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Gorakhpur News: माफिया के अंडरग्राउंड क्राइम की जड़ खोजेगी एलआईयू
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गोरखपुर। जिले के टॉप बदमाशों के पेशे की पुलिस ने गोपनीय जांच भी शुरू कर दी है। दरअसल, माफिया अजीत शाही और विनोद उपाध्याय के अवैध कामों में लगे उनके गुर्गे और तरीके को पुलिस जान चुकी है और उस पर केस भी दर्ज कर ली है, लेकिन अन्य माफिया काम करते हैं, यह तो पुलिस जानती है, लेकिन किसके-किसके नाम का इस्तेमाल करते हैं, यह आज भी सुनी, सुनाई ही है। यही वजह है कि माफिया का कमर तोड़ने के लिए एसएसपी ने एलआईयू को भी लगा दिया है। एक-एक माफिया के काले कारनामे की जांच पुलिस कर रही है ताकि उनके साथ ही उनके गुर्गों और अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को भी जब्त किया सके।
जानकारी के मुताबिक, माफिया अंडरग्राउंड क्राइम कर रहे थे, लेकिन खुले तौर पर सामने नहीं आने की वजह से पुलिस ने भी मान लिया था कि उन्होंने अपराध से तौबा कर ली है। लेकिन रेलवे कोऑपरेटिव बैंक में घुसकर धमकाने और रंगदारी मांगने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो एक के बाद एक मामले खुलकर सामने आने लगे। जांच में पता चला कि माफिया अजीत शाही, अजीतवीर विक्रम सिंह बनकर खुद को बेदाग कर कारोबार कर रहा है तो माफिया विनोद उपाध्याय धमकाकर दूसरे की फर्म पर पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी तो महिला मित्र व गुर्गों की मदद से जमीन का धंधा कर रहा है। इन दो माफिया की करतूत उजागर हो चुकी है, जो पुलिस के केस में भी दर्ज हैं। लेकिन, माफिया राकेश यादव, सुधीर सिंह, राजन तिवारी जैसे माफिया किसके नाम पर ठेका और जमीन का कारोबार कर रहे हैं, कहां तक इनकी जड़े फैली हैं, यह सामने आना बाकी है। यही वजह है कि माफिया पर शासन की मंशा के अनुरूप कार्रवाई में जुटी पुलिस ने जड़े खंगालने में एलआईयू को भी लगा दिया है।
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वर्जन
पुलिस शासन की मंशा के अनुरूप सभी माफिया पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस गोपनीय तरीके से माफिया के करतूतों की जानकारी कर उस पर कार्रवाई कर रही है। गैंगस्टर व दूसरे माध्यमों से माफिया की अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई है।
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कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी
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जानकारी के मुताबिक, माफिया अंडरग्राउंड क्राइम कर रहे थे, लेकिन खुले तौर पर सामने नहीं आने की वजह से पुलिस ने भी मान लिया था कि उन्होंने अपराध से तौबा कर ली है। लेकिन रेलवे कोऑपरेटिव बैंक में घुसकर धमकाने और रंगदारी मांगने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो एक के बाद एक मामले खुलकर सामने आने लगे। जांच में पता चला कि माफिया अजीत शाही, अजीतवीर विक्रम सिंह बनकर खुद को बेदाग कर कारोबार कर रहा है तो माफिया विनोद उपाध्याय धमकाकर दूसरे की फर्म पर पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी तो महिला मित्र व गुर्गों की मदद से जमीन का धंधा कर रहा है। इन दो माफिया की करतूत उजागर हो चुकी है, जो पुलिस के केस में भी दर्ज हैं। लेकिन, माफिया राकेश यादव, सुधीर सिंह, राजन तिवारी जैसे माफिया किसके नाम पर ठेका और जमीन का कारोबार कर रहे हैं, कहां तक इनकी जड़े फैली हैं, यह सामने आना बाकी है। यही वजह है कि माफिया पर शासन की मंशा के अनुरूप कार्रवाई में जुटी पुलिस ने जड़े खंगालने में एलआईयू को भी लगा दिया है।
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वर्जन
पुलिस शासन की मंशा के अनुरूप सभी माफिया पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस गोपनीय तरीके से माफिया के करतूतों की जानकारी कर उस पर कार्रवाई कर रही है। गैंगस्टर व दूसरे माध्यमों से माफिया की अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई है।
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कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी