गोरखपुर: सड़क हादसे में युवक की मौत, नाराज परिजनों ने खोराबार थाने पर किया प्रदर्शन
लावारिस में जिला अस्पताल में युवक को पुलिस ने भर्ती कराया था। परिजन युवक की तलाश में दो थाने का चक्कर लगा रहे थे। फेसबुक से पता चला कि हादसे में युवक घायल हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले के खोराबार इलाके में जंगल रामगढ़ के पास छह जनवरी को सड़क हादसे में घायल विक्की (24) की सोमवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। नाराज परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेकर थाने पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिए। उनका आरोप था कि पुलिस की लापरवाही की वजह से लावारिस में विक्की का जिला अस्पताल में उपचार चला था। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर लोगों को शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक पर लापरवाही से वाहन चलाकर हत्या करने की धारा में केस दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, खोराबार गांव निवासी विक्की खजनी क्षेत्र के महुआडाबर में अपने भाई के ससुराल गया था। वहां से वह छह जनवरी को बाइक से घर आने के लिए निकला था। उसी दिन शाम करीब 6.30 बजे फोरलेन से सटे जंगल रामगढ़ के समीप बानपोखर देवी मंदिर के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आकर घायल हो गया। आसपास के लोगों ने 112 नंबर पर पुलिस और 108 नंबर एंबुलेंस पर सूचना दी।
एंबुलेंस उसे पीएचसी खोराबार लाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल की बाइक को पुलिस ने रामनगर कड़जहा चौकी पर जमा कर दी। लेकिन, पहचान करने की कोशिश नहीं की गई। इधर, परिजन उसकी तलाश में खजनी एवं खोराबार थाने का चक्कर लगा रहे थे। 15 जनवरी को फेसबुक के जरिए परिजनों को जानकारी मिली की विक्की लावारिस हालत में जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
परिजन वहां से उसे तारामंडल स्थित निजी अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। इससे नाराज लोग थाने पर प्रदर्शन करने लगे। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के चलते घायल की पहचान नहीं हो सकी, जबकि बाइक पुलिस के कब्जे में ही थी। लावारिस भर्ती नहीं हुआ होता तो हम लोग बेहतर इलाज कराए होते। मृतक के पिता दीनदयाल ने बताया कि वह अविवाहित और चार भाई में तीसरे नंबर का था। मजदूरी करता था। विक्की हेलमेट नहीं लगाया था।
चौकी इंचार्ज पंकज कुमार सिंह का कहना हैं कि 112 नंबर पीआरबी पुलिस से दुर्घटना होने की सूचना मिली थी। पुलिस के पहुंचने से पहले उसे आसपास के लोगों ने जिला अस्पताल भेजवा दिया था। पीएचसी खोराबार भी नहीं ले जाया गया। पुलिस जांच कर रही थी।