गोरखपुर: मुठभेड़ में दबोचे गए तीन शातिर, असलहा लहराते डांस का वीडियो हुआ था वायरल
- असलहा लहराकर डांस करने का आरोपी समेत तीन बदमाशों को किया गिरफ्तार
- पुलिस ने रामलखना के पास से तीनों को पकड़ा, पुलिस पर फायरिंग भी की
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गोरखपुर में तीन शातिर बदमाशों को पुलिस ने शनिवार को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। खोराबार पुलिस ने आर्केस्ट्रा में तमंचा लहराकर डांस करने के आरोपी रामलखना लोहरान टोला निवासी विजय राजभर, शातिर वन तस्कर जंगल रामलखना निवासी शिवशरन और धर्मेंद्र निषाद निवासी जंगल रामलखना (बरई टोला) को गिरफ्तार किया है। इस दौरान तीनों ने पुलिस के ऊपर फायरिंग भी की।
पुलिस ने तीनों के पास से तीन तमंचा व कारतूस भी बरामद किया है। तीनों ने ही गत मंगलवार को शादी समारोह में आर्केस्ट्रा में पहुंच कर अन्य साथियों के साथ असलहा लेकर डांस किया था। साथ ही दहशत फैलाने के लिए वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया था।
अभी भी इनके कुछ साथियों की पुलिस पहचान व तलाश में जुटी है, जो उस वीडियो में डांस कर रहे हैं और उनके पास असलहा था। पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट में दो केस दर्ज किया है।
एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर खोराबार राहुल कुमार सिंह व चौकी इंचार्ज रामनगर कड़जहा चंदन सिंह शनिवार को कड़जहां मोड़ पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जंगल रामलखना में दुर्गा मंदिर उर्फ बनसप्ति निकट सैनपुर में तीन अपराधी बैठे हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश में हैं।
सूचना पर पुलिस रामलखना दुर्गा मंदिर के पास पहुंची। पुलिस को देखते ही तीनों बदमाश पुलिस पर फायरिंग कर जंगल की ओर भागने लगे। खुद को बचाते हुए पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। तीनों ने बताया कि उन्होंने वर्चस्व कायम करने के लिए अवैध तमंचे के साथ फोटो खिंचाकर व विडियो बना कर वायरल किया था।
डिप्टी रेंजर को गोली मारने का आरोपित है शिवशरन
पुलिस के अनुसार शिवशरन वन माफिया व लकड़ी का तस्कर है। वह जंगल से चोरी से लकड़ी कटवा कर उसकी तस्करी करता है। उसने 15 जुलाई 2018 को जंगल रामलखना में लकड़ी चोरी की सूचना पर पहुंचे खोराबार के डिप्टी रेंजर रहे डीएन पांडेय को गोली मार दी थी। जिसके आरोप में शिवशरन व शेषमणि समेत 12 लोगों पर केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।
इससे पहले शिवशरन ने 2017 में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। शिवशरन ने 2009 से ही जंगल से लकड़ी चोरी करना शुरू किया था। अबतक उसके खिलाफ कुल 15 केस खोराबार थाने में दर्ज है। जिसमें वन अधिनियम, लकड़ी चोरी, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट आदि के आरोप है। डिप्टी रेंजर को गोली मारने के घटना के बाद पुलिस ने सख्ती की और उस पर गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर व एनएसए (रासुका) की कार्रवाई की थी।