गोरखपुर: जेसीबी से कुचलकर महिला की मौत पर हंगामा, ग्रामीणों ने गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर लगाया जाम
पुलिस झड़प, तीन थाने की फोर्स ने ग्रामीणों को हटाया, हंगामा के दौरान गुजर रहे लोगों से भी की गई मारपीट
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गोरखपुर जिले के पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल कौड़िया के पास बुधवार शाम जेसीबी से कुचलकर एक महिला की मौत पर हंगामा हो गया। जेसीबी की रफ्तार तेज होने से हादसा का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जेसीबी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। चालक फरार हो गया था और तोड़फोड़ की सूचना पर आई पुलिस से ग्रामीणों की झड़प हो गई।
नाराज भीड़ ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गोरखपुर-सोनौली मार्ग को ब्लॉक मुख्यालय के सामने जाम कर दिया। तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंची तब जाकर ग्रामीणों को हटाया जा सका। पुलिस ने जेसीबी चालक पर कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। इस दौरान कई राहगीर से भी मारपीट की गई है।
जानकारी के मुताबिक, दाढ़ाडीह निवासी मीरा देवी (50) पत्नी स्व. नंदलाल सिंह सब्जी खरीदने के लिए जयराम सिंह की बाइक से गई थीं। वह बाइक से उतरकर सब्जी खरीद ही रही थीं कि इसी दौरान तेज रफ्तार जेसीबी ने रौंद दिया। हादसे में मीरा देवी की मौके पर ही मौत हो गई और वहीं पर अध्यापक जयराम सिंह घायल हो गए हैं।
बाजार में जेसीबी की तेज रफ्तार होने से ग्रामीण उग्र हो गए। इस दौरान मौका पाकर चालक फरार हो गया। नाराज ग्रामीणों ने जेसीबी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। बाजार में हंगामा की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो भीड़ उलझ गई। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने अफसरों को सूचना दी।
सूचना पर पीपीगंज थाने के अलावा कैंपियरगंज और चिलुआताल थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई और मामले को समझा बुझाकर शांत कराने की कोशिश में थी कि ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। भीड़ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया है।
पति की मौत के बाद पाई थी नौकरी
मीरा देवी के पति शिक्षक थे। उनकी मौत 26 साल पहले ही हो गई थी। उनके मौत के बाद ही मीरा देवी चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पाई थी। मौत के बाद पूरे परिवार में चीख पुकार मची है।
क्रेन चालक को छोड़ने का भी आरोप
ग्रामीणों का गुस्सा क्रेन चालक को छोड़ने के बाद भड़का है। आरोप है कि क्रेन चालक तभी आगे जाने पर पकड़ लिया गया था लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया है। हालांकि पुलिस इससे इनकार कर रही है।
उत्पाती भीड़ ने की पत्रकार से मारपीट
घटना का कवरेज करने गए वरिष्ठ पत्रकार अंबुज गुप्ता से भी भीड़ ने मारपीट की है। वह बताते रहे कि घटना की कवरेज करने आए हैं लेकिन उत्पाती भीड़ ने एक नहीं सुना। कवरेज करने गए पत्रकार के साथ मारपीट भी की है। इस दौरान पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। पत्रकार का कहना है कि आरोपी को पहचान लिया है। इसकी जानकारी भी पुलिस को दी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस का रवैया बेहद खराब रहा है।