दक्षिण फाटक से अंदर दाखिल होगा। इमामबाड़ा इस्टेट की ओर से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर उचित व्यवस्था कराए जाने की मांग की गई है।
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इमामबाड़ा इस्टेट की ओर से निकलने वाले जुलूस को लेकर कार्यक्रम जारी किया गया। मुहर्रम की तीन (22 जुलाई), चार (23 जुलाई ), छह (25 जुलाई ), सात (26 जुलाई) आठ तारीख (27 जुलाई) को 7.30 बजे शाम में इमामबाड़ा इस्टेट परिसर में मियां साहब का गश्त पश्चिम फाटक से बाहर होते हुए उत्तर फाटक से अंदर दाखिल होगा। गश्त के बाद इमामबाड़ा में मजलिस का कार्यक्रम होगा।
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पांचवी मोहर्रम (24 जुलाई ) काे जुलूस इमामबाड़ा इस्टेट से सुबह नौ बजे रवाना होकर कमाल शहीद, बक्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौराहा, बेनीगंज, जाफरा बाजार से होता हुआ कर्बला के मैदान में पहुंचेगा। कर्बला से जुलूस रवाना होकर घासी कटरा, मिर्जापुर, खूनीपुर, नखास चौराहा होते हुए इमामबाड़ा स्टेट के दक्षिण फाटक से अंदर दाखिल होगा।
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नवीं मुहर्रम (28 जुलाई) का जुलूस इमामबाड़ा इस्टेट के पश्चिम फाटक से रात 9.30 बजे रवाना होकर कमाल शहीद मजार से आगे स्टेट बैंक खूनीपुर से होता हुआ चौरहिया गोला पहुंच कर इस्माईलपुर की तरफ मुड़कर नखास चौराहा होते हुए इमामबाड़ा दक्षिण फाटक से अंदर दाखिल होगा।
दसवीं मोहर्रम (29 जुलाई ) का जुलूस इमामबाड़ा से सुबह नौ बजे रवाना होकर कमाल शहीद, बक्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौराहा, बेनीगंज, जाफराबाजार से होता हुआ कर्बला के मैदान में पहुंचेगा। कर्बला से जुलूस रवाना होकर घासी कटरा, मिर्जापुर होता हुआ नखास चौराहे से गुजर कर कोतवाली होता हुआ इमामबाड़ा इस्टेट के दक्षिण फाटक से अंदर दाखिल होगा। इमामबाड़ा इस्टेट की ओर से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर उचित व्यवस्था कराए जाने की मांग की गई है।
रवायती अंदाज में निकलेगा जुलूस
पांचवीं, नवीं और दसवीं मुहर्रम के जुलूस में पुलिस लाईन की तरफ से पुरानी रवायत के मुताबिक घुड़सवार दस्ता जुलूस के साथ चलता है। इमामबाड़ा इस्टेट के शाही जुलूस मे रवायती अंदाज में लाठी, बल्लम, तलवार आदि लेकर मियां साहब के आगे चलते लोग आकर्षण का केंद्र होते हैं। मियां साहब के साथ उनके निजी और पुश्तैनी सैनिक जुलूस का हिस्सा होते हैं।
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सौंपा मांग पत्र
हिंदू मुस्लिम एकता कमेटी की ओर से बुधवार को एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। कमेटी के अध्यक्ष शाकिर अली सलमानी बताया कि हुसैन चौक उचवां और चक्शा हुसैन संत झूलेलाल नगर वार्ड की स्थिति बहुत खराब है। जिन मार्गाें से जुलूस निकलना है, वहां जलभराव है। इस समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में रहमत अली, सोहराब अली, शाहिद अंसारी, इमरान, दानिश अंसारी ,वीरू अहमद, नूर अहमद, सदरे आलम शामिल रहे।
पुस्तक से कर्बला के शहीदों का पैगाम फैला रहे नौजवान
हजरत सैयदना इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों व पैगाम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तंजीम दावतुस्सन्नह ने मुस्लिम समाज में दीनी पुस्तक बांटने का फैसला किया है। इसके तहत तुर्कमानपुर, गाजी रौजा, रायगंज, दीवान बाजार, बक्शीपुर, रहमतगर, खोखर टोला सहित तमाम जगहों पर दीनी पुस्तक बांटी गई। यह सिलसिला दसवीं मुहर्रम तक जारी रहेगा। पुस्तक वितरण में मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी, कारी मोहम्मद अनस रजवी, हाफिज रहमत अली निजामी, मौलाना महमूद रजा, अली गजनफर शाह सहित तमाम लोग सहयोग कर रहे हैं।
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सौंपा मांग पत्र
हिंदू मुस्लिम एकता कमेटी की ओर से बुधवार को एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। कमेटी के अध्यक्ष शाकिर अली सलमानी बताया कि हुसैन चौक उचवां और चक्शा हुसैन संत झूलेलाल नगर वार्ड की स्थिति बहुत खराब है। जिन मार्गाें से जुलूस निकलना है, वहां जलभराव है। इस समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में रहमत अली, सोहराब अली, शाहिद अंसारी, इमरान, दानिश अंसारी ,वीरू अहमद, नूर अहमद, सदरे आलम शामिल रहे।
पुस्तक से कर्बला के शहीदों का पैगाम फैला रहे नौजवान
हजरत सैयदना इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों व पैगाम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तंजीम दावतुस्सन्नह ने मुस्लिम समाज में दीनी पुस्तक बांटने का फैसला किया है। इसके तहत तुर्कमानपुर, गाजी रौजा, रायगंज, दीवान बाजार, बक्शीपुर, रहमतगर, खोखर टोला सहित तमाम जगहों पर दीनी पुस्तक बांटी गई। यह सिलसिला दसवीं मुहर्रम तक जारी रहेगा। पुस्तक वितरण में मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी, कारी मोहम्मद अनस रजवी, हाफिज रहमत अली निजामी, मौलाना महमूद रजा, अली गजनफर शाह सहित तमाम लोग सहयोग कर रहे हैं।